Advertisement

उत्तम साहित्य के लिए काव्य संगोष्ठी तथा सम्मेलन की आवश्यकता प्रो. औरसा

विशेष संवाददाता विनोद कुमेटी                                                      उत्तम साहित्य के लिए काव्य संगोष्ठी तथा सम्मेलन की आवश्यकता प्रो. औरसा

पखांजूर शासकीय वीर गेंद सिंह महाविद्यालय पखांजूर में हिंदी विभाग द्वारा अयोजित हिंदी काव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया। काव्य संगोष्ठी एक साहित्यिक आयोजन है, जहां कवि और साहित्यकार अपनी कविताओं का पाठ करते हैं और साहित्य प्रेमियों के साथ चर्चा करते हैं। काव्य गोष्ठी के उद्देश्य: हिंदी साहित्य को बढ़ावा देना , कवियों और साहित्यकारों को मंच प्रदान करना, साहित्य प्रेमियों को कविताओं का आनंद लेने का अवसर प्रदान करना

। इस संगोष्ठी में स्थानीय कवियों, लेखकों और साहित्यकारों को आमंत्रित किया गया। आर एस औरसा ने बताया कि उत्तम साहित्य के लिए संगोष्ठी तथा सम्मेलन आवश्यक है। मानवीय जीवन में साहित्य का विशेष महत्व है तथा साहित्य के लिए सम्मेलन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। सांस्कृतिक रूप को वैश्विक धरातल पर प्रतिष्ठित करना हमारा कर्तव्य है ,इस भावना को जगाने के लिए सम्मेलन तथा संगोष्ठी आवश्यक है।

रतन कीर्तनिया संस्थापक परलकोट साहित्य एवं मातृभाषा काव्य मंच ने स्वरचित कविता पाठ कर उसके उद्देश्य बताकर विद्यार्थियों को प्रेरित किया। प्रकाश चौधरी ने कहानी के माध्यम से विद्यार्थियों में समा बंधा। सोमारु राम गावड़े ने गोड़ी में कहानी का वचन किया। इस अवसर प्राध्यापक शैलेंद्र गढ़ेवाल, गोपेश दास साहू, के पी साहू , नोहरु राम निषाद , देवाशीष बिस्वास, किरण ठाकुर, श्रद्धा खूंटे, डॉ ज्योति शर्मा, डॉ सविता गौतम, डॉ वंदना दास और छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!