• पुल की मांग को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन,मतदान का किया बहिष्कार।

महराजगंज नौतनवा विधान सभा क्षेत्र के सेमरहवा गांव के ग्रामीणों ने पहली जून (शनिवार) की सुबह मतदान का बहिष्कार किया।काफी मान मन्नौव्वल के बाद (करीब साढ़े पांच घंटे बाद) ग्रामीणों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
मामला कुछ यूं है – सेमरहवा गांव नेपाल की पहाड़ी से निकलने वाली रोहिन नदी के बिचो बीच टापू पर बसा हुआ है।इस गांव में आने जाने के लिए यानी नदी को पार करने के लिए एक मात्र नाव का ही सहारा है।लेकिन बरसात के दिनों में जब रोहिन नदी में बाढ़ आती है तो,ग्रामीणों को भय सताने के साथ काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
बार – बार क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, विधायक एवं अन्य अधिकारियों से नदी पर पुल निर्माण की मांग उठती रही,परंतु किसी ने सेमरहवा गांव के बाशिंदों की आवाज को सुना ही नहीं।जिसका परिणाम रहा की इतने मजबूत लोकतंत्र में ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया।
रोहिन नदी पर पुल बनाने की मांग पूरी नहीं होने पर नाराज ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को खूब खरी – खोटी सुनाया।से
मरहवा गांव के कम्पोजिट विद्यालय के बूथ संख्या 231 और 232 पर,सुबह 7 बजे जब ग्रामीण मतदान के लिए नहीं पहुंचे,तो मतदान कार्मिक परेशान हो उठे।मतदान कार्मिकों ने इसकी सूचना उच्चपदस्थ अधिकारियों को उपलब्ध कराई।मतदान कार्मिकों की सूचना पर पहुंचे अधिकारियों ने ग्रामीणों को मनाने की पूरी कोशिश की,परंतु उनकी हर कोशिश नाकाम साबित हुई।ग्रामीणों ने वादाखिलाफी का आरोप लगा कर वोट देने से ही इंकार कर दिया।
सुबह करीब 8.20 बजे नौतनवा उपजिलाधिकारी नन्द प्रकाश मौर्य,पुलिस क्षेत्राधिकारी जयप्रकाश त्रिपाठी और थानाध्यक्ष मनोज कुमार राय फोर्स के साथ सेमरहवा गांव के प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे।ग्राम प्रधान उपेंद्र यादव,कांग्रेस नेता सदामोहन उपाध्याय ने ग्रामीणों को मनाने की कोशिश करते रहे।लेकिन बात नहीं बनी।दोपहर करीब 11.25 बजे पहुंचे नौतनवा विधायक ऋषि त्रिपाठी,भाजपा नेता समीर त्रिपाठी ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर बताया कि, रोहिन नदी पर पुल निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।इसकी टेक्निकल फॉल्ट को दूर कर के पुल बनवाया जायेगा।करीब 11.45 बजे फरेंदा से कांग्रेस विधायक व कांग्रेस (गठबंधन) सांसद प्रत्याशी वीरेंद्र चौधरी,भाकियू जिलाध्यक्ष सुरेश साहनी मौके पर पहुंचे। नेताओं ने ग्रामीणों को काफी कुछ आश्वासन देकर समझाया बुझाया,तब कहीं जाकर दोपहर साढ़े बारह बजे से मतदान शुरू हो सका।जिसके बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
एक बार पुनः बता दें कि सेमरहवा गांव नेपाल की पहाड़ी से निकलने वाली रोहिन नदी के बीचोबीच टापू पर बसा है।इस गांव के ग्रामीण विगत कई वर्षों से नदी पर पुल बनाने की मांग कर रहे हैं।लेकिन जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों तक,ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया।





















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