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स्टाप डेम निर्माण में लापरवाही और शासकीय राशि का गलत उपयोग, जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग

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रिपोर्टर ___देवीनाथ लोखंडे

जनपद __घोड़ाडोंगरी

स्टाप डेम निर्माण में लापरवाही और शासकीय राशि का गलत उपयोग, जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग
घोड़ाडोंगरी के उपाध्यक्ष ज्ञानसिंग परते ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की

 

 

बैतूल। स्टाप डेम निर्माण में भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप को लेकर जनपद पंचायत घोड़ाडोंगरी के उपाध्यक्ष ज्ञानसिंग परते ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने ग्राम पंचायत चिखली माल में चयन सिंह नायक के खेत के पास नदी पर बने स्टाप डेम के निर्माण में ठेकेदारों द्वारा घटिया सामग्री और अनियमितताओं का आरोप लगाया है। परते ने जिला कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, एसपी, अजाक थाना और कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है और आरोपियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की अपील की है। साथ ही, उन्होंने अपने खिलाफ लगाए गए रिश्वत के झूठे आरोपों को साजिश बताया है और निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस प्रकरण में अन्य जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी परते का समर्थन किया है।
ज्ञानसिंग परते ने अपनी शिकायत में बताया कि ग्राम पंचायत चिखली माल में चयन सिंह नायक के खेत के पास नदी पर जनपद पंचायत घोड़ाडोंगरी की 15वें वित्त राशि से स्टाप डेम का निर्माण किया गया। इस कार्य के लिए ग्राम पंचायत चिखली माल को एजेंसी नियुक्त किया गया था। उन्होंने बताया कि इस निर्माण कार्य को गुपचुप तरीके से ठेकेदार अरविंदर पोपली, दिलीप यादव और सुभाष यादव ने अंजाम दिया, जिसमें घटिया सामग्री और अनियमितताओं का भरपूर उपयोग किया गया।
— निर्माण कार्य में किया घटिया सामग्री का उपयोग–
ज्ञानसिंग परते ने आरोप लगाया कि स्टाप डेम के बेस में गिट्टी की जगह बड़े-बड़े पत्थरों का उपयोग किया गया और मिट्टी युक्त रेत का इस्तेमाल हुआ। कई जगहों पर बिना बेस के वॉल और कॉलम खड़े किए गए, और कम सीमेंट का उपयोग हुआ। इतना ही नहीं, इस कार्य को बिना तकनीकी विभाग को बताए चालू किया गया, जबकि पहले भी लापरवाही के कारण इंजीनियर ने इसे रुकवाया था।
— जनप्रतिनिधि के खिलाफ साजिश का आरोप–
परते ने बताया कि भ्रष्टाचार को उजागर करने के बाद ठेकेदार अरविंदर पोपली, दिलीप यादव और सुभाष यादव ने आदिवासी सरपंच सरिता धुर्वे को बहला-फुसलाकर उनके खिलाफ रिश्वत मांगने का झूठा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं और इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
— जनप्रतिनिधियों ने की जांच की मांग —
ज्ञानसिंग परते ने जिला कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ और नर्मदा पुरम संभाग के आयुक्त को इस मामले की शिकायत करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और एससी/एसटी एक्ट के तहत कार्यवाही करने की अपील की। ज्ञापन सौंपने वालों में जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र कवड़े, जिला पंचायत सदस्य संदीप धुर्वे, जनपद सदस्य संजू वर्ती, संजू वाड़िवा, जनपद सदस्य फुलवंती धुर्वे, अमित कुमरे सरपंच पाढर, सरपंच पचामा शेखर कुमरे, सरपंच खारी रानी कुमरे, सरपंच खदारा तारा कवड़े, सरपंच पीसाझोड़ी स्नेहा इवने, उप ब्लॉक अध्यक्ष पाढर सेक्टर नीरज राठौर, सलोनी कुमरे, आदिवासी कांग्रेस पार्टी उपाध्यक्ष कमलेश काकोड़िया सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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