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सोनभद्र : सरकार को लगाया जा रहा है है करोड़ों का चूना, कोयला खदानों में धड़ल्ले से खपाया जा रहा उत्तर प्रदेश का डीजल।

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जिला : सोनभद्र

जिला रिपोर्टर : चंद्रिका प्रसाद

 स्थान : शक्ति नगर

मोबाइल नंबर : 9415646427

• सरकार को लगाया जा रहा है है करोड़ों का चूना, कोयला खदानों में धड़ल्ले से खपाया जा रहा उत्तर प्रदेश का डीजल।

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सोनभद्र : जिले के कोयला खदानों में एक बार फिर से उत्तर प्रदेश के पेट्रोल पंपों का डीजल उपयोग में लाने का खेल शुरु हो गया है। प्रति लीटर करीब 19 रुपए से अधिक की बचत के चलते ओबी एवम् ट्रांसपोर्ट कंपनियां उत्तर प्रदेश में सस्ते दर पर मिलने वाले डीजल का प्रयोग कर रही हैं। इससे सरकार को करोड़ों रुपए की चपत लग रही है। उत्तर प्रदेश से डीजल लाने के खेल की जिलाधिकारी से शिकायत के बाद भी कुछ दिनों के लिए ओबी यानी ओवर बार्डन खदान से मिट्टी निकालने वाली कंपनियों शांत हुई थी। लेकिन एक बार फिर से डीजल का खेल शुरू हो गया है। इससे राज्य सरकार को हर महीने करोड़ों का चूना (नुकसान) लग रहा है।

नॉर्दन कोलफील्ड लिमिटेड के कोयला खदानों में कार्य करने वाली ओबी एवम् ट्रांसपोर्ट कंपनियों को वहां मध्य प्रदेश से डीजल लेने पर वैट सहित अन्य टैक्स देना पड़ता है। बचत के चलते ज्यादातर ओबी एवम् ट्रांसपोर्ट कंपनियां बड़ी मात्रा में उत्तर प्रदेश के पेट्रोल पंपों से डीजल लेकर उपयोग कर रही हैं। पेट्रोल पंपों में बड़ी संख्या में पहुंचने वाले ईधन वाहन खेल को बयां करने के लिए काफी हैं।

दरअसल डीजल की कीमत यहां सिंगरौली में उत्तर प्रदेश की तुलना में 19 रुपए तक अधिक है। ये राज्य सरकार का टैक्स होता है। जिसे ओबी एवम् ट्रांसपोर्ट कंपनियां हजम कर रही हैं। नॉर्दन कोलफील्ड लिमिटेड (एनसीएल) सहित अन्य निजी कंपनियों की खदानों में कार्य कर रही ओबी एवम् ट्रांसपोर्ट कंपनियों में करीब 10 से 12 हजार से अधिक बड़े वाहनों लगे हुए हैं। इन वाहनों में हर रोज ईंधन की खपत करीब 20 से 22 लाख लीटर बताई जा रही है। ईधन का 50 से 60 फीसदी हिस्सा भी रिटेल दर पर लिया गया तो एक महीने में 55 से 60 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान होगा। ईधन में खेल कर राजस्व को चपत लगाने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने जांच दल गठित किया था। लेकिन शिकायत ओबी एवम् ओम ट्रांसपोर्ट कंपनी व कलिंगा कंपनी में डीजल के खेल को लेकर की गई थी। जिला आपूर्ति अधिकारी के नेतृत्व में गठित जांच कमेटी की सारी कवायद केवल खानापूर्ति तक सीमित रह गई है। डीजल का खेल ज्यादातर ओबी एवम् ट्रांसपोर्ट कंपनियों में चल रहा है। कुछ कंपनियों के तो खुद के उत्तर प्रदेश में डीजल पंप हैं जैसे ओम ट्रांसपोर्ट कंपनी जिनका खुद का दुर्गा फिलिंग स्टेशन के नाम से औरी अनपरा में पेट्रोल पंप है जहां से प्रति दिन अनपरा से शक्तिनगर दुधिचुआ के रास्ते एवम् अनपरा से मोरवा के रास्ते दो-दो टैंकर प्रतिदिन मध्य प्रदेश में अवैध डीजल खपाया जा रहा है जिससे सरकार को प्रतिदिन करोड़ों चूना लगाया जा रहा है।

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