न्यूज रिपोर्टर का नाम – शिवम सिंह
दिनांक – 09/06/2024
जनपद – बांदा, उत्तर प्रदेश
• बारिश के पानी से तालाबों को किया जाएगा लबालब।
• जनपद के एक दर्जन तालाबों में काम युद्ध स्तर पर जारी।
• किसानों को तालाबों से सिंचाई के लिए पानी देने के लिए ठोस कदम।
• अटल भूजन योजना से किसानों को पानी के संकट से मिलेगी निजात।

बांदा। अटल भूजल योजना के तहत जनपद में एक दर्जन तालाबों पर युद्ध स्तर पर काम चल रहा है। इन तालाबों में बारिश का पानी संचित किया जाएगा। ताकि किसानों की फसलों की सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो सके। मालुम हो कि सिंचाई के लिए पानी न मिलने की वजह से तमाम किसान एक ही फसल उपजा पाते हैं।
जनपद में पानी की समस्या अरसे से चली आ रही है। इसके निदान के लिए समय-समय पर जल संरक्षण के लिए तालाबों, पोखरों आदि का निर्माण कार्य कराया जाता रहा है। सिंचाई जल की समस्या के कारण जनपद के कतिपय क्षेत्रों में कृषकों द्वारा मात्र एक फसल का ही उत्पादन किया जाना सम्भव हो पाता है। जनपद जैसे जल की समस्या से जूझ रहे विभिन्न क्षेत्रों में वर्षा जल संचित कर भूगर्भ जल स्तर को बढ़ाने व कृषकों को सिंचाई के लिए जल की उपलब्धता बढ़ाने के लिए भारत सरकार द्वारा अटल भूजल योजना संचालित की गयी है। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना अटल भूजल योजना के अंतर्गत जनपद में अटल भूजल योजना के लिए चनित 95 ग्राम पंचायतो में रुफ टाप रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली की 95 परियोजनाओं में निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त जनपद के तीन विकास खण्डों बडोखर खुर्द, तिन्दवारी और जसपुरा की कुल 10 ग्राम पंचायतों में 11 तालाबों का निर्माण कार्य अटल भूजल योजना के अर्न्तगत कराया जा रहा है। वर्तमान समय में अटल भूजल योजना के अर्न्तगत जनपद के विकासखण्ड बड़ोखरखुर्द की ग्राम पंचायत चमरहा में सितहुवा तालाब, ग्राम पंचायत इटवां में लहुरवा तालाब, विकास तिन्दवारी की ग्राम पंचायत माचा में परपत तालाब माचाहार व बड़ा तालाब, ग्राम पंचायत बिछवाही में दिखितन तालाब, ग्राम पंचायत पलरा में चबूतरा तालाब और विकास खण्ड जसपुरा की ग्राम पंचायत सिंधनकला में कनी तालाब, ग्राम पंचायत जसपुरा में बड़े सिद्ध बाबा का तालाब, ग्राम पंचायत रामपुर में कुमान तालाब, ग्राम पंचायत गौरीकला में जमुनिया तालाब और ग्राम पंचायत नारायण में माडल तालाब में कार्य तेजी के साथ प्रगति पर है। यह सभी कार्य वर्षा ऋतु से पूर्व पूर्ण कराने के लिए युद्ध स्तर पर वर्तमान में कार्य कराया जा रहा है।
अटल भूजल योजना से कियान्वित परियोजनाओं से भूजल स्तर में सुधार होगा साथ ही कृषि, वृक्षारोपण व पर्यावरण संतुलन के लिए अच्छा माहौल उत्पन्न होगा, जो स्थायीभूजल प्रबन्धन को प्रदर्शित करेगा और जल संकट से जूझ रहे क्षेत्रो में सुधार परिलक्षित होगा। जनपद में वर्षा जल संचय और भूजल संवर्द्धन से कम जल खपत वाली फसलों को बढ़ावा मिलेगा। सिचाई का उत्तम साधन मिलने से जनपद में अन्य फसलों की खेती की सम्भावनायें बढ़ जायेगी। अटल भूजल योजना से जनपद के जल संकट से जूझ रहे क्षेत्रों में भूजल संरक्षण के प्रबन्धन में भी सुधार होने की पूरी सम्भावनायें है। इस प्रकार कार्य पूर्ण होते ही जनपद के इन क्षेत्रों में भूगर्भ जल के संस्थागत ढ़ाचे सुदृढ़ होंगे और सतत भूजल प्रबन्धन के लिये समुदाय स्तर पर भी व्यवहार परिवर्तन होगा, जिससे भूजल स्तर में बढ़ोत्तरी होगी और बेहतर फसलों, वृक्षारोपण के द्वारा फलोत्पादन से कृषकों की आय भी दो गुना किया जाना सम्भव हो सकेगा।
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