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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगवां की स्वास्थ्य व्यस्था बेपटरी,डॉक्टर लिख रहे बाहर की दवा, गरीबों पर बढ़ा आर्थिक बोझ

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगवां की स्वास्थ्य व्यस्था बेपटरी,डॉक्टर लिख रहे बाहर की दवा, गरीबों पर बढ़ा आर्थिक बोझ

लाभ पहुंचाने की नियति से चिन्हित मेडिकल से दवा लेने को डॉक्टर कर रहे मजबूर

सोनभद्र ब्यूरो चीफ/संतेश्वर सिंह

बैनी सोनभद्र। विकास खंड नगवां के बैनी में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों की मनमानी से गरीब मरीजों को हो रही फजीहत मुफ्त इलाज कराने आने वाले मरीजों को डॉक्टर आत्मप्रकाश शील द्वारा चिन्हित मेडिकल की दुकान से दवा लेने को मजबूर किया जा रहा है जिससे गरीब मरीजों के ऊपर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है ।
गोरतलब है कि सोनभद्र का नगवां ब्लॉक अति पिछड़ा ब्लॉक है जहां बड़ी संख्या में आदिवासी जाति के लोगों की आबादी है जो अपने मुफ्त इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगवां आते है उन्हे क्या पता कि मुफ्त के चक्कर में उनकी जेब ढीली होने वाली है डॉक्टर द्वारा बाहर की दवा लेने के लिए छोटी पर्ची पर महंगी दवा लिख कर सामने वाले मेडिकल से खरीदने को बोला जाता है ऐसे में कई मरीजों के पास पैसे नहीं होते तो वे लाचार आधा अधूरा इलाज करवाकर घर वापस लौट आते हैं।
प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में स्वास्थ्य व्यस्था बेलगाम हो गई है जीरो टार्लेंस की बात करने वाली सरकार के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए नजर आ रहे हैं डॉक्टर स्वास्थ्य मंत्री लाख दावे कर लें कि अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध है लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर है आज भी डॉक्टरों द्वारा मरीजों के इलाज में बाहर की दवा लिख कर ये स्वास्थ्य मंत्री के दावे को झुठलाते है ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि मंत्री झूठ बोल रहे हैं कि स्वास्थ्य विभाग उनके नियंत्रण से बाहर है जो भी हो इस रस्सा कस्सी में गरीब मरीजों के ऊपर अतिरिक्त आर्थिक बोझ जरूर पड़ रहा है।
इस संबंध में सीएमओ सोनभद्र से सेल फोन पर वार्ता किया गया तो उनका भी जवाब चौकाने वाला था उनका कहना था कि कौन डॉक्टर लिख बाहर की दवा उसका नाम बताएं नाम बताने पर कहने लगे कि मरीज को भेजिए मैं फोन करता हूं दावा वापस हो जाएगी अंदाजा लगा सकते हैं कि स्वास्थ्य अधिकारी कार्यवाही की बजाय दवा वापस करने की बात कह रहे हैं स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार अपनी जड़ें इस कदर जमा चुका है कि सुधार की कोई गुंजाइश नहीं दिख रही है।
ऐसे में जिलाधिकारी सोनभद्र का ध्यान आकृष्ट कराया जाता है की भ्रष्ट विभाग और लापरवाह डॉक्टरों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करें।

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