जिला संवाददाता विमल गुप्ता यूपी
दिनांक 25.08.2024
जनपद कानपुर देहात
{ मोहम्मदपुर }
• कर्बला की तपती ज़मीन पर इमाम हुसैन पर हुए जुल्मो को महसूस करने के लिए आग पर मातम कर हम मनाते हैं हर साल चेहल्लुम – “मौलाना सदाकत हुसैन” अमेठी

कानपुर देहात। मोहम्मदपुर गांव में हर साल की तरह इस साल भी मनाया गया चेहल्लुम का कार्यक्रम। मौलाना सदाकत अली अमेठी इमामेजुमा मोहम्मदपुर कानपुर देहात ने चेहल्लुम मजलिस आग के मातम के पहले पढ़ी। शिया महासभा के जिलाध्यक्ष कानपुर देहात एवं अंजुमन शमा हुसैनी मोहम्मदपुर के जरनल सेक्रेटरी सैय्यद विकार अली रिज़वी उर्फ पुतान मामू ने चेहल्लुम का कार्यक्रम शिद्दत के साथ मनाया। मौलाना सदाक़त हुसैन अमेठी ने बताया कि हम चेहल्लुम इसलिए मानते हैं कि कर्बला की जमी पर इमाम हुसैन पर हुए थे जुल्म। इमाम हुसैन की बहन जैनब जिनको कर्बला के मैदान से असीर किया गया । फिर उनको सीरिया ले जा गया था। आज ही के दिन उनको रिहाई मिली थी । तो वह अपने भाई इमाम हुसैन की कब्र पर उनसे मिलने गयी थीं। उनकी याद में ही हम आप चेहल्लुम का कार्यक्रम मनाते हैं । और आग पर मातम हम इसलिए करते हैं कि इमाम हुसैन को कर्बला की तपती हुई जमीन पर कत्ल किया गया था ।जहां जमीन का तापमान इतना था कि अगर उस जमीन पर एक अनाज का दान भी डाल दिया जाए तो वह भुन जाता । कर्बला की जमीन गर्मी से तपी हुई थी ।और उसी जमीन पर इमाम हुसैन का जनाजा पड़ा रहा था । उसी तपिस को महसूस करने के लिए हम आग पर मातम करते हैं। कर्बला में इमाम हुसैन को कितनी तकलीफ मिली थी उसका एहसास करने के लिए हम आज भी आग पर मातम करते हैं ।इमाम हुसैन के खेमों को भी वहां आग लगा दी गई थी इस तकलीफ को महसूस करने के लिए हम आज आग पर चलते हैं और चेहल्लुम मानते हैं ।















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