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जर्जर छत के नीचे खतरे के साए में संचालन हो रहा कार्य : प्रशासनिक लापरवाही या जानलेवा उदासीनता?

छ.ग. विशेष संवाददाता :- राजेन्द्र मंडावी                                                                                        जर्जर छत के नीचे खतरे के साए में संचालन हो रहा कार्य : प्रशासनिक लापरवाही या जानलेवा उदासीनता?

 

कांकेर। जल संसाधन विभाग, कांकेर में कामकाज इन दिनों गंभीर जोखिम के बीच हो रहा है। विभाग के प्रमुख कार्यपालन अभियंता के अधीन संचालित कार्यालय की छत जर्जर अवस्था में है, फिर भी वहां कामकाज जारी है। इस खतरनाक स्थिति ने कर्मचारियों की सुरक्षा और प्रशासन की उदासीनता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जर्जर छत बनी हादसे की आशंका

कांकेर जिले का यह प्रमुख जल संसाधन कार्यालय जिले में जल परियोजनाओं का संचालन और प्रबंधन करता है। हालाँकि, इसके कार्यालय भवन की स्थिति बेहद खस्ताहाल हो चुकी है। छत पर दरारें, टूटते प्लास्टर, और हर बारिश के दौरान पानी का रिसाव होना अब आम बात हो गई है। ऐसी स्थिति में कार्यालय में काम करना कर्मचारियों के लिए बेहद जोखिम भरा हो गया है।

कर्मचारियों की अपीलों पर प्रशासन का ध्यान नहीं

विभागीय कर्मचारियों ने कई बार इस खतरनाक स्थिति के बारे में उच्च अधिकारियों को सूचित किया है। कर्मचारियों के अनुसार, कई पत्र और अनुरोध प्रशासन को भेजे गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। केवल आश्वासनों के अलावा, ना तो मरम्मत कार्य शुरू हुआ है और न ही भवन की संरचनात्मक जांच की गई है। कर्मचारियों का कहना है कि वे हर दिन डर के साए में काम करने को मजबूर हैं।

खराब मौसम में स्थिति और गंभीर

मानसून के दौरान यह समस्या और विकराल हो जाती है। छत से लगातार पानी टपकता है, जिससे न केवल दस्तावेज़ों और उपकरणों का नुकसान होता है, बल्कि विद्युत उपकरणों के शॉर्ट सर्किट का भी खतरा बढ़ जाता है। इस तरह के हालात किसी भी दिन बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल

इस गंभीर स्थिति के बावजूद, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और उच्चाधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई न होने से कर्मचारियों में आक्रोश है। कर्मचारियों का मानना है कि यह मामला उनके जीवन और सुरक्षा से जुड़ा हुआ है, लेकिन अधिकारी इसे प्राथमिकता के साथ नहीं देख रहे। इस तरह की लापरवाही से किसी भी दिन जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है।

तत्काल सुधार की आवश्यकता

विशेषज्ञों का सुझाव है कि सबसे पहले एक संरचनात्मक ऑडिट कराकर भवन की मौजूदा स्थिति का आकलन किया जाए। इसके बाद, छत की मरम्मत और अन्य आवश्यक सुधार कार्य तत्काल शुरू किए जाएं। साथ ही, कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कार्यालय का अस्थायी स्थानांतरण भी एक तात्कालिक उपाय हो सकता है।

प्रशासन की परीक्षा

कांकेर में जल संसाधन विभाग की इस गंभीर स्थिति ने प्रशासन की कार्यप्रणाली और उसकी जिम्मेदारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि क्या अधिकारी समय रहते इस समस्या का समाधान करेंगे, या कर्मचारियों को अपनी सुरक्षा के लिए खुद कदम उठाने पड़ेंगे।

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