अचानक भरभराकर गिरा कुंभराज रेलवे स्टेशन बिल्डिंग का एक हिस्सा
गुरुवार तडक़े की घटना, बाल-बाल बचे लोग
(सीताराम नाटानी) गुना-(ईएमएस)l जिले में गुरुवार सुबह 5 बजे कुंभराज रेलवे स्टेशन की बिल्डिंग का एक हिस्सा अचानक गिर गया। गनीमत रही कि बिल्डिंग गिरने से कोई यात्री हताहत नहीं हुआ वरना बड़ा हादसा हो सकता था। कुंभराज स्टेशन भवन क्षतिग्रस्त होने के बाद से यात्री सुबह से बिना टिकट यात्रा कर रहे है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि बिल्डिंग क्षतिग्रस्त होने से टिकट वितरण का काम रुक गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार करीब 60 साल पुराने कुंभराज रेलवे स्टेशन की बिल्डिंग गुरुवार को अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में किसी जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। हालांकि हादसे के बाद से कुंभराज स्टेशन से साबरमती, कोटा-इंदौर, नागदा-बीना जैसी ट्रेनों में रेल यात्री बिना टिकट यात्रा कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक सुबह 5 बजे हादसे से रेल स्टेशन पर पहुंचने वाले सकते में आ गए। कुंभराज स्टेशन से विभिन्न स्टेशनों की ओर यात्रा करने वाले रेल यात्री स्टेशन बिल्डिंग गिरने के बाद भी यात्री जारी रखी, लेकिन टिकट वितरण केंद्र बिल्डिंग के साथ क्षतिग्रस्त हो गया इसलिए सभी यात्रियों ने बिना टिकट अपने गंतव्य की ओर गए।
रोड से लेकर मूलभूत सुविधाओं को तरस रहा स्टेशन
उल्लेखनीय है कि कुंभराज नगर से तीन किमी दूर रेलवे स्टेशन कई समस्याओं से ग्रस्त है, जिसकी तरफ किसी का भी ध्यान नहीं गया है। कुंभराज स्टेशन की मुख्य समस्या यहां बनी एप्रोच रोड है जो जर्जर हालत में है जो क्षतिग्रस्त और उबड़-खाबड़ है। उक्त सडक़ लंबे संघर्ष के बाद कोरोना काल में सीसी की बनी थी। लेकिन वह छह महीने भी नहीं चल सकी। वहीं स्टेशन पर मूलभूत सुविधाओं की कमी है। पीने के पानी की टंकियों का उचित प्रबंधन नहीं है, प्लेटफार्म को ऊंचाई बढ़ाने की मांग लंबे समय से चल रही है, ताकि बुजुर्ग और दिव्यांगों को रेल में उतरने तथा चढऩे में परेशानी न हो। वहीं रेल अधिकारियों का कहना है कि रेलवे नियमानुसार स्टेशन पर सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। कुंभराज रेलवे स्टेशन पर धूप व बारिश से बचने के लिए टीनशेड या छत कमी बनी हुई है। ऐसे में ट्रेनों के इंतजार में यहां खड़े रहने वाले यात्रियों को कई तरह की दिक्कतें उठानी पड़ रही है। रात को इस स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए बंदोबस्त नहीं किए गए हैं। स्टेशन पर लगी स्ट्रीट लाइटों में ज्यादातर बंद रहती हैं। रात को जहां क्रॉसिंग की वजह से लंबी दूरी की ट्रेनों को काफी देर तक रोक दिया जाता है। वहीं रात के वक्त स्टेशन पर सुरक्षा के लिए न तो पर्याप्त मात्रा में आरपीएफ के जवान होते हैं और न ही जीआरपी का ही बल होता है। ऐसे में ट्रेनों में सवार यात्रियों को खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों आदि ने बताया कि स्टेशन पर कई बार यात्रियों से सामान छीना झपटी जैसी घटनाएं भी हो चुकी हैं, लेकिन इसके बाद भी सुरक्षा को लेकर रेलवे प्रबंधन ध्यान नहीं दे रहा है।
गुना जिले से संवाददाता बलवीर योगी


















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