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ग्राम पंचायत मरोड़ा में युवाओं के द्वारा बिरसा मुंडा की 150 वी जयंती पर क्रांतिकारी जननायक बिरसा मुंडा के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित कर धरती आबा बिरसा अमर रहे अमर रहे नारो के साथ जयंती मरोड़ा में मनाया गया ।

विशेष संवाददाता  विनोद कुमेटी                                                                                                     ग्राम पंचायत मरोड़ा में युवाओं के द्वारा बिरसा मुंडा की 150 वी जयंती पर क्रांतिकारी जननायक बिरसा मुंडा के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित कर धरती आबा बिरसा अमर रहे अमर रहे नारो के साथ जयंती मरोड़ा में मनाया गया ।

कांकेर ग्राम पंचायत मरोड़ा के सरपंच लक्ष्मण सिंह मंडावी के कहा कि क्रांतिकारी
बिरसा मुण्डा का जन्म 15 नवम्बर 1875 के दशक में छोटा किसान के गरीब परिवार में हुआ था। मुण्डा एक जनजातीय समूह था जो छोटा नागपुर पठार (झारखण्ड) निवासी था।
1 अक्टूबर 1894 को नौजवान नेता के रूप में सभी मुंडाओं को एकत्र कर इन्होंने अंग्रेजो से लगान (कर) माफी के लिये आन्दोलन किया। क्रांतिकारी बिरसा मुंडा और उसके शिष्यों ने क्षेत्र की अकाल पीड़ित जनता की सहायता करने की ठान रखी थी और जिससे उन्होंने अपने जीवन काल में ही एक महापुरुष का दर्जा पाया। उन्हें उस इलाके के लोग “धरती बाबा” के नाम से पुकारा और पूजा करते थे। उनके प्रभाव की वृद्धि के बाद पूरे इलाके के मुंडाओं में संगठित होने की चेतना जागी।
1897 से 1900 के बीच मुंडाओं और अंग्रेज सिपाहियों के बीच युद्ध होते रहे और बिरसा और उसके चाहने वाले लोगों ने अंग्रेजों की नाक में दम कर रखा था। 1897 में बिरसा और उसके चार सौ सिपाहियों ने तीर कमानों से लैस होकर खूँटी थाने पर धावा बोला। 1898 में तांगा नदी के किनारे मुंडाओं की भिड़ंत अंग्रेज सेनाओं से हुई जिसमें पहले तो अंग्रेजी सेना हार गयी लेकिन बाद में इसके बदले उस इलाके के बहुत से आदिवासी नेताओं की गिरफ़्तारियाँ हुआ। कुछ उनके साथी ही अंग्रेजो के लालच में आकर बिरसा मुंडा को अंग्रेजो के हाथों पकड़वाया ।

आदिवासी छात्र युवा संगठन के अध्यक्ष राजेश नुरूटी ने बिरसा मुंडा के जीवन पे प्रकाश डालते हुए मुंडा जनजाति आदिवासियों के स्वतंत्रता संग्राम के योगदान के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। आगे कहा कि हमे अपने हक अधिकारों के प्रति लड़ाई लड़ना हैं , युवाओं को नशाकोरी से दूर रहने की अपील की है आदिवासी छात्र युवा संगठन क्षेत्र के शिक्षा समस्याओं को लेकर लड़ाई व छात्रों के लिए हर संभव मदद करने की बात कही ।

महामंत्री विनोद कुमेटी और जीत नाग, ने कहा युवतियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे आने की जरूरत है माता और पिताओ से लड़कियों को स्कूल जरूर भेजने की अपील की और क्रांतिकारी बिरसा मुंडा जी के रास्ते पर चलने की बात कही।

इस कार्यक्रम में निम्न मौजूद थे:- ग्राम पंचायत सरपंच लक्ष्मण मंडावी आदिवासी छात्र युवा संगठन प्रमुख राजेश नुरूटी,विनोद कुमेटी,जीत नाग, विष्णु दुग्गा फांडु उसेंडी जयलाल आचला, अमिला नरेटी,पेनिका सम्रात ,चैतु सलाम,आदि उपस्थित थे।

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