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सेना से रिटायर होकर घर लौटे भारतीय सैनिक का गांव में भव्य स्वागत, देश की सीमाओं पर 22 वर्षों तक दी थी सेवा

सुरज मंडावी कांकेर:-                                           सेना से रिटायर होकर घर लौटे भारतीय सैनिक का गांव में भव्य स्वागत, देश की सीमाओं पर 22 वर्षों तक दी थी सेवा

 

 

 

कांकेर  देश की सीमाओं पर अपनी जान हथेली पर रखकर भारतीय सैनिक जो अपनी मातृभूमि की रक्षा करते हैं, उनका घर लौटना किसी त्योहार से कम नहीं होता। उनकी सेवाओं को पूरा करने के बाद घर वापसी की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहता, न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे गांव के लिए यह एक गर्व और उत्सव का अवसर होता है। ऐसा ही एक दृश्य ग्राम दुधावा में गुरुवार को देखने को मिला, जब भारतीय सेना में 22 वर्ष तक अपनी सेवाएं देने के बाद सिपाही अनिरुद्ध पटेल अपने घर लौटे।

**अनिरुद्ध पटेल का ऐतिहासिक स्वागत:**

 

सिपाही अनिरुद्ध पटेल, जिनका दुधावा गांव से है, 2002 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे और 22 वर्षों तक देश की सेवा की। उन्होंने लखनऊ, जम्मू कश्मीर, राजस्थान, पंजाब जैसे कठिन स्थानों पर अपनी ड्यूटी निभाई। उनके इस समर्पण और कठिन परिश्रम को देखकर गांववासियों ने उनके स्वागत में भव्य उत्सव का आयोजन किया। जैसे ही वे गुरुवार को अपने गांव पहुंचे, उन्हें गांववासियों ने आतिशबाजी, फूल मालाओं और ढोल-नगाड़ों के साथ जोरदार स्वागत किया।

**जुलूस और बाइक रैली से स्वागत:**

 

गांव के लोग उनके स्वागत में उमड़ पड़े। डीजे की धुन में गांवभर में एक भव्य जुलूस निकाला गया, जिसमें लोग नाचते गाते हुए अनिरुद्ध पटेल के घर की ओर बढ़े। गांव के युवाओं ने बाइक रैली का आयोजन किया और उनका स्वागत किया, जिससे यह अवसर और भी खास बन गया। उनके घर पहुंचने के बाद, पूरे गांव ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके साहस और सेवा के लिए उन्हें सम्मानित किया।

 

**भूतपूर्व सैनिक और गणमान्य नागरिकों द्वारा स्वागत:**

 

अनिरुद्ध पटेल के इस ऐतिहासिक स्वागत में केवल गांववासी ही नहीं, बल्कि भूतपूर्व सैनिक, गणमान्य नागरिक, पुलिस अधिकारी और स्थानीय युवाओं ने भी भाग लिया। भूतपूर्व सैनिक भीखम साहू, प्रफुल्ल साहू, संतोष निषाद, मनोज चन्द्रवंशी सहित अन्य सम्मानित नागरिकों ने उनका अभिवादन किया।

 

गांववासियों और पुलिसकर्मियों ने भी उनके सम्मान में विशेष आयोजन किए और अनिरुद्ध पटेल की देश के प्रति निष्ठा और सेवा की सराहना की। इस स्वागत समारोह में माताओं और महिलाओं ने भी अपनी विशेष भागीदारी निभाई और अनिरुद्ध को उनके साहस के लिए धन्यवाद दिया।

 

**देश सेवा के बाद नये जीवन की शुरुआत:**

 

अनिरुद्ध पटेल की 22 वर्षों की सेना सेवा अब समाप्त हो गई है, लेकिन अब वे एक नए अध्याय की शुरुआत करने जा रहे हैं। सेना में सेवा देने के दौरान जो कठिनाइयाँ और संघर्ष उन्होंने झेले, अब उनका समय अपने परिवार और गांव के साथ बिताने का है। उनका घर लौटना न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे गांव के लिए गर्व और खुशी का पल था।

 

**गांववासियों में खुशी का माहौल:**

 

गांव में अनिरुद्ध पटेल की वापसी के मौके पर हर तरफ खुशी का माहौल था। हर घर में उत्साह और जोश था, क्योंकि एक वीर सैनिक घर लौटकर आया था। यह स्वागत समारोह पूरे गांव के लिए एक अभूतपूर्व अनुभव था, जिसने सभी को देशभक्ति की असली भावना से परिचित कराया।

 

**किसी वीरता से कम नहीं:**

 

अनिरुद्ध पटेल की सेना में सेवा करना केवल उनके परिवार और गांव के लिए गर्व का विषय नहीं है, बल्कि यह हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो देश की सेवा में अपना योगदान देना चाहता है। उनकी वीरता, संघर्ष और समर्पण ने न केवल उनकी भूमि को बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया।

 

अब जबकि वह अपनी सेना की सेवा को समाप्त कर घर लौटे हैं, यह उनके लिए और उनके परिवार के लिए नए जीवन की शुरुआत है। सैनिकों की यह लौटती हुई कहानी हम सभी के लिए यह संदेश देती है कि हमारे सैनिक अपनी जान की बाजी लगाकर हमारी सुरक्षा करते हैं, और जब वे घर लौटते हैं, तो उनका स्वागत उसी गर्मजोशी और श्रद्धा के साथ होना चाहिए, जैसा अनिरुद्ध पटेल का हुआ है।

 

**नए जीवन की शुरुआत:**

 

अनिरुद्ध पटेल अब अपने परिवार और गांव के साथ समय बिताने के लिए तैयार हैं। सेना से रिटायर होने के बाद उनके जीवन में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। उनकी वापसी न केवल उनके परिवार, बल्कि समस्त ग्रामवासियों के लिए खुशी का कारण बन गई है, और यह आयोजन गांव में एक नई उम्मीद और उत्साह का संचार कर रहा है।

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