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गुना-मुरली धोकर मंदिर में हुईं कवि गोष्ठी संपन्न।

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न्यूज़ रिपोर्टर शाका नामदेव गुना

मुरली धोकर मंदिर में हुईं कवि गोष्ठी संपन्न।

 

खबर गुना जिला मध्य प्रदेश से

 

चेतना साहित्य एवं कला परिषद गुना द्वारा मुरली धोकर मंदिर पर वरिष्ठ कवि विष्णु साथी की अध्यक्षता गोवर्धन लाल मित्तल के मुख्य आतिथ्य तथा निरंजन भाया कसेरा एवं अमित शर्मा उर्फ बब्लू के विशिष्ट आतिथ्य में कवि गोष्ठी संपन्न हुई। कवि गोष्ठी का संचालन नगर के जाने-माने शायर प्रेम सिंह प्रेम ने किया। सरस्वती वंदना हरीश सोनी ने सुनाई। संचालन करते हुए प्रेम सिंह प्रेम ने कहा कि कभी अच्छे कभी बुरे ख्याल आ ही जाते हैं, ज़हन में अनसुलझे सवाल आ ही जाते हैं। अपनों की बेरुखी,छल,कपट से तंग आकर,दिल जब रोता है तो आंसू आ ही जाते हैं। वरिष्ठ कवि विष्णु साथी ने कहा कि इतने बुरे तो दुनिया में दुश्मन नहीं होते, कुछ दोस्त, दुश्मनों से भी आगे निकल गए। उमाशंकर भार्गव ने बेटी के संबंध में अपने विचार इस प्रकार व्यक्त किए बेटी तो दो परिवारों का ध्यान रखती है श्रीमान, नहीं भूलना चाहिए हमें उसका यह एहसान। हरीश सोनी ने कहा कि सामने कुछ दिखें और होते हैं कुछ,आज दुनिया का ऐसा चलन हो गया।खास अपने बने घात फिर वो करें, यूं ही रिश्ते निभाना चलन हो गया।शायर संजय खरे ने कहा इस ज़िन्दगी का यारों इतना सा फ़साना है, दुनिया है एक मकां जिसमें दो दिन का ठिकाना है,छोटा न बड़ा कोई यहां सब लोग बराबर है,जैसा है लिखा उसने बस किरदार निभाना है। धर्मवीर सिंह भारतीय ने कहा कोई देता धन और दौलत मैं तुम्हें दुआयें देता हूं, तुम खुश रहना दुआ हमारी इतना ही कह सकता हूं। सियाराम कुशवाह ने कहा यह ज़िन्दगी एक सफ़र है फिर भी आदमी बेफिकर होकर जी रहा है, बीड़ी, तम्बाकू, सिगरेट,दारु ज़हर है फिर भी बेफिकर होकर पी रहा है। शंकर राव मोरे ने कहा सबका साथ सबका विकास मंत्र नहीं माना, स्वार्थ,मोह का नशा किया निज भविष्य नहीं जाना। बीती ताहि बिसार नये भारत की चिंता कर, गलती अपनी सुधार और अपयश से डर। अभिनंदन मडवरिया ने कहा कि आलोकित हो जीवन तेरा, कर्मशील हो दिनचर्या।इस अवसर पर डाक्टर लक्ष्मीनारायण बुनकर, रवि शर्मा बंजारा, बाबू खां निडर,अमित शर्मा उर्फ बब्लू, माया ओझा, रामजीवन भार्गव ने भी अपनी रचनाएं सुनाई। गोवर्धन लाल मित्तल ने गीत वीर हनुमाना सुन बलबाना सबकी सुनियो रे सुनाया। अंत में सभी ने समाज सेवी निरंजन भाया कसेरा को जन्मदिन की बधाई दी। डाक्टर लक्ष्मीनारायण बुनकर, सियाराम कुशवाह, चेतना साहित्य एवं कला परिषद ने अभिनंदन पत्र भाया कसेरा को प्रदान करते हुए उनकी दीर्घायु की कामना की। कवि गोष्ठी में जगदीश प्रसाद शर्मा, नंदकिशोर अग्रवाल, पवन शर्मा, बाबू खां ,रमेश,तन्वी, उमेश, गोपाल, साक्षी ओझा, संतोष, गोविन्द राव, रंगेश श्रीवास्तव, जगदीश श्रीवास्तव, कैलाश धाकड़, रणबीर सिंह कुशवाह, असीम भटनागर रामलाल,विनय सहित कई श्रोताओं ने कवि गोष्ठी का लुत्फ उठाया आभार व्यक्त करते हुए बृजेश कुमार श्रीवास्तव अध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक परिसंघ गुना ने कहा कि आज के युग में कविता करना कठिन कार्य है। प्रत्येक माह इस तरह के आयोजन होना चाहिए।

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