• भाजपा मथुरा में मचे घमासान पर पर्दा डालने की हो रही कोशिश।
रिपोर्ट गोपाल चतुर्वेदी/मथुरा, उत्तर प्रदेश
मथुरा , सईया भए कोतवाल अब डर काहे का यह मुहावरा मथुरा जनपद के भाजपा कार्यकर्ताओ पर सटीक बैठता है जब से मथुरा मैं पूर्व जिला अध्यक्ष मधु शर्मा ने पद छोड़ा मथुरा भाजपा मैं बिखराव देखने को मिलते गए। भाजपा की कर्मठ कार्यकर्ता से पहचान बना कर जिला अध्यक्ष पद तक पहुंची मधु शर्मा ने भाजपा संगठन को संगठित कर बखूबी चलाया, वात कार्यकर्ताओ के मान सम्मान की आई तो भाजपा जिला अध्यक्ष जैसे पद को त्याग कर कार्यकर्ताओ की दिलों मैं अपनी जगह बनाई। भाजपा शीर्ष नेतृत्व ने मथुरा मैं नए जिला अध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष की नियुक्ति कर सबको चौका दिया था। सभी को लगा अब मथुरा भाजपा मैं कुछ नया होने जा रहा है। नए जिला अध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष के पदभार संभालते ही संगठन मैं गुटबाजी हावी होती दिखाई देने लगी। भाजपा जैसे संगठन मैं महानगर अध्यक्ष और जिला अध्यक्ष के चहेते अपने आप अपने पदों की नियुक्ति करने लगे। अभी हाल ही मै देखा होगा किस प्रकार भाजपा संगठन की गुटबाजी सोसल मीडिया मैं उजागर हुई एक दूसरे पर कीचड़ उछाली जाने लगी। एक ग्रुप ने होलीगेट मंडल अध्यक्ष की नियुक्ति को फर्जी बताया। सवाल उठ खड़ा हुआ कि फर्जी का पता था तो चुप क्यों क्या भाजपा संगठन मैं बोलने पर मधु शर्मा की तरह पद से हाथ धोना पड़ सकता था। सवाल महानगर अध्यक्ष की साख का है अगर नियुक्ति की है तो जो सवाल खड़े कर रहे है उनके ऊपर होली गेट मंडल अध्यक्ष की नियुक्ति का नियुक्ति पत्र सामने रखे अगर फर्जी तरीके से नियुक्त किया है तो कार्यवाही की जाय। सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि होली गेट मंडल अध्यक्ष ही नही कई और पदो की नियुक्ति भी इसी प्रकार की है जैसे कुछ कृपा पात्र खुद भाजपा मीडिया प्रभारी तक अपने आप को बताने लगे है। ये संगठन का अंदरूनी मामला है और अब सार्वजनिक रूप से जव खुल ही गया है तो जिला अध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष को स्पष्ट करना चाहिए कि फर्जी है या उनके द्वारा इस प्रकार की नियुक्ति की गई है। होली गेट मंडल अध्यक्ष द्वारा भी संगठन के जिम्मेदार पदाधिकारी पर संगीन आरोप लगाए उनकी भी जांच होनी चाहिए थी।
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