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सोनभद्र -*जिला पंचायत निधि से बन रही पक्की नाली में उड़ा दी मानक की धज्जियां*

*जिला पंचायत निधि से बन रही पक्की नाली निर्माण में उड़ा दी मानक की धज्जियां*

 

*पवनी स्टेट बैंक से लगभग पांच सौ मीटर नाली का निर्माण , चढ़ी भ्रष्टाचार की भेंट*

 

 

*सोनभद्र* ब्यूरो रिपोर्ट – संतेश्वर सिंह

 

बैनी सोनभद्र विकास खंड नगवां में जिला पंचायत निधि से नाली निर्माण का कार्य चल रहा है जिसमे संबंधित विभाग द्वारा मानकों की भारी अनदेखी की जा रही है निर्माण कार्य में प्रस्तावित डाला की काली गिट्टी की जगह अहरौरा की सफेद गिट्टी प्रयोग में लाई जा रही है नाली की ढलाई में धड़ल्ले से भस्सी का प्रयोग हो रहा है।

बताते चलें कि जिला पंचायत अध्यक्ष निधि से पवनी मैन रोड के किनारे स्टेट बैंक से आगे लगभग पांच सौ मीटर पक्की नाली का निर्माण कार्य किया जा रहा है जिसमे खुलेआम मानक की धज्जियां उड़ाई जा रही है मानक के अनुसार डाला की काली गिट्टी प्रयोग में लाना है लेकिन विभाग द्वारा अहरौरा की सफेद गिट्टी प्रयोग में लाई जा रही है वही पक्के वर्ग के कार्य में कही भी भक्सी का प्रयोग नहीं करना है फिर भी धड़ल्ले से भासी प्रयोग हो रही है नाली के सीसी ढलाई में सरिया तीन सूत की प्रयोग में लाना है सरिया की जाली निर्माण में सात से आठ इंच पर गुछाई करनी है लेकिन विभाग द्वारा एक से दो फीट पर सरिया का प्रयोग किया जा रहा है जो मानक के विपरीत है नाली ढलाई हो रही अनियमितता से क्षेत्रवासियों में भारी नाराजगी है।

प्रदेश की जीरो टार्लेंस की नीति पर चलने वाली योगी सरकार में भ्रष्टाचार करना अपराध है लेकिन संबंधित विभाग के अधिकारियों को मुख्यमंत्री के जीरो टार्लेंस का नही है कोई भय सरकारी धन से अपनी जेबें भरने में लगे है ।

इस संबंध में क्षेत्रीय जेई रमेश चौरसिया से सेल फोन पर वार्ता किया गया तो उन्होंने भी माना की निर्माण में अहरौरा की गिट्टी व भास्सी का प्रयोग नहीं करना है उन्होंने कहा कि मैने संबंधित को अहरौरा की गिट्टी हटाकर डाला की गिट्टी प्रयोग में लाने के लिए निर्देशित कर दिया है।

मजे की बात ये है कि कितने लापरवाह है अधिकारी काफी निर्माण मानक के विपरीत हो चुका है क्या जेई को संज्ञान में नहीं था की किस प्रकार के मैटेरियल का प्रयोग किया जा रहा है इस बात की जानकारी नहीं होने का मतलब है कि जेई साहब कभी कार्य की गुणवत्ता चेक ही नही करने आए ,अगर आए भी होंगे तो देखा भी होगा फिर निर्माण रुका क्यों नहीं, इसका मतलब तो यही है कि इस भ्रष्टाचार में जेई साहब की भी मौन सहमति थी।

जो भी हो क्षत्रिय लोगों ने जिलाधिकारी सोनभद्र से नाली निर्माण में हुए मानक की अनदेखी की जांच कर संबंधित जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।

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