लोकेशन मैनपुरी
नेत्रपाल श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ मैनपुरी
जिला अधिकारी मैनपुरी अंजनी कुमार सिंहचिन्हित मैम बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्र मंकरायें भर्ती करायें सीडीपीओ- चिकित्साधिकारी, चिन्हांकन में किसी भी स्तर पर न बरती जाये लापरवाही-जिलाधिकारी

जनपद मैनपुरी जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने जिला पोषण समिति की बैठक में विभागीय योजनाओं की समीक्षा के दौरान नाराजगी व्यक्त करते हुये कहा कि 0-6 वर्ष के बच्चों का वजन कर पोषण ट्रेकर ऐप पर गत् माह के सापेक्ष माह नवम्बर की प्रगति में गिरावट आयी है, कुरावली में .15, बेवर में .69, मैनपुरी देहात में 1.48, घिरोर में 3.56 प्रतिशत की गिरावट आयी है, सम्बन्धित सीडीपीओ इस ओर ध्यान दें। उन्होने कहा कि स्वास्थ्य, बाल विकास विभाग के अधिकारी चिन्हित सैम-मैम बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति स्वास्थ्य, बाल विकास विभाग के अधिकारी, कर्मचारी सजग रहें, बच्चों के चिन्हांकन में नियमों का पालन किया जाये, सैम बच्चों के अभिभावकों को जागरूक कर बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती कराया जाये ताकि उनकी सेहत में जल्द सुधार हो और वह सुपोषण की श्रेणी में आ सकें। उन्होने समीक्षा के दौरान पाया कि वर्तमान जनपद में 1524 सैम एवं 4096 मैम बच्चे चिन्हित हैं, जिसमें सर्वाधिक 228 बेवर में, 227 सुल्तानगंज में, 224 किशनी में, 206 मैनपुरी शहर में मैम, बेवर में 793, सुल्तानगंज में 599, मैनपुरी देहात में 497, मैनपुरी शहर में 340, कुरावली में 338 मैम बच्चे चिन्हित है, माह नवम्बर में मात्र 09 बच्चे ही पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराये गये हैं, बाल विकास परियोजना अधिकारी जागीर द्वारा विगत् 02 माह से एक भी बच्चा एन.आर.सी. में भर्ती नहीं कराया गया है जबकि माह नवम्बर में करहल, बेवर, मैनपुरी देहात, बरनाहल बाल विकास परियोजना से भी कोई सैम बच्चा पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती नहीं कराया गया है, जिस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होने सम्बन्धित सी.डी.पी.ओ. के साथ प्र. चिकित्साधिकारी को आदेशित करते हुये कहा कि चिन्हित सैम बच्चों को एन.आर.सी. में भर्ती कराने में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाये।
श्री सिंह ने चेहरा प्रमाणीकरण में जनपद मंडल में दूसरे स्थान पर है, 136156 पात्र लाभार्थियों के सापेक्ष 28 दिसम्बर तक 125690 का चेहरा प्रमाणीकरण हो चुका है, चेहरा प्रमाणीकरण के साथ 123301 की ई-के.वाई.सी. भी हो चुकी है, चेहरा प्रमाणीकरण कार्य में सबसे बेहतर कार्य मैनपुरी शहर, घिरोर, कुरावली, बेवर में हुआ है, जागीर, करहल, किशनी में अन्य विकास खंडों के सापेक्ष चेहरा प्रमाणीकरण की प्रगति धीमी है, जिस पर उन्होने सम्बन्धित सी.डी.पी.ओ. को प्रगति में सुधार के निर्देश दिये। उन्होने समीक्षा के दौरान पाया कि जनपद में संचालित 1788 आंगनबाड़ी केन्द्रों के सापेक्ष शत-प्रतिशत आंगनबाड़ी केद्रों में इन्फ्राकिट उपलब्ध करायी जा चुकी है, निदेशालय स्तर से 819 आंगनबाड़ी केन्द्रों हेतु 05-05 शिशु डेस्क एवं 15-15 फोम मैट प्राप्त हो चुकी हैं, जिन्हें आंगनबाडी केन्द्रों को मुहैया कराया जा चुका है।
मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा करने पर पाया कि मैनपुरी देहात 09.08, घिरोर 13.07, किशनी 13.81, सुल्तानगंज 13.93, बेवर 15.60, मैनपुरी शहर 15.77 प्रतिशत की पूर्ति अब तक की गयी है, जो बेहद निराशाजनक है। उन्होने खराब प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि जिन बाल विकास परियोजनाओं में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की प्रगति खराब है, उनकी सी.डी.पी.ओ., सुपरवाइजर का वेतन रोका जाए। उन्होने आंगनबाड़ी केन्द्र निर्माण की समीक्षा के दौरान कहा कि वर्ष 2024-25, 2025-26 में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केन्द्रों का कार्य प्राथमिकता पर पूर्ण कराया जाये, वर्ष 2024-25 के 06 आंगनबाड़ी केन्द्र अभी अपूर्ण हैं जबकि चालू वित्तीय वर्ष में 47 के सापेक्ष मात्र 20 पर ही कार्य प्रारंभ हुआ है, जिला कार्यक्रम अधिकारी, उपायुक्त मनरेगा, जिला पंचायत राज अधिकारी से समन्वय स्थापित कर शेष स्थानों पर कार्य कराना सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता, जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक कुमार, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी दीपिका गुप्ता, खंड विकास अधिकारी, प्र. चिकित्साधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी आदि उपस्थित रहे, बैठक का संचालन बाल विकास परियोजना अधिकारी हरिओम बाजपेयी ने किया।

















Leave a Reply