मथुरा के में सायं असकुण्डा बाजार में आकाशवाणी एवं श्री कृष्ण जन्मस्थान लीला मंच पर श्री राम जन्म, बधाई गायन एवं छप्पन भोग का आयोजन किया गया । पृथ्वी पर दुष्ट असुरों के अत्याचार, संत, साधु, ऋषि, मुनियों के यज्ञ, अनुष्ठान आदि में राक्षसों द्वारा विघ्न बाधा डालना एवं पापाचार, दुराचार चरम पर था । पृथ्वी इस सबसे तृस्त होकर गऊ का रूप धारण कर ब्रह्मा आदि देवताओं के पास पहुॅंची । तत्पश्चात् समाधान हेतु सभी ने भगवान श्री विष्णु की स्तुति कर प्रार्थना की । तब श्री विष्णु द्वारा आकाशवाणी हुई कि मैं शीघ्र ही पृथ्वी पर अवतार लेकर दुष्ट निशाचरों का शमन एवं पृथ्वी से भार व कष्ट को समाप्त करूंगा । आकाशवाणी असकुण्डा बाजार में हुई । जहाॅं चतुर्भुज रूप में श्री विष्णु के मनोहारी दर्शन हुए । इसी क्रम में जन्मस्थान लीला मंच पर श्री राम जन्म का मंचन हुआ । चक्रवर्ती सम्राट अयो/या नरेश राजा दशरथ ने कुलगुरू मुनि वशिष्ठ जी के परामर्श पर पुत्रयेष्टि यज्ञ किया जिसके फलस्वरूप ज्येष्ठ रानी कौशल्या के यहाॅ श्री राम अवतरित हुए । रानी कैकेयी के भरत व सुमित्रा के लक्ष्मण व शत्रुघ्न का अवतरण हुआ । जन्म की खुशी में राजा दशरथ ने राजकोष से धन व उपहार बाॅटे । अयो/यावासी खुशी से झूम कर नृत्य करने लगे । राजमहल में ढाड़ी, ढाड़िन व भाॅड़ों द्वारा बधाई स्वरूप सामूहिक गान व नृत्य किए गये । गुरू वशिष्ठ द्वारा चारों भाईयों का नामकरण संस्कार किया गया । जिसमें श्रीराम, भरत, लक्ष्मण, शत्रु/न के बाल स्वरूप के रूप में कृष्णान्श स्वामी, अवयान मित्तल, कनव अग्रवाल, बादान्य अग्रवाल बने । इस अवसर पर लीला मंच पर मनभावन छप्पन भोग का आयोजन किया । जिसमें श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न के बाल स्वरूपों को छप्पन भोग अर्पित किये गये । छप्पन भोग आकर्षण का केन्द्र रहा । असंख्य भक्तों ने छप्पन भोग दर्शन का पुण्य लाभ प्राप्त किया । प्रसाद व्यवस्था में मुख्य संयोजक अजय कुमार, अंकित अग्रवाल नमकीन वाले, रविप्रकाश साड़ी वाले, महेश चाचा, विजय बहादुर, मुकेश गर्ग का विशेष योगदान रहा । लीला प्रदर्शन के समय गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी, जयन्ती प्रसाद अग्रवाल, जुगलकिशोर अग्रवाल, नन्दकिशोर अग्रवाल, मूलचन्द गर्ग, प्रदीप सर्राफ पी.के., विजय सर्राफ किरोड़ी, शैलेश अग्रवाल सर्राफ, अजय मास्टर, पं0 शशांक पाठक, शेलेन्द्र हकीम, विनोद सर्राफ, नगेन्द्र मोहन मित्तल एडवोकेट, संजय बिजली, अनूप टैण्ट, मोहित अग्रवाल, हिमांशू सूतिया, उमेश बिजली, विष्णु शर्मा, गौरव अग्रवाल, अमन कुमार, चरत लाल सर्राफ, अंशुमान गोयल, पं0 अमित भारद्वाज, विवेक, बन्टी, चिराग, शिवम्, वैभव, रासबिहारी, मदनमोहन, रवि मंगलम आदि प्रमुख थे । *30 सितम्बर को सायं 5 बजे श्रीकृष्ण जन्मस्थान से ताड़का वध के लिए विश्वामित्र सहित श्रीराम, लक्ष्मण की सवारी डीग गेट, मण्डीरामदास, चौक बाजार, स्वामीघाट होते हुये राजाधिराज बाजार में पहुँचेगी वह ताड़का वध लीला होगी तत्पश्चात श्री कृष्ण जन्मस्थान लीलामंच पर जानकी जन्म, ताड़का वध, महर्षि गौतम अहिल्या चरित्र लीला रात्रि 7 बजे से होगी*
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