• जलकल विभाग महाप्रबंधक की लापरवाही के कारण हुए पार्षद लामबंद
नगर निगम मथुरा वृन्दावन ,के पार्षदों द्वारा नगर निगम जलकल विभाग के महाप्रबंधक ए०के० राजपूत द्वारा विभागीय कार्यों में की जा रही लापरवाही के विरोध में निगम सभागार में प्रेसवार्ता आयोजित की गई।प्रेसवार्ता में उपस्थित पार्षदों ने बताया कि नगर निगम मथुरा वृन्दावन, मथुरा के महाप्रबन्धक (जल) श्री अरूणेन्द्र कुमार राजपूत द्वारा अपने पद का दुरुपयोग किया जा रहा है। किसी भी वार्ड की पेजयल समस्या के विषय में घोर लापरवाहियाँ बरती जा रही हैं, कहीं पेयजल आपूर्ति नहीं है, तो कही पाइप लाइन टूटी हैं। समस्या के निदान के लिए कोई भी पार्षद जाता है तो महाप्रबन्धक (जल) द्वारा उनसे अभद्रता की जाती है और धमकियाँ दी जाती हैं।पार्षद देवेन्द्र कुमार ने बताया कि वह अपने वार्ड की पेयजल समस्या को लेकर महाप्रबन्धक जी के समक्ष निदान हेतु प्रार्थना की गयी परन्तु अपने पद के नशे में मदहोश महाप्रबन्धक जी ने उनसे अभद्र भाषा एवं जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए (जो यहाँ हमें उल्लेखित करते हुए भी शर्म आती है) बदतमीजी की गयी।
प्रेस वार्ता में उपस्थित पार्षदों द्वारा बताया गया कि दिनांक 30.04.2024 को नगर निगम मथुरा वृन्दावन, मथुरा के महाप्रबन्धक (जल) श्री अरुणेन्द्र कुमार राजपूत द्वारा अनुसूचित जाति के पार्षद देवेन्द्र कुमार के साथ जाति सूचक शब्दों प्रयोग अभद्र भाषा के साथ करते हुए बदतमीजी की गई। जिसकी शिकायत उसी दिवस थाना अध्यक्ष, थाना कोतवाली, मथुरा को दी गई परन्तु उस पर पुलिस विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई। इसके अतिरिक्त दिनांक 01.05.2024 को श्रीमान नगर आयुक्त महोदय नगर निगम मथुरा वृन्दावन, मथुरा को शिकायत की गई जिस पर कोई कार्यवाही नहीं की गयी है। साथ ही दिनांक 02.05.2024 को श्रीमान जिलाधिकारी महोदय एवं श्रीमान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत की गयी किन्तु अत्यन्त खेव का विषय है कि कोई कार्यवाही नहीं की गयी है।सभी पार्षदों ने एक स्वर में कहा कि यदि इसी प्रकार नगर निगम मथुरा वृन्दावन के अधिकारी हम पार्षदों से अभद्र व्यवहार करते रहे और नगर निगम मथुरा वृन्दावन व जिले के कोई अन्य उच्च अधिकारी भी हमारी समस्याओं की ओर ध्यान नहीं देंगे तो हम सभी जनता द्वारा चुने गये पार्षदों का औचित्य क्या है।उन्होंने कहा कि हमारी समस्याएँ कोई हमारी व्यक्तिगत समस्याएँ नहीं हैं। जनता द्वारा हमें चुना गया है, इसी वजह से जनसमस्याओं का निवारण करवाना हमारा धर्म है। साथ ही जन समस्याओं का निराकरण करना अधिकारीयों का धर्म है।
इसके बावजूद महाप्रबन्धक (जल) अरूणेन्द्र कुमार राजपूत द्वारा पार्षदों के साथ अभद्र व्यवहार करना, तथा जनसमसस्याओं का निराकरण न करते हुए अपने पद का दुरुपयोग करना उनकी अकर्मण्यता को दर्शाता है।हम सभी पार्षदों की माँग है कि महाप्रबन्धक (जल) अरूणेन्द्र कुमार राजपूत पर कानूनी दण्डात्मक कार्यवाही करते हुए उन्हें पदमुक्त किया जाये। अन्यथा की स्थिति में हम सभी पार्षदगण आन्दोलन करने को बाध्य होंगे।प्रेसवार्ता में मुख्य रूप से सर्वश्री रेनू तिलकवीर चौधरी, अंकुर गुर्जर, हनुमान, राजीव कुमार सिंह, सरस्वती धर्मेश नौहवार, कुलदीप पाठक, देवेन्द्र कुमार, पूनम धर्मेश तिवारी, पूजा ब्रजेश अहेरिया, उमा मुनेश दीक्षित, यतेन्द्र, मुन्ना मलिक, गुलशन, लीला, निरंजन कुन्तल आदि पार्षदगण मौजूद रहे।
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