सहायक रजिस्ट्रार ने दी उत्तर प्रदेश टैक्स बार एसोसिएशन के सत्र 2024-26 के चुनाव को पुनः विवादित माना
पूर्व में भी सहायक रजिस्ट्रार ने चुनाव में हुए गड़बड़ी को स्वीकार करते हुए चुनाव को निरस्त करने का दिया था आदेश
माननीय उच्च न्यायालय के निर्देश पर धारा 25 (1) के अंतर्गत पुनः सुनवाई करते हुए प्रकरण को नियत प्राधिकारी के समक्ष प्रेषित किया
वाराणसी, ब्यूरो रिपोर्ट गसंतेश्वर सिंह

25 जनवरी 2025 को शिकोहाबाद में हुए दी उत्तर प्रदेश टैक्स बार एसोसिएशन के प्रांतीय चुनाव के विवाद का मामला अब स्पष्ट होता जा रहा है। विदित हो कि उक्त चुनाव में हुए धांधली को दृष्टिगत करते हुए चुनाव में अध्यक्ष पद के प्रत्याशी रहें पूर्णेंदू शर्मा ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी जिसके फलस्वरूप उच्च न्यायालय ने सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स, सोसाइटीज एवं चिट्स वाराणसी को मामले की जांच करते हुए निर्णय देने का निर्देश दिया था। सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स सोसाइटीज एवं चिट्स, वाराणसी ने मामले की संपूर्ण जांच करते हुए पाये गये साक्ष्यों,तथ्यों के आधार पर 22 मई 2025 को उक्त चुनाव में हुई धांधली को स्वीकार करते हुए चुनाव को निरस्त कर दिया था और चुनाव के समय रहें तत्कालीन अध्यक्ष एवं महामंत्री को निष्पक्षता के साथ नये चुनाव अधिकारी की नियुक्ति कर पुनः चुनाव कराने का आदेश जारी किया था।
इस आदेश के खिलाफ प्रतिवादी रमेश प्रसाद जायसवाल जो दी उत्तर प्रदेश टैक्स बार एसोसिएशन के तत्कालीन महामंत्री एवं उक्त विवादित चुनाव में जिताए गये अध्यक्ष थे ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करते हुए कहा कि सम्बंधित मामले में निर्णय लेना सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स, सोसाइटीज एवं चिट्स, वाराणसी के क्षेत्राधिकार में नही है। उच्च न्यायालय ने रमेश प्रसाद जायसवाल के याचिका को स्वीकृत करते हुए मामले को पुनः सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स, सोसाइटीज एवं चिट्स, वाराणसी के पास भेजते हुए निर्देशित किया कि वो मामले की पुनः सुनवाई करते हुए अपनी रिपोर्ट सक्षम प्राधिकारी को सौंप दे ताकि सक्षम प्राधिकारी निर्णय ले सके।
सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स, सोसाइटीज एवं चिट्स, वाराणसी ने उच्च न्यायालय के अनुपालन में अपने पूर्व आदेश को रद्द करते हुए पुनः सुनवाई प्रारंभ की और नये सिरे से उभय पक्षों को अपना अपना पक्ष रखने को निर्देशित किया। दिनांक 6 अक्टूबर एवं 17 अक्टूबर को दोनों पक्षों के अधिवक्ताओ ने सहायक रजिस्ट्रार के समक्ष अपनी अपनी दलीले पेश की। सहायक रजिस्ट्रार ने पहले से दाखिल साक्ष्यों, संदर्भों सहित उभय पक्षों द्वारा पुनः पेश की गई तथ्यों के आधार पर पाया कि चुनाव के दौरान गलतियां एवं धांधली के पर्याप्त सबूत मौजूद है और इन गलतियों के होने की बात चुनाव अधिकारी वी एन राय द्वारा चुनाव घोषणा के दौरान दिनांक 30 जनवरी 2025 को लिखे अपने पत्र में स्वीकार भी किया गया था। अतः ये स्पष्ट है कि 25 जनवरी 2025 का चुनाव विवाद से युक्त है। सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स सोसाइटीज एवं चिट्स, वाराणसी ने अपने 14 नवंबर 2025 के आदेश में उक्त चुनाव को विवादित बताते हुए प्रकरण को सक्षम प्राधिकारी के पास प्रेषित कर दिया है।
सहायक रजिस्ट्रार के द्वारा चुनाव को पुनः विवादित घोषित करने के उपरांत याचिकाकर्ता पूर्णेंदु शर्मा के अधिवक्ता जितेन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने टेलीफोनिक वार्ता कर बताया कि सत्य परेशान हो सकता है किन्तु पराजित नही। श्री श्रीवास्तव जो स्वंय दी उत्तर प्रदेश टैक्स बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष रह चुके ने विपक्षियों को चेतावनी देते हुए कहा कि ये चाहे जितना तिकड़म कर ले लेकिन सच्चाई हमारे साथ है और विजय सत्य की ही होगी। उन्होने कहा कि बेइमानों को छोड़ेंगे नही बल्कि जिस तरह ये तिकड़मी जाल और भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे है पर्याप्त सबूतों के आधार पर इनके खिलाफ क्रिमिनल कानून के तहत कार्रवाई करने की कोशिश की जाएगी।

















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