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श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय देश के लिए मॉडल- डॉ. जितेंद्र सिंह

श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय देश के लिए मॉडल- डॉ. जितेंद्र सिंह

केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में किया एडवांस मेकाट्रॉनिक्स लैब और फ्लेबोटोमीलैब का उद्घाटन

विज्ञान प्रकाश जर्नल का विमोचन किया और प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए कहा हर सहायता देने को तैयार

पलवल-21 नवंबर
कृष्ण कुमार छाबड़ा

केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय युवाओं के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह देश के अन्य विश्वविद्यालयों के लिए एक मॉडल है। इस विश्वविद्यालय ने बहुत कम समय में बहुत बड़ी उपलब्धियां अर्जित की हैं। वह बृहस्पतिवार को श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में आयोजित स्वागत समारोह में बोल रहे थे। इस अवसर उन्होंने विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में एडवांस मेकाट्रॉनिक्स लैब और पुष्पगिरी भवन में फ्लेबॉटोमी लैब और प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन किया। कुलपति डॉ. राज नेहरू, कुलसचिव प्रोफेसर ज्योति राणा और अकादमिक अधिष्ठाता प्रोफेसर आर एस राठौड़ की उपस्थिति में विज्ञान प्रकाश जर्नल का विमोचन भी किया गया। इसके आधार पर श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में पहली अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी कांफ्रेंस आयोजित होगी। विश्वविद्यालय परिसर पहुंचने पर कुलपति डॉ. राज नेहरू और कुलसचिव प्रोफेसर ज्योति राणा ने उनका भव्य स्वागत किया। विद्यार्थियों द्वारा स्क्रैप से बनाई गए ई व्हीकल में सवार होकर केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह प्रदर्शनी का अवलोकन करने पहुंचे।
उन्होंने शिक्षकों, अधिकारियों और विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय ने अद्भुत उन्नति की है। वोकेशनल शिक्षा के साथ- साथ औद्योगिक प्रशिक्षण और शिक्षा के साथ उसका एकीकरण करना बहुत सार्थक प्रयास है। देश के दूसरे शैक्षिणक संस्थानों के लिए यह प्रेरणा है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि देश में स्टार्ट अप के एक वातावरण बना है। टेक्निकल, नॉलेज, फाइनेंस और अन्य क्षेत्रों में स्टार्ट अप खड़े हो रहे हैं। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय इस अभियान में सहभागी की भूमिका में है। भारत सरकार से हर तरह का सहयोग इस विश्वविद्यालय को दिया जाएगा। हम हमेशा देश के इस पहले राजकीय कौशल विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं।
कुलपति डॉ. राज नेहरू ने इस मौके पर कहा कि युवाओं को उद्यमिता और उद्योग की राह दिखा कर आगे बढ़ाना हमारा लक्ष्य है और इस दिशा में बड़ी कामयाबी मिली है। सिडबी के सहयोग से सुपर -30 प्रोग्राम में कई युवा एंटरप्रेन्योर बन रहे हैं। कइयों ने अपने स्टार्ट अप स्थापित कर लिए हैं और कई इस प्रक्रिया में सफलता की ओर हैं। उन्हें हर तरह का सहयोग दिया जा रहा है। कुलपति डॉ. राज नेहरू ने केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह को विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए प्रोजेक्ट दिखाए। उन्होंने कई प्रॉजेक्ट में दिलचस्पी ली और विद्यार्थियों से संवाद भी किया। कुलपति डॉ. राज नेहरू ने उन्हें बताया कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से नवाचार पर काम चल रहा है। कुलसचिव प्रोफेसर ज्योति राणा ने उनका आभार ज्ञापित किया। अकादमिक अधिष्ठाता प्रोफेसर आर एस राठौड़ ने विज्ञान प्रकाश के विमोचन के लिए कृतज्ञता ज्ञापित की।
इस अवसर पर डीन प्रोफेसर आशीष श्रीवास्तव, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के निदेशक डॉ. मनी कंवर सिंह, प्रोफेसर ऋषिपाल, प्रोफेसर कुलवंत सिंह, प्रोफेसर ऊषा बत्रा, प्रोफेसर जॉय कुरियाकोज, प्रोफेसर ए के वातल, प्रोफेसर सुरेश सहित काफी संख्या में शिक्षक, अधिकारी और विद्यार्थी मौजूद थे।

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