ग्राम प्रधान की शिकायत लेकर सीएम योगी से मिलने निकले अतुल मिश्रा, 234 किमी की पदयात्रा
उगनपुर मरोरी में सड़कें बदहाल, लाइट-पोल गायब, श्मशान भूमि क्षतिग्रस्त
पंचायत सचिव व अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों के गबन का आरोप

बीसलपुर (पीलीभीत)।
पीलीभीत जनपद के बीसलपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत उगनपुर मरोरी के मजरा बसरा निवासी अतुल कुमार मिश्रा ने ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव और संबंधित अधिकारियों पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने के लिए 234 किलोमीटर की पैदल यात्रा शुरू की है। उनका कहना है कि पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को जानबूझकर नजरअंदाज किया गया और सरकारी धन की खुलेआम बंदरबांट की गई।
ग्रामीण का आरोप है कि उगनपुर मरोरी पूरे गांव में सड़कें बेहद जर्जर हालत में हैं। जगह-जगह गड्ढों के कारण ग्रामीणों का निकलना मुश्किल हो गया है, लेकिन मरम्मत के नाम पर कोई ठोस कार्य नहीं कराया गया। आरोप है कि ग्राम प्रधान ने केवल औपचारिकता के तौर पर कुछ स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें खुलवा दीं, जबकि कई जगहों से लाइट के पोल ही गायब करवा दिए गए। कागज़ों में लाइट व पोल लगने का खर्च दिखाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया।

अतुल कुमार मिश्रा ने आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधान ने खलिहान की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर वहां निजी मकान का निर्माण करा लिया। वहीं अमृत सरोवर योजना के नाम पर लाखों रुपये की धनराशि निकाल ली गई, लेकिन मौके पर योजना पूरी तरह विफल नजर आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि अमृत सरोवर अब बदहाली और गंदगी का केंद्र बन चुका है।
ग्राम पंचायत की श्मशान भूमि को लेकर भी गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि श्मशान भूमि की बाउंड्री तुड़वा दी गई, जिसके बाद वहां आदमी के बराबर ऊंची घास उग आई है। अंतिम संस्कार के लिए आने वाले ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन जिम्मेदारों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।

गौशाला की स्थिति पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि गौशाला में पशुओं के लिए न तो पर्याप्त चारा उपलब्ध है और न ही मूलभूत सुविधाएं, जिससे गोवंश की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है।
अतुल कुमार मिश्रा का आरोप है कि ग्राम पंचायत में करीब 5 लाख रुपये का सीधा गबन किया गया है, जबकि ग्राम प्रधान के पूरे कार्यकाल में करोड़ों रुपये के सरकारी धन की हेराफेरी हुई है। उनका कहना है कि इन सभी कार्यों में पंचायत सचिव मुकेश राणा और कुछ अन्य अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है। बिना स्थलीय सत्यापन के भुगतान किए गए और फर्जी तरीके से कार्य पूर्ण दिखाए गए।
ग्रामीण का कहना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर कई बार शिकायत दर्ज कराई, साथ ही खंड विकास अधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी को भी प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन अधिकारियों की मिलीभगत के चलते अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
प्रशासनिक स्तर पर लगातार अनदेखी से आहत होकर अब अतुल कुमार मिश्रा ने मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचकर सीधे शिकायत दर्ज कराने का निर्णय लिया है और भ्रष्टाचार के मामलों में निष्पक्ष जांच व कार्रवाई की मांग की है।
















Leave a Reply