*बीएसए नहीं उठाते फोन,खंड शिक्षा अधिकारी नगवां लगा रहे झूठी फर्जी आख्या*
*खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यशैली पर उठ रहे सवाल,शिक्षकों की अनुपस्थिति,शिक्षा के काले कारोबार को संरक्षण*
*सोनभद्र*/सत्यनारायण मौर्य/संतेश्वर सिंह

सोनभद्र शिक्षा क्षेत्र नगवां के विद्यालयों में शिक्षक व शिक्षा मित्रों की अनुपस्थिति व ब्लॉक में चल रहे अवैध शिक्षा के काले कारोबार को संरक्षण दे रहा शिक्षा विभाग मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई शिकायतों के निस्तारण में हो रही मनमानी झूठी मनगढ़ंत रिपोर्ट लगाई जा रही है खंड शिक्षा अधिकारी धनंजय कुमार सिंह के द्वारा आईजीआरएस पोर्टल की विश्वसनीयता को खराब कर रहा विभाग।
आप को बता दें कि नगवां ब्लॉक में गिरता हुआ शिक्षा का स्तर चिंता का विषय बना हुआ है नगवा ब्लॉक के पहाड़ी क्षेत्रों में तो शिक्षक स्कूल आते नहीं है शिक्षा मित्र भी अक्सर गायब रहते है मिड डे मिल में बच्चों को मिलने वाला मध्यान भोजन कही मीनू के अनुसार नहीं बनता कही बनता भी है तो मीनू की धज्जियां उड़ाई जाती है बच्चों को मिलने वाले दूध, फल आदि का वितरण तो पहाड़ी क्षेत्र में बहुत नाम मात्र के विद्यालय कर किया जाता है । जबसे खंड शिक्षा अधिकारी ने कार्यभार संभाला है तब से शिक्षकों की मनमानी और अवैध विद्यालयों का काला कारोबार खूब फल फूल रहा है।
मामला मांची प्राथमिक विद्यालय का है जहां पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रही थी जिसमे बच्चे शिक्षकों के स्कूल नही आने और मिड डे मील में दूध, फल कभी भी वितरित नही होने का बयान दिया था जिसपर खंड शिक्षा अधिकारी ने कोई कार्यवाही तो नहीं की जब इस मामले को मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की गई तो खंड शिक्षा अधिकारी ने SIR का हवाला देकर शिक्षकों को बेहद ही ईमानदार प्रतिदिन शिक्षण कार्य में गहरी रूचि लेना साबित कर दिया जबकि शिकायत मिड डे मील और अनुपस्थिति को लेकर की गई थी। आख्या में जांच करते हुए जीपीएस फोटो भी उपलब्ध नहीं है अगर है तो आख्या में प्रदर्शित करना चाहिए था।
आप को बता दें कि ये वही खंड शिक्षा अधिकारी है जिनके ब्लॉक में दर्जनों अवैध विद्यालयों का संचालन आज भी धड़ल्ले से हो रहा है जिनपर कार्यवाही की बजाय सिर्फ नोटिस देकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था।
सूत्रों की माने तो खंड शिक्षा अधिकारी को अवैध स्कूलों और भ्रष्ट शिक्षकों से सुविधा शुल्क प्रति माह मिल जाता है।
इस संबंध में बीएसए सोनभद्र को उनके सेल फोन पर दो बार कॉल की गई पर वो फोन उठाना जरूरी नहीं समझे और नाही काल बैक किया फिर खंड शिक्षा अधिकारी नगवां को भी फोन किया गया तो उनका फोन स्विच ऑफ बता रहा था।
क्षेत्र वासियों ने जिलाधिकारी सोनभद्र का ध्यान आकृष्ट कराते हुए संबंधित विभाग और फोन नहीं उठाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।
















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