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90% दिव्यांगता को हराकर 12वीं बोर्ड परीक्षा में 89.75% अंक: भाजयुमो उपाध्यक्ष की भतीजी ने रचा इतिहास, जीपीएम में जश्न,

90% दिव्यांगता को हराकर 12वीं बोर्ड परीक्षा में 89.75% अंक: भाजयुमो उपाध्यक्ष की भतीजी ने रचा इतिहास, जीपीएम में जश्न,

सूरज यादव, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। 30 अप्रैल 2026: CGBSE 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है। भाजपा युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष एकलव्य केवट की भतीजी और महिला मोर्चा मरवाही मंडल अध्यक्ष शशिकला केवट की पुत्री ने लगभग 90% दिव्यांग होने के बावजूद 12वीं बोर्ड में 89.75% अंक हासिल कर सबको चौंका दिया है। संघर्ष से सफलता तक का सफर: मरवाही निवासी इस होनहार छात्रा ने शारीरिक चुनौतियों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। सीमित शारीरिक क्षमता के बावजूद नियमित पढ़ाई, दृढ़ संकल्प और परिवार के सहयोग से उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। परिजनों के अनुसार, छात्रा रोजाना घंटों पढ़ाई करती थी और कभी हार नहीं मानी।परिवार और संगठन में खुशी की लहर: छात्रा के पिता भाजपा युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष एकलव्य केवट के भाई हैं, जबकि मां शशिकला केवट मरवाही महिला मोर्चा की मंडल अध्यक्ष हैं। बेटी की इस उपलब्धि पर पूरा केवट परिवार गौरवान्वित है।

भाजयुमो जिलाध्यक्ष ने कहा, “बेटी ने साबित कर दिया कि दिव्यांगता शरीर में होती है, हौसलों में नहीं। यह पूरे जिले के बच्चों के लिए प्रेरणा है।” महिला मोर्चा की पदाधिकारियों ने भी शशिकला केवट के घर पहुंचकर छात्रा को बधाई दी और मिठाई खिलाई। छात्रा की सफलता की खबर फैलते ही मरवाही सहित पूरे जीपीएम जिले में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बेटी ने साबित कर दिया कि मजबूत इरादों के आगे हर बाधा छोटी पड़ जाती है। सोशल मीडिया पर भी लोग छात्रा के जज्बे को सलाम कर रहे हैं। परिजनों ने बताया कि छात्रा आगे उच्च शिक्षा लेकर प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती है ताकि अन्य दिव्यांग बच्चों के लिए मिसाल बन सके। भाजयुमो ने छात्रा को हर संभव मदद का भरोसा दिया है।

CGBSE के अनुसार, 90% से अधिक दिव्यांग श्रेणी में 89.75% अंक लाना असाधारण उपलब्धि है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे छात्र विशेष सुविधाओं के साथ-साथ अपनी असाधारण इच्छाशक्ति के दम पर यह करते हैं।

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