गुरु गोविंद सिंह जी का प्रकाश पर्व 6 जनवरी 2025 वाहेगुरु जी दा खालसा वाहेगुरु जी दी फतेह।
बहराइच उत्तर प्रदेश

सिखों के दसवें गुरु गुरु गोविंद सिंह का जन्म पौष शुक्ल सप्तमी संवत 1723 विक्रम तदनुनुसार 22 दिसंबर 1667 को हुआ था।
इनके माता का नाम गुजरी जी तथा पिता का नाम तेग बहादुर सिंह जी था इनका जन्म पटना में हुआ था।
परिवार के सभी सदस्य धार्मिक प्रवृत्ति के लोग थे पिता के वचनों के अनुसार सन 1699 में बैसाखी वाले दिन गुरु जी पंज प्यारों से अमृत छका था।
अमृतछक करके इन्होंने सिख धर्म के दसवें गुरु ,गुरु गोविंद सिंह के रूप में जाने गए।
धर्म की रक्षा हेतु गुरु गोविंद सिंह का अवतार हुआ गुरु गोविंद सिंह ने 1699 में खालसा पंथ की स्थापना की थी
गुरु गोविंद सिंह एक महान समाज सुधारक थे धर्म की रक्षा हेतु इन्होंने अपने जीवन को बलि दान कर दिया।
गुरु गोविंद सिंह जी ने 42 वर्षों तक डट करके धर्म की रक्षा हेतु मुकाबला किया
इन्होंने धर्म और संस्कृति को आगे बढ़ाया तथा प्रेम और सौहार्द की स्थापना की
गुरु गोविंद सिंह की मृत्यु 7 अक्टूबर 1708 ईस्वी में हुई थी।
आज गुरु गोविंद सिंह की जयंती के रूप में यह प्रकाश का पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया गया है
यह खबर बहराइच जिले के अंतर्गत ग्राम पंचायत सिया पुरवा से है।
जहां गुरुद्वारे में साफ सफाई का कार्य तकरीबन एक हफ्ते से चल रहा था
आज सोमवार 6 जनवरी 2025 को लोगों ने गुरुद्वारा में एकत्रित होकर गुरु गोविंद सिंह को तहे दिल से याद किया
सभी सिख भाइयों ने गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ पाठ किया
जीवन की मंगल कामना के लिए सभी लोगों ने एक साथ वाहेगुरु जी की इबादत की
सब लोगों ने एक साथ लंगर छका तथा गुरुद्वारे में उपस्थित सभी समुदाय के लोगों को भोजन करवाया।
समाज के गरीब लोगों को सिख समुदाय की तरफ से भोजन वस्त्र सहयोग राशि दान स्वरूप प्रदान किया गया।
इस प्रकार गुरु गोविंद सिंह की जयंती का पर्व प्रेम सौहार्द भाईचारा का प्रतीक है
गुरु गोविंद सिंह के प्रकाश के पर्व में उपस्थित रहे साहब सिंह, अर्शदीप सिंह ,कीरत सिंह, सिमरन सिंह ,परमजीत सिंह, अमरिंदर सिंह, इंदल सिंह, रिवत सिंह, भजन सिंह ,दलजीत सिंह, जीवन सिंह ,
निर्मल सिंह ,नमन सिंह, एडिटर प्रेम नारायण शुक्ला













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