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बेसहारा पति-पत्नी का सहारा बने नरैनी कोतवाल

शिवम सिंह 

बांदा। बेसहारा और घर से बेदखल हो दर दर की ठोकरें खा रहे बूढ़े दंपति के मददगार बने नरैनी कोतवाल।पैदा की हुई संतानों के क्रिया कलाप से अजिज न्याय की गुहार लगा चुके बूढ़े दंपति को मिला न्याय का भरोसा।तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सभा खरौंच के रहने वाले चंद्रभान जिनकी उम्र 80 वर्ष हो चुकी है।इन्होंने कोतवाली पहुंच प्रार्थना पत्र देकर बताया की मेरे तीन पुत्र है।तीनो सभी शादी शुदा है।लेकिन आज तीनो लोग वृद्ध हो चुके माता पिता को संपति से बेदखल कर घर से निकाल दिए।बूढ़े दंपति गांव के एक हरिजन बिरादरी के घर में रहकर समय काट रहे है।बताया की गलती से पत्नी के इलाज के लिए एक बीघा जमीन बेच कर इलाज करवा डाला।जिसमे तीनो बेटे एक राय हो गुस्से में घर से बेदखल कर दिया।घर के दरवाजे में पहुंचने पर सभी मारपीट करते है।किसी तरह बूढ़े दंपति चंद्र भान और इनकी 75 वर्षीय पत्नी मुन्नी देवी अपनी जान बचाकर गांव के हरिजन बिरादरी के घर में रहने को मजबूर है।बताया की कई बार तहसील में पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई जा चुकी है।लेकिन उनकी फरियाद कोई नही सुन रहा।कोतवाली पहुंचे दंपति को कोतवाल सुरेश सैनी ने तुरंत अपने बगल से बैठाया पूरी बात सुनी।अपने हाथो से जलपान कराया।साथ ही सांत्वना दी की जल्द ही समस्या का समाधान होगा।कोतवाली निरीक्षक बिना देर किए तत्काल पुलिस बल सहित थाने में तैनात उपनिरीक्षक इंदल यादव और मौजा लेखापाल को साथ लेकर रवाना हो गए।जहा सभी को एकत्र कर परिवार के लोगो समझा बूढ़े दंपति को साथ रखने के लिए राजी करवाया। बेसहारा दंपति को सहारा मिलने के बाद उनकी खुशी का ठिकाना न रहा।सभी लोगो ने कोतवाली निरीक्षक सुरेश सैनी के प्रयास को सराहे जाने का कार्य बताया।

 

 

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