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बीकानेर-15 सितंबर 2024 रविवार आज का पंचांग व राशिफल और जानें कुछ खास बातें पंडित नरेश सारस्वत रिड़ी के साथ

सवांददाता नरसीराम शर्मा बीकानेर श्रीडूंगरगढ

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है।शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है।पंचांग में सूर्योदय सूर्यास्त,चद्रोदय-चन्द्रास्त काल, तिथि, नक्षत्र, मुहूर्त योगकाल,करण,सूर्य-चंद्र के राशि,चौघड़िया मुहूर्त दिए गए हैं।

*चोघडिया, दिन*

उद्वेग 06:23 – 07:55 अशुभ
चर 07:55 – 09:27 शुभ
लाभ 09:27 – 10:59 शुभ
अमृत 10:59 – 12:32 शुभ
काल 12:32 – 14:04 अशुभ
शुभ 14:04 – 15:36 शुभ
रोग 15:36 – 17:08 अशुभ
उद्वेग 17:08 – 18:40 अशुभ

*चोघडिया, रात*

शुभ 18:40 – 20:08 शुभ
अमृत 20:08 – 21:36 शुभ
चर 21:36 – 23:04 शुभ
रोग 23:04 – 24:32* अशुभ
काल 24:32* – 25:59* अशुभ
लाभ 25:59* – 27:28* शुभ
उद्वेग 27:28* – 28:56* अशुभ
शुभ 28:56* – 30:24* शुभ
(*) समय आधी रात के बाद, लेकिन अगले दिन के सूर्योदय से पहले.

🙏जय श्री गणेशाय नमः🙏
🙏जय श्री कृष्णा🙏
🙏🏻आज का राशिफल🙏🏻

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मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज का दिन सभी कार्य मे सफलता दिलाएगा। पूर्व में किये गए परिश्रम का फल आज अवश्य ही धन लाभ के रूप में मिलेगा लेकिन ध्यान रहे व्यवहारिकता से ही लाभ में वृद्धि हो सकती है लोभ अथवा अहम में रहे तो लाभ सीमित रह जायेगा। कार्य व्यवसाय में बिना किसी सहयोग के उन्नति होगी भविष्य की योजनाओं पर खर्च के साथ बचत भी करेंगे। सरकारी कार्य भी थोड़े बौद्धिक श्रम से धन खर्च कर बना लेंगे। दिमागी रूप से शांत रहने के कारण परिजनों के साथ संबंधों में निकटता आएगी। वृद्धजन का आशीर्वाद मिलेगा परोपकार की भावना आज कम ही रहेगी।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज आप पूर्व में की गलतियों की समीक्षा करेंगे भविष्य को लेकर थोड़ी चिंता भी रहेगी। कार्य व्यवसाय में आज कही से भी लाभ की उम्मीद नजर नही आएगी फिर भी मानसिक रूप से संतोषी ही नजर आएंगे। धन को लेकर जोड़ तोड़ की नीति अपनाने की जगह शांति से परिस्थिति अनुकूल बनने की प्रतीक्षा में रहेंगे। मन की इच्छाओं की तुलना में आज कर्म कम ही करेंगे भागदौड़ से बच बैठकर लाभ कमाने के चक्कर मे रहना अभाव को जन्म देगा। शारीरिक रूप से भी थोड़ा कष्ट रहेगा। परिजनों की बनी बनाई योजना पर लचीले व्यवहार के कारण पानी फेर देंगे।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज दिन के पहले भाग को छोड़ शेष समय शारीरिक एवं मानसिक समस्या का सामना करना पड़ेगा प्रातः काल से ही स्वास्थ्य में नरमी आने लगेगी लेकिन इसके प्रति लापरवाही करेंगे परिणाम स्वरूप मध्यान बाद स्थिति खराब होने लगेगी लेकिन ज्यादा गंभीर भी नही होगी। लेदेकर अपने नियमित कार्यो को किसी के सहयोग से पूरा कर लेंगे। धन की आमद आज आशाजनक नही रहेगी। सरकारी अथवा अन्य महत्त्वपूर्ण कार्यो को आज टालना ही बेहतर रहेगा। धन खर्च करने पर भी अधिकतर कार्य अधूरे ही रहेंगे। परिजनों के साथ संबंधो में रुखापन आएगा मतलब से बात करेंगे।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज के दिन पूर्वार्ध में पहले मिली सफलता के कारण निश्चिन्त रहेंगे महत्त्वपूर्ण कार्यो में लापरवाही करेंगे लेकिन मध्यान के बाद ही स्थिति को भाँप कर मेहनत के लिये प्रेरित होंगे। आज किये परिश्रम का फल निकट भविष्य में कुछ ना कुछ आर्थिक अथवा अन्य प्रकार से वृद्धि कराएगा। घर मे सुखोपभोग के साधन की खरीद की योजना बनेगी परन्तु आज बजट की कमी के कारण टालना भी पड़ सकता है। धन लाभ आशाजनक लेकिन भाग दौड़ के बाद ही होगा खर्च साथ लगे रहने से परिजनों की इच्छापूर्ति करने में विलंब होगा फिर भी आपसी तालमेल बना रहेगा स्वास्थ्य को लेकर आशंकित रहेंगे।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज दिन के आरंभिक भाग को छोड़ शेष सामान्य रहेगा। प्रातः काल सेहत में नरमी रहेगी लेकिन पहले की अपेक्षा सुधार भी आएगा आलस्य के कारण कार्य के प्रति टालमटोल करेंगे मध्यान बाद मानसिक रूप से स्थिरता आएगी कार्यो के प्रति गंभीरता बढ़ेगी लेकिन मजबूरी में ही करेंगे। धार्मिक कार्यो में आस्था मजबूत होगी। कार्य व्यवसाय से आज ज्यादा आशा नही रहेगी फिर भी दौड़ धूप का सकारात्मक परिणाम भविष्य में लाभ की आशा बनाए रखेगा। परिजन आपकी गतिविधयों पर नजर रखेंगे किसी भी अनैतिक कार्य से बचें अन्यथा सुख शांति बिगड़ सकती है। धन लाभ से खर्च ज्यादा रहेगा।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज के दिन बुद्धि विवेक में विकास होगा लेकिन इससे मनिच्छित सफलता नही मिल सकेगी दिन के पहले भाग में घर मे पुरानी बात के कारण मतभेद रहेंगे शांत रहने का प्रयास करें अन्यथा दिन भर मानसिक अशांति रहेगी। कार्य क्षेत्र पर नए तरीके से काम करने का प्रयास करेंगे इससे अन्य लोगो मे आपकी बुद्धि कौशल का प्रचार होगा पर धन लाभ के लिये तरसना पड़ेगा परिश्रम करने पर भी अल्प लाभ से संतोष करना पड़ेगा। लोग केवल मीठा बोलकर अपना हित साधेंगे सहयोग कोई नही करेगा। सेहत में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। परिवार की आवश्यकता पूर्ती करने में असमर्थ रहेंगे।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज दिन के आरंभ में किसी गुप्त कारण से चिंतित रहेंगे स्वयं अथवा किसी परिजन की गलती के कारण घर मे कलह होने की आशंका से मन व्याकुल रहेगा परिजनों के आगे सोच समझकर ही बात करें डर के कारण उलजुलूल बयानों से खुद ही शक पैदा करेंगे। कार्य क्षेत्र पर भी शांति की कमी रहेगी धन अथवा किसी वस्तु को लेकर गरमा गरमी होने की संभावना है। लाभ की संभावनाए बनते बनते बिगड़ेंगी। सामाजिक एवं पारिवारिक व्यवहारों की जगह मौज-शौक पर खर्च करेंगे। सहयोगियों से आज कम ही बनेगी। मानसिक दबाव के कारण सर दर्द रहेगा।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज का दिन बीते समय की तुलना में बेहतर बीतेगा। दिन के आरंभ में अधिकांश कार्य हानि होने के डर से करने से कतराएंगे मध्यान तक मन पर चंचलता हावी रहेगी अनिर्णय की स्थिति अव्यवस्था बढ़ाएगी। किसी अनुभवी की सलाह मिलने पर हिम्मत आएगी कार्य व्यवसाय से आज लाभ की उम्मीद कम ही रखें निवेश करने से ना डरें भविष्य के लाभ के लिए आवश्यक है। धन लाभ की कामना संध्या तक पूर्ण होगी लेकिन कुछ कमी के साथ। वर्जित कार्यो में रुचि रहेगी जो सम्मान के साथ धन हानि का कारण बन सकती है इससे दूर रहें। खासी जुखाम से पीड़ा की संभावना है।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज दिन के पूर्वार्ध की संतोषी प्रवृति मध्यान तक बेचैनी में बदल जाएगी। धन को लेकर आज कोई जोखिम नही लेंगे लेकिन लाभ पाने के लिये किसी भी प्रकार से कसर भी नही छोड़ेंगे दिन भर के कार्य कलापो से असंतोष होगा परन्तु आकस्मिक लाभ होने पर थोड़ी राहत मिलेगी आज आप जिस लाभ के अधिकारी है उसमें किसी का गलत मार्गदर्शन कमी लाएगा फिर भी खर्चो की पूर्ति आसानी से हो जाएगी। नौकरी वाले लोग धन लाभ की आशा में रहेंगे पर आज निराश ही होना पड़ेगा। परिवार के सदस्य अन्य की कमिया बता स्वय की गलती पर पर्दा डालेंगे थोड़े मतभेद के बाद भी शांति रहेगी।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज दिन का आरंभ शांति से व्यतीत होगा लेकिन इसके बाद व्यर्थ के प्रपंचो में पड़कर मानसिक शांति खो देंगे। करने योग्य कार्य छोड़ अनर्गल प्रवृतियों में समय और धन नष्ट करेंगे। सरकारी क्षेत्र से आशाजनक समाचार मिलेंगे लेकिन सफलता आज संदिग्ध ही रहेगी। कार्य व्यवसाय में बड़ा निर्णय लेने का विचार बनाएंगे यह भविष्य के लिये लाभदायक रहेगा। धन की आमद सोच से थोड़ी कम रहेगी पुराने कार्यो से लाभ होगा लेकिन ज्यादा देर टिकेगा नही। व्यापार विस्तार की योजना भी बनाएंगे जिसमे सफलता निश्चित रहेगी। घर में किसी खुशखबरी के मिलने से आनंद का वातावरण बनेगा। सेहत सामान्य रहेगी।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज के दिन से आप काफी उम्मीद लगाए रहेंगे लेकिन दिन निराश करने वाल रहेगा। आवश्यक कार्य मनमौजी प्रवृति के कारण अधूरे रहेंगे। जिस कार्य से लाभ की आशा रहेगी उसमे किसी का हस्तक्षेप पड़ने से हानि होगीं। भागीदारी के कार्य मे स्पष्टता रखें गलतफहमी संबंद तोड़ सकती है। धन लाभ की संभावनाए ही बनेगी लेकिन पूर्ण नही हो सकेगी। लोग आपका सहयोग करने की जगह त्रुटियां निकालेंगे। रमणीय पयर्टक स्थल की यात्रा होगी खर्च में नियंत्रण रखने पर भी अकस्मात होने से कोष में कमी आएगी। शारीरिक रूप से कुछ ना कुछ कमी बनी रहेगी। जोखिम वाले कार्यो से आज डोर रहना ही बेहतर रहेगा।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज के दिन भागदौड़ भरी जिंदगी में शांति की तलाश में रहेंगे मन में आज कुछ ना कुछ उठापटक लगी रहेगी। दिन के आरंभ में जो भी योजना बनाएंगे अन्य कार्य आने से इनमे फेरबदल करना पड़ेगा। कार्य व्यवसाय की जगह आज सार्वजनिक क्षेत्र से उम्मीद अधिक रहेगी। व्यवसायी वर्ग सही दिशा में जा रहे कार्यो के प्रति आशंकित रहेंगे लाभ के नजदीक पहुच कर निर्णय बदलने पर होने वाले लाभ में कमी आएगी। सरकारी कार्य धीमी गति से आगे बढ़ेंगे। मित्र परिचितों से संबंधो में मधुरता बढ़ेगी फिर भी छोटी-छोटी बातों को अनदेखा करना ही बेहतर रहेगा। परिवार में बीमारियों के कारण उदासीनता रहेगी।
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गणपत्य संप्रदाय” क्या है। ?

गणपत्य हिन्दुओं का वह सम्प्रदाय है जो गणपति (गणेश) को सगुण ब्रह्म के रूप में मानता एवं पूजता है। गणपत्य संप्रदाय के लोग गूढ़ हिंदू संप्रदाय के सदस्य है जो गजानन गणेश को परम देवता मानकर उनकी पूजा करते हैं।
लगभग 10वीं शताबदी में यह संप्रदाय अपने चरम पर था और इसने सभी महत्त्वपूर्ण कार्यों और धार्मिक अनुष्ठानों के प्रारंभ में संतुष्ट किए जाने वाले महत्त्वपूर्ण देवता के रूप में गणेश की स्थापना की।इस संप्रदाय ने गणेश को समर्पित मंदिर बनवाए, जिनमें सबसे बड़ा,तिरुचिरापल्ली (तमिलनाडु) में चट्टानों को काटकर बनाया गया मंदिर उच्चि-पिल्लैयार कोविल है। गणेश की पूजा उनकी मूर्ति के समक्ष ध्यान के द्वारा और बिना ध्यान किए फल-फूल अर्पित करके, दोनों तरीके से की जाती है। इस संप्रदाय के सदस्य माथे पर गोल लाल टीका लगाते हैं और कंधों पर हाथी का सिर और दांत का चिह्न अंकित करवाते हैं।[1]

गणपत्य संप्रदाय

हिंदू धर्म की सभी विचारधारा या संप्रदाय वेद से निकले हैं। वेदों में ईश्वर, परमेश्वर या ब्रह्म को ही सर्वोच्च शक्ति माना गया है। सदाशिव, दुर्गा ब्रह्मा विष्णु,महेश,सरस्वती,लक्ष्मी पार्वती, गणेश, कार्तिकेय, भैरव, काली आदि सभी उस सर्वोच्च शक्ति का ही ध्यान करते हैं। सभी संप्रदाय मूल में उसी सर्वोच्च शक्ति के बारे में बताते हैं। हिन्दू धर्म में मूलत: वैदिक, शैव, वैष्णव, शाक्त, गाणपत्य, कौमारम, तांत्रिक और स्मार्त संप्रदाय का उल्लेख मिलता है। पार्वती के पुत्र गजानन गणेश के भक्तों के समूह को ही गाणपत्य संप्रदाय का माना जाता है, जो गूढ़ हिंदू संप्रदाय के सदस्य हैं। इस संप्रदाय का प्रचलन महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में था। भगवान गणेश की प्रतिमा और उनकी पूजा दुनिया भर की प्राचीन सभ्यताओं प्रचलित थी। लगभग 10वीं सदी तक यह संप्रदाय अपने चरम पर रहा। इस सम्प्रदाय के लोग महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक में ज्यादा हैं। हालांकि वर्तमान में हिन्दुओं के सभी संप्रदाय आपस में घुल मिल गए हैं और सभी सभी की पूजा करते हैं। गाणपत्य मानते हैं कि गणेश ही सर्वोच्च शक्ति हैं। गणेशजी की सगुण और निर्गुण दोनों ही रूप में पूजा होती है। इस संप्रदाय के लोग ही भाद्रपद के चतुर्थी को गणेश का जन्मोत्सव मनाते हैं। इस संप्रदाय ने गणेशजी को समर्पित अनेक मंदिर बनवाए।जिनमें सबसे बड़ा,तिरुचिरापल्ली (तमिलनाडु) में चट्टानों को काटकर बनाया गया मंदिर उच्चि-पिल्लैयार कोविल है। इस संप्रदाय के सदस्य माथे पर गोल लाल टीका लगाते हैं और कंधों पर हाथी का सिर और दांत का चिह्न अंकित करवाते हैं। मोरिया गांव : मोरया गोसावी नाम के एक बहुत ही प्रसिद्ध भक्त थे। उनके पिता का नाम वामन भट और माता का नाम पार्वती बाई था। वेलगभग सोलहवीं सदी (मतांतर से चौदहवीं सदी) में कर्नाटक से आकर पुणे के पास पुणे के समीप एक बस्ती में रहने लगे थे। वामन भट परम्परा से गाणपत्य सम्प्रदाय के थे। चिंचवड़ मोरया गांव नाम से विख्यात है। यहीं पर मोरया गोसावी ने जीवित समाधि ले ली थी।

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