Advertisement

बीकानेर-प्रवासी नागरिकों ने कोलकाता में मनाया श्री डूंगरगढ़ का 142वां स्थापना दिवस

न्यूज रिपोर्टर मनोज मूंधड़ा बीकानेर श्रीडूंगरगढ़

प्रवासी नागरिकों ने कोलकाता में मनाया श्री डूंगरगढ़ का 142वां स्थापना दिवस

श्री डूंगरगढ़ नागरिक संघ ने स्थानीय राजस्थान सूचना केंद्र में श्री डूंगरगढ का 142वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया। श्रीडूंगरगढ़ निवासी कोलकाता प्रवासी संस्था के अध्यक्ष जतन पारख ने आयोजन की शुरुआत स्वरचित गीत से की। उपस्थिति सभी लोगों ने इस गीत के जरिए श्री डूंगरगढ से जुड़ी यादें ताजा की। जतन पारख ने धोरा की धरती श्रीडूंगरगढ़ का गायन के माध्यम से पूरी बातें साझा की।विशिष्ट अथिति दामोदर अग्रवाल ने स्थापना दिवस की शुभकामना देते हुए सभी से जड़ों से जुड़े रहने का आह्वान किया। हिंगलाज दान रतनू ने महाराणा प्रताप की कविता सुनाते हुए सभी को शुभकामना दी। राजस्थान पत्रिका के विनित शर्मा, अरूण प्रकाश मल्लावत, महावीर सोनी आदि सभी ने अपनी ओर से स्थापना दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। श्रीडूंगरगढ़ की स्थापना जेठ बदि तीज 1939 में हुई । श्रीडूंगरगढ़ निवासियों का धार्मिक तथा अन्य अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान है ।श्री डूगरगढ की बेटी अंजू सेठिया ने जन्मभूमि को याद करते हुए कुछ संस्मरण उदाहरणों के साथ बताया कि श्री डूंगरगढ की मिट्टी किस‌ तरह से साहसी और संस्कारी बनाती है। अमर चंद पुगलिया धर्मचंद धाडेवा मालचंद सिंघी ने बताया कि श्री डूंगरगढ़ के गणमान्य लोग अध्यक्ष जतन पारख , रतन सोमानी,मदन जोशी,महावीर सोनी, आनंद पारख, उत्तम पुगलिया, अरुण पुगलिया, दीप बलदेव, अमरचद पुगलिया पवन चांडक, सोहन सिंघी, जगदीश मुँधड़ा, रतन श्यामसुखा, सीताराम डागा, बिमल नौलखा, मोहनलाल पारीक, अंजनी कुमार मूंधड़ा, पार्षद विजय ओझा,मालचंद सिंघी,धर्म चंद धाड़ेवा, राधेश्याम सोनी,रतन श्यामसुखा , अजय भंसाली आदि गणमान्य उपस्थित होकर इस शानदार कार्यक्रम के साक्षी बने। श्रीडूंगरगढ़ निवासियों का श्रीडूंगरगढ़ के विकास चिकित्सा शिक्षा तथा श्रीडूंगरगढ़ के सौन्दर्यकरण मे महत्वपूर्ण योगदान है

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!