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उम्र को भी हरा देता है मन का जज्बा : कुलपति प्रो. वर्मा

उम्र को भी हरा देता है मन का जज्बा : कुलपति प्रो. वर्मा

वेदना को शब्दों में पिरोकर जनता की आवाज उठाता है कवि : संदीप जायसवाल

सपना पूरा होना जिन्दगी का अविस्मरणीय पल : आशीष शुक्ला

जनपरिषद के तत्वाधान में जनकवि सुरेश सोनी ऋतुराज के काव्य संग्रह अनुभूति का विमोचन

समाज की वास्तविक छवि को प्रतिबिम्बित करता है साहित्य

सभी वर्गों के गणमान्य जनों की उपस्थिति से यादगार बना अनुभूति का विमोचन समारोह

कटनी। अगर आपमें काम करने का जज्बा है, तो आप किसी भी लक्ष्य को सहजता के साथ साध सकते हैं। जीवन में ध्येय महत्वपूर्ण होता है। आपका जज्बा आपको हारने नहीं देता। मन में कोई मिशन हो तो उम्र भी हार जाती है। यह बात रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो राजेश वर्मा ने होटल अरिंदम सभागार में आयोजित वरिष्ठ पत्रकार और कवि सुरेश सोनी ऋतुराज के काव्य संग्रह अनुभूति के विमोचन समारोह में मुख्य अतिथि की आसंदी से कही। अध्यक्षता विधायक संदीप जायसवाल ने की। विशिष्ठ अतिथि के रूप में यशभारत के संस्थापक आशीष शुक्ला की मौजूदगी रही। अन्य अतिथियों में जनपरिषद भोपाल के संयोजक रामजी श्रीवास्तव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक विश्वकर्मा, वरिष्ठ कवि मनोहर मनोज, पूर्व मिसेज यूनिवर्स डॉ प्रगति सेठ और जनपरिषद के प्रांतीय सचिव नितिन श्रीवास्तव की उपस्थिति रही। साहित्य संध्या को बनारस के युवा गीतकार वैभव अवस्थी और लखनऊ के युवा कवि दावर रजा की काव्य प्रस्तुतियों ने यादगार बना दिया। समारोह में शहर के सभी वर्गों के प्रतिष्ठित लोगों, राजनेताओं, प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ कटनी के काव्य जगत से जुड़े लोगों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर आयोजन को बेजोड़ बना दिया। लोगों की यही प्रतिक्रिया थी कि अरसे बाद साहित्य का ऐसा गुलशन सजा, जिसकी खुशबू से पूरा परिसर महक उठा। समारोह में काव्य संग्रह अनुभूति की समीक्षा कन्या महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ चित्रा प्रभात ने प्रस्तुत की। शहर के युवा रचनाकार तुषार तपन ने अपने काव्यमयी संचालन से सभागार में मौजूद हर साहित्य और कविता प्रेमी का ध्यान अपनी ओर खींचा। समारोह में शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह और अभिनंदन पत्र से अतिथियों का सम्मान भी किया गया। द्वितीय चरण में रचनाकारों ने एक से बढक़र एक रचनाओं की लाजवाब प्रस्तुति से समारोह को ऊंचाइयां प्रदान की। कार्यक्रम संयोजक यशभारत के स्थानीय संपादक आशीष सोनी ने आभार व्यक्त किया। समारोह में विधायक संदीप जायसवाल का जन्मदिन केक काटकर मनाया गया। इस मौके पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती स्मिता जायसवाल एवं अरिंदम के संचालक मनीष गेई की पत्नी ऋचा गेई भी मौजूद रही। इसके पहले अतिथियों ने रिबन खोलकर काव्य संग्रह अनुभूति का विमोचन किया। काव्य संग्रह अनुभूति के विमोचन समारोह का शुभारंभ वीणावादिनी मां सरस्वती के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके उपरांत अनुभूति पटेल ने अपने मधुर कंठ से सरस्वती वंदना एवं भजनों की शानदार प्रस्तुति दी। मंचासीन अतिथियों कुलपति डॉ राजेश वर्मा, विधायक संदीप जायसवाल का स्वागत कार्यक्रम के सूत्रधार यशभारत के स्थानीय संपादक आशीष सोनी, यशभारत के संस्थापक आशीष शुक्ला का स्वागत वूमेन विंग की राष्ट्रीय सचिव शिल्पी सोनी, वरिष्ठ पत्रकार एवं जनकवि सुरेश सोनी ऋतुराज का स्वागत भाजपा नेता सुरेश सोनी एवं पूर्व केडीए अध्यक्ष पीताम्बर टोपनानी, जन परिषद के संयोजक रामजी श्रीवास्तव का स्वागत कटनी यूनिट के अध्यक्ष राजेश श्रीवास्तव, राष्ट्रीय कवि मनोहर मनोज का स्वागत वूमेन विंग की पूर्व अध्यक्ष सीमा चौधरी, पूर्व मिस वल्र्ड डॉ प्रगति सेठ का स्वागत डॉ सुरेंद्र राजपूत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक विश्वकर्मा का स्वागत नीलम जगवानी, जन परिषद के प्रांतीय सचिव नितिन श्रीवास्तव का स्वागत डॉ ज्योति राजपूत, बनारस से आए युवा कवि वैभव अवस्थी का स्वागत पूर्व अध्यक्ष मनोज बर्मन, लखनऊ के युवा कवि डाबर रजा का स्वागत पंकज खरे ने पुष्पहारों, शाल श्रीफल, स्मृति चिन्ह और अभिनंदन पत्र से सम्मान किया।

इस उम्र में काम करना व्यक्ति की विशेषता : कुलपति

रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर के कुलपति डॉ राजेश वर्मा ने कहा कि 80 साल की उम्र में भी जज्बे के साथ काम करना व्यक्ति की विशेषता है। जीवटता के साथ अपने ध्येय की ओर कदम बढ़ाने से आप अपनी उम्र को हरा सकते हैं। उन्होंने कहा कि 108 पेज का अनुभूति काव्य संग्रह राम नाम की माला के 108 मोतियों के समान है।

जनता की आवाज उठाने काम करता है कवि : संदीप जायसवाल

विधायक संदीप जायसवाल ने जनकवि सुरेश सोनी के काव्य संग्रह अनुभूति के विमोचन पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आपने नगर निगम से रिटायरमेंट के बाद भी अपनी काव्य यात्रा को जारी रखा, यह अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि एक कवि व्यंग्य और वेदना को अपने शब्दों में पिरोकर जनता की आवाज को उठाने और जगाने का काम करता है। श्री जायसवाल ने कहा कि में कभी कवि सम्मेलनों में नहीं जाता। यहां नेताओं को काफी टारगेट किया जाता है लेकिन नेताओं को आलोचना सुनना चाहिए। इससे न केवल हमे अपनी गलतियों का अहसास होता है, बल्कि सुधार का भी मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि नेता इतने भी बुरे नहीं होते। राजनीति बहुत कठिन काम है। आलोचना करना बहुत आसान है और नेगेटिव हमेशा उभकर सामने आता है। उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि हम कभी गलती करते थे तो आप लोग ही हमे सही रास्ता दिखाने काम करते थे।

पिता के सपनों को बेटेआशीष ने किया पूरा : आशीष शुक्ला

यशभारत के संस्थापक आशीष शुक्ला ने कहा कि 80 साल की आयु में सुरेश सोनी ऋतुराज के काव्य संग्रह का विमोचन हो रहा है, इसके लिए में उन्हें बहुत-बहुत बधाई देता हूं। श्री शुक्ला ने कहा कि आज इस मौके पर सोनी जी की धर्मपत्नी श्रीमती रूकमणी देवी सोनी का स्मरण जरूरी है, क्योंकि इस सफलता में उनका भी संघर्ष रहा है। उन्होंने कहा कि आशीष बहुत ही सौभाग्यशाली है, जो अपने पिता के सपनों को खुली आंखों से पूरा कर रहा है। यह अविस्वमीण पल है। इस सफलता में आशीष की जीवनसाथी शिल्पी का भी सहयोग रहा है। यह पूरा परिवार आदर्श एक परिवार है।

5 दशकों की काव्य यात्रा का परिचय एवं समीक्षा

कार्यक्रम के अगले वरिष्ठ साहित्यकार राजेन्द्र सिंह ठाकुर ने सुरेश सोनी ऋतुराज की पांच दशकों की काव्य यात्रा के संबंध में परिचय देते हुए कहा कि वे ऐसी सख्सियत हैं, जिनका परिचय कुछ शब्दों में नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि श्री सोनी ने उस समय अपनी कविताओं की रचना की, जिस समय देश में इमरजेंसी लगी हुई थी। इसके बावजूद श्री सोनी ने अपने कदम पीछे नहीं हटाए और सत्ता के खिलाफ पूरी जिम्मेदारी और निष्पक्षता के साथ रचनाएं लिखी। वे किसी परिचय के मोहताज नहीं थे। मंचों पर उनकी उपस्थिति माहौल बनाने का काम करती थी। श्री ठाकुर ने उनके जन्म से लेकर आज तक के सफर को अपने शब्दों में उल्लेख किया। इसके उपरांत शासकीय कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ चित्रा प्रभात ने वरिष्ठ पत्रकार एवं जनकवि सुरेश सोनी ऋतुराज द्वारा रचित प्रथम काव्य संग्रह अनुभूति की समीक्षा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि इस काव्य संग्रह में समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति की पीड़ा को सामने लाने का प्रयास किया गया है।

अनुभूति में समाज के अंतिम व्यक्ति के दर्द का समावेश : रामजी श्रीवास्तव

जन परिषद के संस्थापक वरिष्ठ पत्रकार रामजी श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में वरिष्ठ पत्रकार एवं जनकवि सुरेश सोनी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज की पीड़ी को कवि अपने शब्दों में व्यक्त करने का प्रयास करता है और श्री सोनी ने अपनी कविताओं में समाज के अंतिम व्यक्ति के दर्द का इसमे समावेश किया है। सोनी जी की अधिकांश कविताएं 1975 की इमरजेंसी के दौरान ही लिखी गई है। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि जन परिषद आज इस मुकाम पर है तो इसमें कटनी चैप्टर का बहुत बड़ा योगदान रहा है। कटनी में जन परिषद की स्थापना के बाद कटनी से ही 19 चेप्टर बने और आज पूरे देश में 300 से ज्यादा चैप्टर का गठन हो चुका है।

युवा पीढ़ी इस कार्यक्रम से सीख ले : डॉ प्रगति सेठ

पूर्व मिस यूनिवर्स एवं जन परिषद की ब्राण्ड एम्बेसडर डॉ प्रगति सेठ ने कहा कि इस कार्यक्रम में आकर मुझे यह अहसास हुआ कि यह कार्यक्रम पुत्र द्वारा अपने पिता के सपनों को पूरा करने के लिए आयोजित किया गया है। इसके लिए आशीष सोनी साधुवाद के पात्र हैं। आज की युवा पीढ़ी को इस कार्यक्रम से सीख लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि में सोचती हूं कि में अपनी मां के लिए क्या करूं और मुझे इस कार्यक्रम में आकर काफी प्रेरणा मिली।

सामाजिक संस्थाओं ने किया स्वागत

अनुभूति के विमोचन के अवसर पर शहर की कई सामाजिक एवं साहित्यिक संस्थाओं ने वरिष्ठ पत्रकार एवं जनकवि सुरेश सोनी ऋतुराज का पुष्पहारों से स्वागत करते हुए अभिनंदन किया। सिंधी सेंट्रल पंचाायत की ओर से गोविन्द सचदेवा, नीलम जगवानी एवं साथियों ने, अयोध्यावासी स्वर्णकार समाज की ओर से अध्यक्ष विष्णु सोनी, महामंत्री विजय स्वर्णकार, महिला मंडल की अध्यक्ष स्नेहलता स्वर्णकार, कोषाध्यक्ष संजय सोनी एवं सेवानिवृत्त कर्मचारी सुधीर सोनी, शायर मारूफ अहमद हनफी, डॉ. सुरेन्द्र राजपूत, ज्योति राजपूत, कवियित्री रजनी सोनी, डॉ. ऊषा पांडे, पूर्व पार्षद सुभद्रा सोनी, शालिनी सोनी आदि ने स्वागत किया।

कवियों ने बांधा समा

कार्यक्रम के दूसरे चरण में कवि मनोहर मनोज की अध्यक्षता में कवि सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमे बनारस से आए युवा कवि वैभव अवस्थी एवं युवा शायर डाबर रजा (लखनऊ) ने शानदार काव्य पाठ किया। कवयित्री नीलिमा पाठक सामंतरे ने भी अपनी बेहतरीन रचना प्रस्तुत की। जन परिषद के सदस्यों द्वारा नीलिमा पाठक सामंतरे का स्मृति चिन्ह, अभिनंदन पत्र, शॉल, श्रीफल से सम्मान किया गया। कवियों की शानदार प्रस्तुति ने दर्शकों को तालियां बजाने के लिए मजबूर कर दिया। दोनों ही कवियों ने एक से बढक़र एक रचनाएं प्रस्तुत करते हुए उपस्थित श्रोताओं की वाहवाही लूटी। इस मौके पर वैभव अवस्थी एवं डाबर रजा का शाल श्री फल से अभिनंदन भी किया गया। कार्यक्रम संयोजक आशीष सोनी ने पिता सुरेश सोनी ऋतुराज की कविताओं के जरिए पुराने दिनों की यादों को ताजा किया। शहर के युवा रचनाकार तुषार तपन ने अपने काव्यमयी संचालन से सभागार में मौजूद हर साहित्य और कविता प्रेमी का ध्यान अपनी ओर खींचा।

मेरी पुस्तक देर से आई है, क्योंकि में सीधे रास्ते से आया हूं…

वरिष्ठ पत्रकार एवं जनकवि सुरेश सोनी ऋतुुराज ने काव्य पाठ करते हुए अपनी लोकप्रिय कविता मिटी हाथ से यश की रेखा…हमारे हिस्से आई आग प्रस्तुत करते हुए कार्यक्रम में समा बांध दिया।

इनकी रही उपस्थिति

कार्यक्रम में एएसपी डॉ. संतोष डेहरिया, डिप्टी कलेक्टर प्रदीप मिश्रा, सीएसपी नेहा पच्चीसिया, सिविल सर्जन डॉ यशवंत वर्मा, बिमल सामंतरे, डॉ अशोक चौदहा, डॉ सुनीता वर्मा, डॉ. सुब्बाराव, डॉ समीर चौधरी, डॉ मनीष गट्टानी, प्रियदर्शन गौर, मारूफ अहमद हनफी, उद्योगपति मनीष गेई, सतीश आनंद, अनिल खम्परिया, शरद जायसवाल, मकसूद खान नियाजी, आलोक तिवारी शौक, विष्णु बाजपेयी, चंदकिशोर चंदन, राजा अवस्थी, हीरामणी बरसैंया, निशा तिवारी, जिला अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष राजेश दीक्षित, मगन जैन, राजेश सोनी (सागर) श्रीमती अंजू सोनी, बद्री नाथ सोनी (लखनऊ), कृष्णा सोनी, डॉ पारस जैन, जन परिषद के अध्यक्ष राजेश श्रीवास्तव, तिलक कॉलेज के प्राचार्य प्रो सुनील बाजपेयी, चड्डा कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जय चड्डा, एम जे एस लाम्बा, सत्यनारायण तिवारी, करन सिंह चौहान, राजा जगवानी, राजू खरे, गोपाल सिंघानिया, यशभारत के संपादक अम्बरीश तिवारी, एकाउंट ऑफीसर आशीष तिवारी, अमर ताम्रकार, अश्विनी बडग़ैया, नन्दकिशोर खंताल, नवनीत चतुर्वेदी, सीमा चौधरी, श्रीमती रीता बर्मन, प्रताप सुंदरानी, दीपिका पांडे, अनुराधा दीक्षित, पंडित प्रकाश भौमिया, सौम्या रांधेलिया, गीता पाठक, रेनू रैकवार, प्राची खरे, रमेश गुप्ता, योगेश नन्होरिया, किरण नन्होरिया, नवलेश मलिक, नवनीत खंडेलवाल, अरविंद जायसवाल, नगीना सोनी, अनिल ताम्रकार, नीलम जगवानी, मंजूषा गौतम मनोज बर्मन, अनिल मिश्रा, आशीष रैकवार, संजय खरे, कृष्ण कुमार ठाकुर, आलोक त्रिपाठी, विनोद दुबे, अजय गौतम, नित्यानंद पाठक, आशीष कंदेले, संजय चौदहा, संतोष दुबे, ओमप्रकाश तिवारी, विष्णु बलेचा, राजेश भारद्वाज, संजय खूबचंदानी, रौनक खंडेलवाल, विक्रम खम्परिया, राजेन्द्र कौर लाम्बा, शिब्बू साहू, डॉ रमेश सोनी, हेमा शर्मा, मीनाक्षी बलवी, अजय माली, सुनील विश्वकर्मा, आशीष पटेल, अमित कनकने, मुरली प्रथयानी, संजय गुप्ता, संजय अग्रवाल, अनंत गुप्ता, अंशुल बहरे सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही।

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