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बैतूल – आदिवासियों के देव खलियान को नष्ट करने के मामले में जयस प्रदेश संयोजक ने कलेक्टर से की शिकायत

रिपोर्टर देवीनाथ लोखंडे

जिला बैतूल

आदिवासियों के देव खलियान को नष्ट करने के मामले में जयस प्रदेश संयोजक ने कलेक्टर से की शिकायत

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आदिवासियों के देव खलियान की सुरक्षा के लिए आगे आया जयस संगठन, खलियान को ‘वाजिबुल अर्ज’ में दर्ज करने की मांग
कांग्रेस सरकार में बनाया गया था आदिवासी देवठान संरक्षण (आस्ठान) योजना नियम 2019

 

बैतूल। जयस प्रदेश संयोजक नर्मदा पुरम संभाग प्रभारी जामवन्त सिंह कुमरे ने आदिवासियों के देव खलियान को नष्ट करने और इसे वाजिबुल अर्ज में दर्ज करने के मामले में कलेक्टर और अनुविभागीय अधिकारी प्रभात पट्टन से शिकायत की है।
साथ ही मांग की है कि बैतूल जिले के सभी आदिवासियों के देव खलियान (पेनकडा) जिसे पीढ़ियों से पूजते आ रहे है उनका सर्वे कर बाजीबुल अर्ज में दर्ज किया जाए जिसके लिये कांग्रेस सरकार में आदिवासी देवठान संरक्षण(आस्ठान) योजना नियम 2019 बनाया गया था और बजट भी आवंटित किया था। जामवन्त सिंह कुमरे ने बताया आदिवासियों की आस्था अनुसार तीन प्रकार के पारम्परिक देवी देवता (पेन) परिवार की कुलदेवी देवता, ग्राम देवी देवता, सामुदायिक देवी देवता का संरक्षण हो सके जिसकी राज्य स्तरीय विशेषज्ञ गठित की गई थी ताकि देवस्थलों से सम्बंधित निर्माण एवं जीर्णोद्धार की कार्यवाही की जा सके। बजट प्रावधान में व्यय मांग संख्या 33 मुख्य शीर्ष 2225 के अंतर्गत 9853 आदिवासी संस्कृति का संवर्धन,अनुसंधान,प्रशिक्षण एवं विकास मद से किया गया था परन्तु बीजेपी सरकार में इस कार्ययोजना को लगभग बंद कर दिया गया है, जबकि जनजातीय विभाग में करोड़ो रुपयों का बजट आवंटित होता है और बिना खर्च किये ही वापस हो जाता है। सरकार आदिवासियों के बजट का सही से उपयोग कर जनजाति समाज की योजनाओं और उनके अधिकारो के प्रति खर्च करें तो मुख्य धारा में जल्द ही उनका विकास सुनिश्चित है।
— मोरण्ड में स्थित है कुमरे परिवार का देव खलियान–
उन्होंने बताया कुमरे परिवार का देव खलियान मोरण्ड में वर्षों पीढ़ियों से सुश्री प्रमिला बेले की जमीन पर स्थित है, जहां आदिवासी समुदाय लगातार देव पूजा करते आए हैं। प्रमिला बेले ने आदिवासियों को इस धार्मिक कार्य से रोकते हुए खलियान में लगे वृक्षों को जेसीबी से नष्ट कर दिया है। इस घटना से आदिवासियों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। मध्य प्रदेश भू राजस्व सहिता 1959 की धारा 242 एवं 6 जनवरी 1960 को प्रकाशित नियम के तहत, कुमरे परिवार ने देव खलियान को वाजिबुल अर्ज में दर्ज करने की मांग की है। जयस प्रदेश संयोजक ने इस मुद्दे पर कलेक्टर को आवेदन प्रस्तुत किया है और दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की मांग की है। कुमरे परिवार ने सुश्री प्रमिला बेले के खिलाफ अपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करने के लिए पुलिस अधीक्षक को आवेदन दिया है।
— अपर कलेक्टर ने जारी किए निर्देश–
इस मामले में अपर कलेक्टर ने आदिवासियों के देव खलियान को वाजिबुल अर्ज में दर्ज करने और खलियान को नष्ट करने के विरूद्ध कार्यवाही करने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), मुलताई को पत्र लिखा है। प्रदेश संयोजक जामवंत सिंह कुमरे ने बताया अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया है। अब देखना यह है कि प्रशासन किस प्रकार से इस मामले में आगे की कार्यवाही करता है और आदिवासियों की धार्मिक भावनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।

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