सवांददाता मीडिया प्रभारी मनोज मूंधड़ा बीकानेर श्रीडूंगरगढ
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में शरीर पर थकान और चेहरे पर झुर्रियों का असर जल्दी दिखाई देने लगता है। खासकर जब खानपान सही न हो, तो कमजोरी और थकान शरीर पर हावी हो जाती है। इसके चलते चेहरे की चमक भी कम होने लगती है और कम उम्र में ही बुढ़ापा महसूस होने लगता है। लेकिन एक आसान घरेलू उपाय अपनाकर आप न केवल चेहरे की ताजगी बरकरार रख सकते हैं, बल्कि कमजोरी और थकान से भी बच सकते हैं। भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद में चने की दाल और सौंफ को मिलाकर खाने का एक विशेष उपाय बताया गया है। यदि प्रतिदिन सुबह खाली पेट चने की दाल के साथ सौंफ का सेवन किया जाए, तो न केवल चेहरे पर झुर्रियां आने से रोकी जा सकती हैं, बल्कि शरीर को ऊर्जा भी मिलती है।
कैसे करें सेवन?
1. सबसे पहले एक बर्तन में चने की दाल को भिगोकर रखें।
2. दाल को अच्छी तरह साफ कर लें और इसमें थोड़ी सौंफ मिलाकर मिक्स करें।
3. हर सुबह खाली पेट 2-3 चम्मच इस मिश्रण का सेवन करें।
इससे न केवल थकान कम होती है, बल्कि शरीर को ताकत भी मिलती है। यह उपाय खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो लंबे समय तक दफ्तर में काम करते हैं और जिन्हें अक्सर कमजोरी महसूस होती है।
चने की दाल और सौंफ के लाभ
चेहरे की चमक:
नियमित रूप से चने की दाल और सौंफ का सेवन करने से चेहरे पर आने वाली झुर्रियां दूर रहती हैं। चेहरा दमकता (Glowing skin) रहता है और उम्र का असर कम दिखाई देता है।
ऊर्जा का स्रोत:
सौंफ में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो शरीर को ताजगी और ऊर्जा देते हैं। इसका सेवन करने से शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है।
थकान और कमजोरी से राहत:
चने की दाल प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत होती है और इसका सेवन करने से शरीर की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है। यह थकान और कमजोरी को दूर करने में मदद करता है।
चिकित्सीय परामर्श आवश्यक
हालांकि यह घरेलू उपाय बेहद सरल और लाभकारी है, लेकिन इसे अपनाने से पहले चिकित्सक से परामर्श लेना उचित रहेगा। हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है, इसलिए किसी भी नए आहार या उपाय को शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
Fennel and lentils for wrinkle-free skin
चने की दाल और सौंफ का यह आसान और प्रभावी उपाय न सिर्फ चेहरे की रौनक बनाए रखने में मदद करता है, बल्कि शरीर को ताकत और ऊर्जा भी देता है। नियमित रूप से इसका सेवन करने से न केवल आप थकान और कमजोरी से बचे रहेंगे, बल्कि उम्र का असर भी कम महसूस होगा।
डिसक्लेमरः
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

















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