अंकुर कुमार पांडेय
रिपोर्ट सत्यार्थ न्यूज
वाराणसी
उत्तर प्रदेश- ब्रेकिंग न्यूज़ हरदोई BSA के खिलाफ 5 लाख की रिश्वत मांगने के आरोप में FIR दर्ज, विभाग में मचा हड़कंप**बीएसए दफ्तर से अचानक 61 शिक्षकों की मूल पत्रावलियां (Original Files) गायब*
उत्तर प्रदेश – हरदोई के बेसिक शिक्षा अधिकारी पर रिश्वत मांगने पर fir दर्ज किया गया जिससे पूरे विभाग मे मचा कोहराम आउटसोर्सिंग एजेंसी के अध्यक्ष ने दर्ज कराया मुकदमा**BSA ने कहाँ कि साजिश के तहत फ़साने का आरोप : **
**हरदोई।** उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से शिक्षा विभाग को शर्मसार करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। हरदोई के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) डॉ. अजीत कुमार सिंह के खिलाफ कोतवाली शहर में ₹5 लाख की रिश्वत मांगने के गंभीर आरोपों में मुकदमा (FIR) दर्ज कर लिया गया है। इस कार्रवाई के बाद से पूरे शिक्षा विभाग और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।मिली जानकारी के अनुसार, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में कंप्यूटर ऑपरेटर और अन्य स्टाफ की भर्ती करने वाली आउटसोर्सिंग एजेंसी ‘उज्ज्वला सेवा संस्थान’ के अध्यक्ष ओमप्रकाश तिवारी ने यह शिकायत दर्ज कराई है।शिकायतकर्ता का आरोप है कि अनुबंध (Contract) की शर्तों को आगे बढ़ाने और सुरक्षा धनराशि (Security Money) को वापस करने के एवज में बीएसए डॉ. अजीत कुमार सिंह द्वारा ₹5 लाख की मोटी रकम की मांग की जा रही थी।
दर्ज एफआईआर के मुताबिक, पीड़ित का आरोप है कि रिश्वत की रकम न देने पर उनकी संस्था को ब्लैकलिस्ट (काली सूची में डालने) और जमानत राशि जब्त करने की धमकी दी गई थी। दबाव और डर के कारण पीड़ित ने पूर्व में अधिकारी को ₹2 लाख की रकम दे भी दी थी, लेकिन बाकी के ₹3 लाख के लिए उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। परेशान होकर पीड़ित ने पुलिस और उच्चाधिकारियों की शरण ली, जिसके बाद कोतवाली शहर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज किया गया।इस रिश्वत कांड के सामने आने के बाद जब विभाग में जांच का दायरा बढ़ा, तो एक और बड़ा खुलासा हुआ। बीएसए दफ्तर से अचानक 61 शिक्षकों की मूल पत्रावलियां (Original Files) गायब पाई गईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बेसिक शिक्षा विभाग के दो कमरों और अलमारियों को तुरंत सील कर दिया है।वहीं दूसरी ओर, आरोपी बीएसए डॉ. अजीत कुमार सिंह ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह से निराधार और बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि संबंधित संस्था द्वारा कार्य में लापरवाही बरती जा रही थी और नियमानुसार कार्रवाई करने पर उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है।मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन और उच्चाधिकारियों ने इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए **तीन सदस्यीय विशेष समिति** का गठन कर दिया है। पुलिस और जांच एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों और फाइलों को खंगालने में जुट गई हैं। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने पर विभाग के कुछ और बड़े नामों पर भी गाज गिर सकती है। #वायरल











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