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टीकमगढ़ नगर पालिका पर सवाल: वार्ड 27 सागर बाईपास की 10 फीट नाली तीन माह बाद भी अधूरी

टीकमगढ़ नगर पालिका पर सवाल: वार्ड 27 सागर बाईपास की 10 फीट नाली तीन माह बाद भी अधूरी

टीकमगढ़ म प्र से कविन्द पटैरिया पत्रकार

👉टीकमगढ़। शहर के वार्ड 27 स्थित सागर बाईपास क्षेत्र में मात्र 10 फीट लंबी नाली का निर्माण तीन माह से लंबित है। नगर पालिका के सीएमओ श्री ओमपाल भदौरिया द्वारा निरीक्षण किए जाने और शीघ्र निर्माण का आश्वासन दिए जाने के बावजूद आज तक कार्य शुरू नहीं हो सका है। इस देरी से स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी है और लोगों का निकलना तक मुश्किल हो गया है।
निरीक्षण और आश्वासन, लेकिन जमीनी हकीकत शून्य
करीब तीन माह पूर्व सीएमओ ओमपाल भदौरिया ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया था। उस दौरान अधिकारियों ने समस्या को गंभीर बताते हुए जल्द समाधान का भरोसा दिलाया था। लेकिन समय बीतने के बाद भी न तो निर्माण सामग्री पहुंची और न ही कार्य प्रारंभ हुआ।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि निरीक्षण केवल औपचारिकता बनकर रह गया। आश्वासन तो मिला, लेकिन अमल नहीं हुआ।
जलभराव से जनजीवन प्रभावित


सागर बाईपास क्षेत्र में नाली न होने के कारण घरों और आसपास का गंदा पानी सड़क पर ही जमा हो रहा है। कीचड़ और बदबू से हालात बदतर हैं। राहगीरों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार दोपहिया वाहन फिसल चुके हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
बरसात के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब पानी घरों के दरवाजों तक पहुंच जाता है।
👉मजबूरी में जनता उतरी मैदान में
नगर पालिका से निराश वार्ड 27 के लोगों ने अब स्वयं चंदा एकत्र कर नाली निर्माण की पहल शुरू कर दी है। नागरिकों का कहना है कि जब जिम्मेदार विभाग सुनवाई नहीं कर रहा, तो उन्हें खुद ही समस्या का समाधान खोजना पड़ रहा है।
👉एक वार्डवासी ने कहा, “सिर्फ 10 फीट की नाली है, अगर पालिका चाहती तो एक-दो दिन में काम हो जाता। लेकिन तीन महीने से सिर्फ वादे हो रहे हैं।”
प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर उठे प्रश्न
👉यह मामला केवल एक छोटी नाली का नहीं, बल्कि नगर पालिका की कार्यशैली और जवाबदेही का प्रतीक बन गया है। सवाल यह उठ रहा है कि यदि इतनी छोटी समस्या का समाधान समय पर नहीं हो पा रहा, तो बड़े विकास कार्यों की स्थिति क्या होगी?
👉स्थानीय लोगों का आरोप है कि सीएमओ जनता से झूठे वादे करते हैं और बाद में कार्रवाई नहीं होती। हालांकि, इस संबंध में नगर पालिका प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।
👉जनविश्वास बहाली की चुनौती
नगर प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी स्वच्छता, जल निकासी और मूलभूत सुविधाओं को सुनिश्चित करना है। वार्ड 27 सागर बाईपास की यह समस्या प्रशासन के लिए जनविश्वास बहाल करने की चुनौती बन गई है।
अब देखना यह है कि नगर पालिका कब तक इस मुद्दे पर ठोस कदम उठाती है और क्या वार्डवासियों को अपने संसाधनों से ही नाली बनवानी पड़ेगी, या प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निभाएगा।

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