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मथुरा : भक्ति साधना से बढ़कर कोई ताकत नहीं : कृष्ण चन्द्र शास्त्री

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रिपोर्टर गोपाल चतुर्वेदी/मथुरा, उत्तर प्रदेश 

भक्ति साधना से बढ़कर कोई ताकत नहीं : कृष्ण चन्द्र शास्त्री

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• पाप होता देखना सबसे बड़ा महापाप कहलाता है : कृष्ण चन्द्र शास्त्री 

• केएम : बरस रहा है श्रीमद् भागवत रस, रासलीला में हुआ भगवान की दिव्य लीलाओं का मंचन।

• नगर निगम के महापौर और पूर्व शिक्षा मंत्री ने किया भागवत का रसापान।

• भगवान विष्णु के 24 अवतारों को विस्तार पूर्वक कथावाचक कृष्ण चन्द्र शास्त्री ने बताया।

• श्रीमद् भागवत कथा में प्रसंगों को सुन श्रोता हुए प्रभु की भक्ति में सराबोर।

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मथुरा। केएम विश्वविद्यालय में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यास पंडित कृष्ण चन्द्र शास्त्री महाराज ने ध्रुव चरित्र, कपिल चरित्र, जड़भरत, अजामिल उपाख्यान की कथा का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा साधना में बड़ी ताकत होती है, साधना की ताकत से मथुरा, दिल्ली में क्या हो रहा है पता लग जाता है। राजा वो होना चाहिए जो अपनी प्रजा के लिए प्राणों की आहूति भी देनी पड़े तो दे दे। पाप होता देखना महापाप कहलाता है अगर आपने सामर्थ नहीं है तो आंखे नीचे करके उस जगह से निकला जाएं। इसके अलावा रात्रि में दानी रास मण्डली द्वारा रासलीला में चरकुला नृत्य का आयोजन हुआ। जिसमें बड़ी संख्या में आस पास के ग्रामीण महिला-पुरुष और एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं ने भारतीय संस्कृति का लुफ्त उठाया।

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केएम विवि में दूसरे दिन भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ कुलाधिपति किशन चौधरी ने परिवार सहित आरती उतार कर किया। इस अवसर पर अयोध्या से आए सुग्रीव किला पीठाधीश्वर श्रीमद् जगतगुरू विश्वेष प्रपन्नाचार्य तथा वृंदावन से विजय कौशल महाराज, श्रीमद् जगतगुरू नाभा पीठाधीश्वर सुतीक्षण दास महाराज सुदामा कुटी मुख्य यजमान रहे। कथा का संचालन दाऊजी मंदिर के रिसीवर आरके पांडेय ने किया। कथा वाचक कृष्णचंद्रशास्त्री ने कहा कि मनुष्य जीवन आदमी को बार-बार नहीं मिलता है इसलिए इस कलयुग में दया धर्म भगवान के स्मरण से ही सारी योनियों को पार करता है। मनुष्य जीवन का महत्व समझते हुए भगवान की भक्ति में अधिक से अधिक समय देना चाहिए। उन्होंने भगवान के 24 अवतारों के बारे में बताते हुए कहा कि जिनमें कर्मयोगी आठ, भक्ति आठ और ज्ञान आठ अवतार है और दो अवतार राम-कृष्ण को एक ही स्वरूप बताया। उन्होंने बताया कि भगवान विष्णु ने पांचवा अवतार कपिल मुनि के रुप में लिया। उन्होंने बताया कि, किसी भी काम को करने के लिए मन में विश्वास होना चाहिए तो कभी भी जीवन में असफल नहीं होंगे। जीवन को सफल बनाने के लिए कथा श्रवण करने से जन्मों का पाप कट जाता है।

कथा सुनने के लिए आज मथुरा वृंदावन के महापौर विनोद अग्रवाल एवं पूर्व मांट विधायक पंडित श्याम सुंदर शर्मा एवं कुलाधिपति के पिता मोहन सिंह, उनकी मां, उनके बड़े भाई देवी सिंह (डीएम) सत्पनीक तथा जिला पंचायत अध्यक्ष की पत्नी संजू चौधरी, पुत्र पार्थ चौधरी सहित परिवार के सभी सदस्य मौजूद रहे। विवि के वाइस चालंसर डा. डीडी गुप्ता, रजिस्ट्रार पूरन सिंह, मेडीकल प्राचार्य डा. पीएन भिसे, जिला शिक्षा संघ के वित्त पोषण टीम में निरंजन सिंह सोलंकी प्रबंधक सहित विवि के प्रोफेसर, शिक्षक शिक्षिकाएं तथा हॉस्पीटल का स्टाफ तथा हजारों की संख्या में महिला-पुरुष और बच्चे मौजूद रहे।

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रासलीला के भव्य मंचन से भागवत कथा पंडाल तालियों से गूंजा। 

विलुफ्त भारतीय संस्कृति को बचाने के उद्देश्य से केएम विवि के कुलाधिपति ने भागवत के समापन के बाद रासलीला का आयोजन रात्रि में रखा गया है, जिसमें आदर्श श्रीगिरिराज कृष्ण प्रेम संस्थान के स्वामी नटवरलाल रासबिहारी शर्मा पलसों वालों ने अपने बाल कलाकारों के साथ भगवान की दिव्य और भव्यता से लीलाओं का मंचन किया। जिसमें कंस का अत्याचार, कंस द्वारा महाराज उग्रसेन के यज्ञ का विध्वंस, देवकी वासुदेव का विवाह, कंस द्वारा देवकी और वासुदेव को कारावास में डालने का मंचन हुआ। भगवान की दिव्य और भव्यता से हुई लीलाओं का विवि के कुलाधिपति किशन चौधरी एवं उनके परिवार के सदस्यों बड़े ही ध्यान पूर्वक सुना व देखा।

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