प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चतरा के परिसर में संचालित हो रहा नर्सिंग होम।
एल एचबी निभा रही डॉक्टर की भूमिका।
सोनभद्र /सत्यनारायण मौर्य/संतेश्वर सिंह

सोनभद्र, एक तरफ जिलाधिकारी व मुख्य चिकित्साधिकारी स्वास्थ्य सेवाओं का भरपूर लाभ आमजन तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं वहीं चतरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इन दिनों बदहाली वह लूट का अड्डा बना हुआ है। पिछले 27 वर्षों से एक ही स्थान पर तैनात एल एचबी स्वास्थ्य केंद्र परिसर में धड़ल्ले से अपना निजी अस्पताल चल रही है जिससे परिसर में आने वाले मरिज लूट व शोषण का शिकार हो रहे हैं। पूर्व में स्थानांतरण के बाद भी यह स्थानांतरित स्थान पर नहीं गई इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि उक्त एल एचबी अधिकारियों पर भारी पड़ रही है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चतरा में तैनात एल एचबी कृष्णा लगभग 27 वर्षों से एक ही स्थान पर जमी हुई है। सूत्रों का कहना है कि इनका कार्य क्षेत्र पूर्व में रामगढ़ रहा लेकिन यह कभी भी रामगढ़ के अपने केंद्र पर नहीं रही यह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में एक आवास में अपना अड्डा बना ली और शुरू से ही चिकित्सकों के समानांतर मरीज देखने का कार्य शुरू कर दिया। पूर्व के कई प्रभारी भी इन्हें संरक्षण देते गए लगभग 2 वर्ष पूर्व जब यह एनम के पद पर थी तो इनका स्थानांतरण क्षेत्रीय लोगों के शिकायत पर तत्कालीन मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने नगवा विकासखंड के चकरिया एनम सेंटर पर कर दिया लेकिन यह वहां नहीं गई पुनः मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने इनका स्थानांतरण चकरिया से निरस्त करते हुए बभनगांवा कर दिया वहां भी यह नहीं गई इसी बीच इनका प्रमोशन हुआ और यह एल एचबी के प्रशिक्षण के लिए बनारस चली गई।सूत्रों का दावा है कि प्रशिक्षण के दौरान इनका मोबाइल सी डीआर निकल जाए तो पूरे प्रशिक्षण अवधि के दौरान शायद ही यह 15 दिन प्रशिक्षण स्थल पर रही हो।प्रशिक्षण के दौरान भी यह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में रहकर अपना अस्पताल चलाती रही वर्तमान में इनके द्वारा प्रतिदिन रामगढ़ बाजार में स्थित एक प्राइवेट डायग्नोस्टिक सेंटर पर आधा दर्जन महिलाओं को अल्ट्रासाउंड के लिए भेजा जाता है जिससे इन्हें मोटा कमीशन प्राप्त हो रहा है। यह अपने कार्य को न कर के अपना कार्य दूसरे से करवाने के लिए कर्मियों को हड़काती रहती हैं ईनके आवास पर दिनभर मरीज का ताता लगा रहता है स्वास्थ्य केंद्र परिसर में सीसीटीवी कैमरा ना होने से यह दूसरे महिला कर्मियों के ड्यूटी के दौरान भी प्रसव कक्ष में घुस जाती हैं और प्रसव कराने के नाम पर वसूली भी करती हैं। वर्तमान में टीकाकरण व पोलियो जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों में तैनाती होने के बाद भी यह दूसरे को उस कार्य से जोड़ना चाहती हैं और अपना क्लीनिक निर्वाध गति से चलाना चाहती हैं। इस संबंध में भाजपा के सेक्टर संयोजक सुनील पांडे ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखकर उनके स्थानांतरण की मांग की है, उन्होंने बताया कि लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे रहने के कारण स्वेच्छाचारिता बढ़ गई है और सरकारी कार्यों में रुचि नहीं है।














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