रिपोर्ट रंजीत यादव
स्थान अयोध्या उत्तर प्रदेश
वसूली करने में दरोगा समेत चार पुलिसवालों पर मुकदमा, निलंबित
◾अयोध्या हाईवे पर दूसरे राज्यों के चालकों को चालान, बस सीज करने की देते थे धमकी
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#लखनऊ।
======= लखनऊ में दूसरे राज्यों के बस चालकों से वसूली करने वाले दरोगा समेत 4 पुलिसवालों को सस्पेंड किया गया है। मंगलवार देर रात विभूतिखंड थाने में चारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं।
संयुक्त पुलिस आयुक्त लॉ एंड ऑर्डर उपेंद्र अग्रवाल ने बताया, कामता चौराहे पर वसूली की शिकायत मिली थी। इसकी जांच कराई गई, तो दरोगा उमेश सिंह, सिपाही शुभम कुमार, विवेक विशाल दुबे और सचिन कुमार दोषी पाए गए। इन सभी को सस्पेंड कर अवैध वसूली की धारा में FIR दर्ज की गई है।
संयुक्त पुलिस आयुक्त ने बताया- ये सभी पुलिसकर्मी रात में दूसरे राज्यों से आने वाली बसों को रोकते थे। फिर चालान और सीज करने की धमकी देकर वसूली करते थे। पुख्ता सबूतों के आधार पर एक्शन लिया गया है।
शिकायत मिलने के बाद संयुक्त पुलिस आयुक्त ने सबूत जुटाने के लिए स्टिंग किया। इसमें एक पुलिसकर्मी को ऑपरेटर बनाकर दूसरे राज्य की बस में बैठाया। जैसे ही बस कामता तिराहे पर पहुंची, इन पुलिसवालों ने रोक लिया। कागज देखे और फिर वसूली की रकम मांगी।
पुलिसकर्मी ने इसका ऑडियो रिकॉर्ड कर लिया और वीडियो भी बना लिया। जांच में इन्हें शामिल किया, जिसके आधार पर चारों को दोषी बनाया गया।
चारों पुलिसकर्मी बेखौफ होकर वसूली कर रहे थे। जेसीपी की जांच में सामने आया कि बस चालक से सीधे एक हजार रुपए मांगे गए। एक पुलिसकर्मी बोला कि यह एंट्री फीस है। रकम न देने पर चालान होगा या गाड़ी सीज की जाएगी।
शहर के अलग-अलग एंट्री पॉइंट पर पुलिसकर्मी बाहरी नंबर की गाड़ियां देखते ही तुरंत रोकते हैं। इसके पीछे कारण सिर्फ वसूली रहता है। पिछले सप्ताह कामता चौकी में एक बस के ऑपरेटर को पुलिसकर्मियों ने पीटा भी था। मामले में पांच पुलिसकर्मी निलंबित किए गए थे।














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