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18 मई 2025 रविवार आज का पंचांग व राशिफल और जानें कुछ खास बातें पंडित नरेश सारस्वत रिड़ी के साथ

सत्यार्थ न्यूज श्रीडूंगरगढ़-सवांददाता नरसीराम शर्मा

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है। शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है। पंचांग में सूर्योदय सूर्यास्त, चद्रोदय-चन्द्रास्त काल, तिथि, नक्षत्र, मुहूर्त योगकाल, करण, सूर्य-चंद्र के राशि, चौघड़िया मुहूर्त दिए गए हैं।

🙏जय श्री गणेशाय नमः🙏

🙏जय श्री कृष्णा🙏

🕉️आज का पंचांग–18.05.2025🕉️

✴️ दैनिक ग्रह गोचर राशिफल सहित✴️

🕉️ शुभ रविवार – 🌞 – शुभ प्रभात् 🕉️

74-30💥मध्यमान💥75-30

(केतकी चित्रापक्षीय गणितानुसारेण निर्मितम्)

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____आज विशेष______

भगवान श्री कृष्ण के पाञ्चजन्य शंख का रहस्य
सभी को जानना चहिये प्रस्तुत है वह जानकारी
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___दैनिक पंचांग विवरण____

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आज दिनांक……………… 18.05.2025
कलियुग संवत्…………………….5127
विक्रम संवत्…………………….. 2082
शक संवत्………………………..1947
संवत्सर…………………….. श्री सिद्धार्थी
अयन…………………………उत्तर
गोल………….. …………….उत्तर
ऋतु…………………………ग्रीष्म
मास………………………….ज्येष्ठ
पक्ष……………………… कृष्ण
प्रतिपदा…. पंचमी-2- प्रातः 5.58 तक / षष्ठी
वार………………………रविवार
नक्षत्र…….उ.षाढ़ा. सायं. 6.53 तक / श्रवण
चंद्रराशि……………. मकर. संपूर्ण (अहोरात्र)
योग………….शुभ. प्रातः 6.41 तक / शुक्ल
करण………………तैत्तिल. प्रातः 5.58 तक
करण………. गर. सायं. 6.08 तक / वणिज
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नोट-जिस रात्रि समय के ऊपर(*) लगा हुआ हो
वह समय अर्द्ध रात्रि के बाद सूर्योदय तक का है।
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विभिन्न नगरों के सूर्योदय में समयांतर मिनट

दिल्ली -10 मिनट———जोधपुर +6 मिनट
जयपुर -5 मिनट——अहमदाबाद +8 मिनट
कोटा – 5 मिनट————-मुंबई +7 मिनट
लखनऊ – 25 मिनट——बीकानेर +5 मिनट
कोलकाता -54 मिनट–जैसलमेर +15 मिनट

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सूर्योंदयास्त दिनमानादि-अन्य आवश्यक सूची

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सूर्योदय…………….. प्रातः 5.46.27 पर
सूर्यास्त…………….. सायं. 7.09.40 पर
दिनमान-घं.मि.से……………. 13.23.13
रात्रिमान…………………..10.36.21
चंद्रास्त………………….10.08.12 AM पर
चंद्रोदय………………… 12.11.09 AM पर
राहुकाल….सायं. 5.29 से 7.10 तक(अशुभ)
यमघंट…अपरा.12.28 से 2.08 तक(अशुभ)
गुलिक………अपरा. 3.49 से से 5.29 तक
अभिजित….. .मध्या.12.01 से 12.55(शुभ)
पंचक…………………….. आज नहीं है।
हवन मुहूर्त…………………..आज नहीं है।
दिशाशूल……………………पश्चिम दिशा
दोष परिहार…….. घी का सेवन कर यात्रा करें
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🌄विशिष्ट काल-मुहूर्त-वेला परिचय🌄

अभिजित् मुहुर्त – दिनार्द्ध से एक घटी पहले और एक घटी बाद का समय अभिजित मुहूर्त कहलाता है,पर बुधवार को यह शुभ नहीं होता।
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ब्रह्म मुहूर्त – सूर्योदय से पहले का 1.30 घंटे का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है।
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प्रदोष काल – सूर्यास्त के पहले 45 मिनट और बाद का 45 मिनट प्रदोष माना जाता है।
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गौधूलिक काल- सूर्यास्त से 12 मिनट पहले एवं 12 मिनट बाद का समय कहलाता है।

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🌄✴️भद्रा वास शुभाशुभ विचार✴️🌄
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भद्रा मेष,वृष,मिथुन, वृश्चिक के चंद्रमा में स्वर्ग में व कन्या तुला,धनु,मकर के चंद्रमा में पाताल लोक में और कुंभ,मीन कर्क,सिंह के चंद्रमा में मृत्युलोक में मानी जाती है यहां स्वर्ग और पाताल लोक की भद्रा शुभ मानी जाती हैं और मृत्युलोक की भद्रा काल में शुभ कार्य वर्जित होते हैं इसी तरह भद्रा फल विचार करें।
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दैनिक सूर्योदय कालीन लग्न एवं ग्रह स्पष्ट 
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लग्न ………….वृषभ 2°29′ कृत्तिका 2 ई
सूर्य …………….वृषभ 3°7′ कृत्तिका 2 ई
चन्द्र ……….मकर 3°1′ उत्तराषाढ़ा 2 भो
बुध ^ ………….मेष 19°21′ भरणी 2 लू
शुक्र ………………मीन 18°6′ रेवती 1 दे
मंगल ………कर्क 19°36′ आश्लेषा 1 डी
बृहस्पति …. मिथुन 0°42′ मृगशीर्षा 3 का
शनि ……. मीन 5°18′ उत्तरभाद्रपद 1 दू
राहू * ……….मीन 0°6′ पूर्वभाद्रपद 4 दी
केतु * ….कन्या 0°6′ उत्तर फाल्गुनी 2 टो
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✴️🌄दैनिक लग्न समय सारिणी 🌄✴️
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लग्न राशि ***********प्रारंभ – समाप्ति
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वृषभ …………. 05:46 – 07:35
मिथुन…………..07:35 – 09:48
कर्क ……………09:48 – 12:06
सिंह ……………12:06 – 14:20
कन्या ………….14:20 – 16:33
तुला ……………16:33 – 18:49
वृश्चिक …………18:49 – 21:07
धनु……………..21:07 – 23:11
मकर …………..23:11 – 24:56*
कुम्भ ………….24:56* – 26:27*
मीन …………. 26:27* – 27:55*
मेष ……………27:55* – 29:33*
वृषभ ………….29:33* – 29:46*
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अर्द्ध रात्रि उपरांत के समय का सूचक है।
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✴️🌄दिन का चौघड़िया🌄✴️
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चंचल……………प्रातः 7.27 से 9.17 तक
लाभ…………..प्रातः 9.17 से 10.48 तक
अमृत………..पूर्वा. 10.48 से 12.28 तक
शुभ……………अपरा. 2.08 से 3.49 तक
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✴️🌄रात्रि का चौघड़िया🌄✴️
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शुभ………. सायं-रात्रि. 7.10 से 8.29 तक
अमृत…………….रात्रि. 8.29 से 9.49 तक
चंचल.. ………..रात्रि. 9.49 से 11.08 तक
लाभ….रात्रि. 1.47 AM से 3.07 AM तक
शुभ…..रात्रि. 4.26 AM से 5.46 AM तक

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(विशेष – 4 शास्त्र में एक शुभ योग और एक अशुभ योग जब भी साथ साथ आते हैं तो शुभ योग की स्वीकार्यता मानी गई है )

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🌞🕉️शुभ शिववास की तिथियां🕉️🌞
शुक्ल पक्ष-2—–5—–6—- 9—-12—-13
कृष्ण पक्ष-1—4—-5—-8—11—12—-30

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दिन नक्षत्र एवं चरणाक्षर संबंधी संपूर्ण विवरण

संदर्भ विशेष –यदि किसी बालक का जन्म गंड नक्षत्रों (रेवती,अश्विनी,अश्लेषा,मघा,ज्येष्ठा और मूल) में होता है तो सविधि नक्षत्र शांति की आवश्यक मानी गयी है और करवाना चाहिये।

आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण अनुसार राशिगत् नामाक्षर
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समय-नक्षत्र नाम-नक्षत्र चरण चरणाक्षर
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06.21 AM तक—उ.षाढ़ा—2——–भो
12.37 PM तक—उ.षाढ़ा—3———ज
06.53 PM तक—उ.षाढ़ा—4——–जी
01.04 AM तक—-श्रवण—-1——-खी
उपरांत. रात्रि तक—-श्रवण—-2——–खू

__राशि मकर – पाया ताम्र_
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____आज का दिन___
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व्रत विशेष…………………..नहीं है।
अन्य व्रत………………….. नहीं है।
पर्व विशेष………………….. नहीं है।
दिवस विशेष……. विश्व एड्स वेक्सीन दिवस
दिवस विशेष…………..विश्व म्यूजियम दिवस
दिवस विशेष. .विश्व महिला समुद्री क्षेत्र दिवस
पंचक………………….. .आज नहीं है।
विष्टि(भद्रा)……………….. आज नहीं है।
खगोलीय.. पूभायां 3 कुंभे राहु.अप.5.12 पर
खगोलीय..उफायां 1 सिंह केतु.अप.5.12 पर
सर्वा.सि.योग…….. .उदयात् सायं. 6.53 तक
अमृ.सि.योग…………… .आज नहीं है।
सिद्ध रवियोग………सायं 6.53 से रात्रि पर्यंत

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अगले दिन की प्रतीकात्मक जानकारी

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आज दिनांक…………………19.05.2025
तिथि…….ज्येष्ठ कृष्णा षष्ठी सोमवार(7-क्षय)
व्रत विशेष………………….नहीं है।
अन्य व्रत………………….. नहीं है।
पर्व विशेष………………….. नहीं है।
दिवस विशेष…..अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस
पंचक………………… आज नहीं है।
विष्टि(भद्रा).. प्रातः 6.12 से सायं. 6.07 तक
खगोलीय………………. आज नहीं है।
सर्वा.सि.योग……..उदयात्. रात्रि. 7.30 तक
अमृ.सि.योग………………आज नहीं है।
सिद्ध रवियोग……. .उदयात् रात्रि. 7.30 तक
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✴️आज की विशेष प्रस्तुति✴️
💥धर्म ज्योतिष आध्यात्म वास्तु राशिफल 💥

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भगवान श्री कृष्ण के पाञ्चजन्य शंख का रहस्य सभी को जानना चहिये प्रस्तुत है वह जानकारी

महाभारत में कृष्ण के पास पाञ्चजन्य,अर्जुन के पास देवदत्त,युधिष्ठिर के पास अनंतविजय,भीष्म के पास पोंड्रिक नकुल के पास सुघोष, सहदेव के पास मणिपुष्पक था। सभी के शंखों का महत्व और शक्ति अलग-अलग थी।

शंखों की शक्ति और चमत्कारों का वर्णन महाभारत और पुराणों में मिलता है। शंख को विजय,समृद्धि,सुख, शांति यश,कीर्ति और लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शंख नाद का प्रतीक है। शंख ध्वनि शुभ मानी गई है। हालांकि प्राकृतिक रूप से शंख कई प्रकार के होते हैं। इनके 3 प्रमुख प्रकार हैं- दक्षिणावृत्ति शंख, मध्यावृत्ति शंख तथा वामावृत्ति शंख। इन शंखों के कई उप प्रकार होते हैं।

पाञ्चजन्य का रहस्य : पाञ्चजन्य बहुत ही दुर्लभ शंख है। समुद्र मंथन के दौरान इस पाञ्चजन्य शंख की उत्पत्ति हुई थी। समुद्र मंथन से प्राप्त 14 रत्नों में से 6वां रत्न शंख था। अपने गुरु के पुत्र पुनरदत्त को एक बार एक दैत्य उठा ले गया। उसी गुरु पुत्र को लेने के लिए वे दैत्य नगरी गए। वहां उन्होंने देखा कि एक शंख में दैत्य सोया है। उन्होंने दैत्य को मारकर शंख को अपने पास रखा और फिर जब उन्हें पता चला कि उनका गुरु पुत्र तो यमपुरी चला गया है तो वे भी यमपुरी चले गए। वहां यमदूतों ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया तब उन्होंने शंख का नाद किया जिसके चलते यमलोक हिलने लगा।

फिर यमराज ने खुद आकर श्रीकृष्ण को उनके गुरु के पुत्र की आत्मा को लौटा दिया। भगवान श्रीकृष्ण बलराम और अपने गुरु के साथ पुन: धरती पर लौट आए और उन्होंने अपने गुरु पुत्र के साथ ही पाञ्चजन्य शंख को भी गुरु को समक्ष प्रस्तुत कर दिया। गुरु ने पाञ्चजन्य को पुन: श्रीकृष्ण को देते हुए कहा कि यह तुम्हारे लिए ही है। तब गुरु की आज्ञा से उन्होंने इस शंख का नाद कर पुराने युग की समाप्ति और नए युग का प्रारंभ किया।

भगवान कृष्ण के पास पाञ्चजन्य शंख था जिसकी ध्वनि कई किलोमीटर तक पहुंच जाती थी। कहते हैं कि महाभारत युद्ध में अपनी ध्वनि से पांडव सेना में उत्साह का संचार करने वाले इस शंख की ध्वनि से संपूर्ण युद्ध भूमि में शत्रु सेना में भय व्याप्त हो जाता था।

महाभारत युद्ध में श्रीकृष्ण अपने पाञ्चजन्य शंख से पांडव सेना में उत्साह का संचार ही नहीं करते थे बल्कि इससे कौरवों की सेना में भय व्याप्त हो जाता था। इसकी ध्वनि सिंह गर्जना से भी कहीं ज्यादा भयानक थी। इस शंख को विजय व यश का प्रतीक माना जाता है। इसमें 5 अंगुलियों की आकृति होती है। हालांकि पाञ्चजन्य शंख अब भी मिलते हैं लेकिन वे सभी चमत्कारिक नहीं हैं। इन्हें घर को वास्तुदोषों से मुक्त रखने के लिए स्थापित किया जाता है। यह राहु और केतु के दुष्प्रभावों को भी कम करता है।

वर्तमान में कहां है पाञ्चजन्य शंख?

कहते हैं कि यह शंख आज भी कहीं मौजूद है। इस शंख के हरियाणा के करनाल में होने के बारे में कहा जाता रहा है। माना जाता है कि यह करनाल से 15 किलोमीटर दूर पश्चिम में काछवा व बहलोलपुर गांव के समीप स्थित पराशर ऋषि के आश्रम में रखा था, जहां से यह चोरी हो गया। यहां हिन्दू धर्म से जुड़ीं कई बेशकीमती वस्तुएं थीं। 20 अप्रैल 2013 को इस शंख के चोरी होने की बात कही जाती है।

मान्यता के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने महाभारत युद्ध के बाद अपना पाञ्चजन्य शंख पराशर ऋषि के तीर्थ में रखा था। हालांकि कुछ लोगों का मानना है कि श्रीकृष्ण का यह शंख आदि बद्री में सुरक्षित रखा है।

करीब 26 साल पहले कमरे की मरम्मत के दौरान यह अलमारी पता चली थी जिसमें अनेक बेशकीमती वस्तुएं मिली थीं। उनमें श्रीकृष्ण भगवान का पाञ्चजन्य शंख भी था। इसकी बनावट विशेष प्रकार की थी। इसमें फूंक एक तरफ से मारी जाती थी लेकिन आवाज 5 जगहों से निकलती थी। शंख को ग्रामीणों ने बजाने की बहुत कोशिश की किंतु कोई भी कामयाब नहीं हो सका।

“घर में शंख हो तो ध्यान रखें इन 8 बातों का”

हिंदू धर्म में शंख को घर में रखना बहुत शुभ माना गया है। इससे सुख-समृद्धि बढ़ती है। घर में रखे शंख के विषय में ये 8 बातें ध्यान रखने पर उससे प्राप्त होने वाली शुभता में वृद्धि होती है। जानते हैं शंख के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें-

1- शंख को पानी में नहीं रखना चाहिए।

2- शंख को धरती पर भी नहीं रखना चाहिए। शंख हमेशा एक साफ कपड़ा बिछाकर रखना चाहिए।

3- शंख के अंदर जल भरकर नहीं रखना चाहिए। पूजन के समय शंख में जल भरकर रखा जा सकता है। आरती के बाद इस जल का छिड़काव करने से शारीरिक व मानसिक विकारों से मुक्ति मिलता है। साथ ही, जीवन में सौभाग्य का उदय होने लगता है।

4- शंख को पूजा के स्थान पर रखते समय खुला हुआ भाग ऊपर की ओर होना चाहिए।

5- शंख को भगवान विष्णु, लक्ष्मी या बालगोपाल की मूर्ति के दाहिनी ओर रखा जाना चाहिए।

6- शंख को माता लक्ष्मी का रूप माना गया है। इसलिए शंख को पूूजन स्थान में उसी आदर के साथ पूजा जाना चाहिए। जिस आदर के साथ भगवान का पूजन किया जाता है।

7- आसानी से धन की प्राप्ति के लिए शंख को 108 चावल के दानों के साथ लाल कपड़े में लपेटकर तिजोरी में स्थापित करें।

8- घर में शंख ध्वनि का गुंजन सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने वाला माना गया है। पूजन के समय रोजाना घर में शंख बजाना चाहिए।

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✴️ 🕉️आज का राशिफल🕉️ ✴️
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मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ)

आज ऊर्जा और उत्साह का अतिरेक आपको घेर लेगा और आप सामने आने वाले सभी अवसरों का भरपूर फ़ायदा उठाएंगे। हालाँकि धन आपकी मुट्ठियों से आसानी से सरक जाएगा, लेकिन आपके अच्छे सितारे तंगी नहीं आने देंगे। कुछ लोगों के लिए- परिवार में किसी नए का आना जश्न और उल्लास के पल लेकर आएगा। सम्हल कर दोस्तों से बात करें, क्योंकि आज के दिन दोस्ती में दरार पड़ने की आशंका है। आज के दिन अधिकांश समय ख़रीदारी और दूसरी गतिविधियाँ में जाएगा। जीवनसाथी की वजह से आपको अनमने ढंग से बाहर जाना पड़ सकता है, जो बाद में आपकी झल्लाहट की वजह बनेगा। आज किसी बुजुर्ग के साथ आपकी कहासुनी हो सकती है ऐसे में अपने गुस्से को काबू में रखें।

वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो)

आज अपने मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें, जो आध्यात्मिक जीवन के लिए आवश्यक है। मस्तिष्क जीवन का द्वार है, क्योंकि अच्छा-बुरा सब-कुछ इसी के माध्यम से आता है। यही ज़िंदगी की समस्याएँ दूर करने में सहायक सिद्ध होता है और सही सोच से इंसान को आलोकित करता है। जो उधारी के लिए आपके पास आएँ, उन्हें नज़रअन्दाज़ करना ही बेहतर रहेगा। आपको अपना बाक़ी वक़्त बच्चों के संग गुज़ारना चाहिए, चाहे इसके लिए आपको कुछ ख़ास ही क्यों न करना पड़े। आज आप महसूस करेंगे कि प्यार दुनिया में हर मर्ज़ की दवा है। घर पर मिले किसी पुराने सामान को देखकर आज आप खुश हो सकते हैं और सारा दिन उस सामान को साफ करने में बिता सकते हैं। विवाह के बाद कई बातें ज़रूरत से आगे बढ़कर अनिवार्य हो जाती हैं। आज ऐसी ही कुछ बातें आपको व्यस्त रख सकती हैं। आज आप सब चिंताओं को भुलाकर अपनी रचनात्मकता को बाहर निकाल सकते हैं।

मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह)

आज आपको शारीरिक और मानसिक लाभ के लिए ध्यान व योग करना उपयोगी रहेगा। व्यापाार में लाभ आज कई व्यापारियों के चेहरे पर खुशी ला सकता है। घरेलू मामलों और काफ़ी समय से लंबित घर के काम-काज के हिसाब से अच्छा दिन है। प्रेम निःसीम होता है, सभी सीमाओं के परे; आपने ये बातें पहले भी सुनी होंगी। लेकिन आज वह दिन है जब आप अगर चाहें तो यह ख़ुद महसूस कर सकते हैं। सफ़र के लिए दिन ज़्यादा अच्छा नहीं है। घर पर आज आपके अच्छे गुणों की चर्चा हो सकती है।

कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो)

आज आप ज़िंदगी की ओर उदास नज़रिया रखने से बचें। अगर आपका धन से जुड़ा कोई मामला कोर्ट-कचहरी में अटका था तो आज उसमें आपको विजय मिल सकती है और आपको धन लाभ हो सकता है। बच्चों से मिली ख़ुशख़बरी दिन बना सकती है। पुरानी यादें आज आपके ऊपर छायी रहेंगी। इस राशि के लोगोंं को आज शराब सिगरेट से दूर रहने की जरुरत है क्योंकि इससे आपका कीमती समय बर्बाद हो सकता है। आज आप एक बार फिर समय में पीछे जाकर शादी के शुरुआती दिनों के प्यार और रुमानियत को महसूस कर सकते हैं। अपने जीवनसाथी या दोस्तों के साथ ऑनलाइन मूवी देखकर आप अपने लैपटॉप व इंटरनेट का सही इस्तेमाल कर सकते हैं।

सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे)

आज स्वतः ही अपनी चिकित्सा करना घातक सिद्धा होगा। कोई भी औषधि लेने से पहले चिकित्सक की सलाह लें, नहीं तो लेने के देने पड़ सकते हैं। इस राशि के बड़े कारोबारियों को आज के दिन बहुत सोच समझकर पैसा निवेश करने की जरुरत है। घरेलू मामलों और काफ़ी समय से लंबित घर के काम-काज के हिसाब से अच्छा दिन है। आज आप अपने प्रिय से अपने जज़्बात को बताने में मुश्किल महसूस करेंगे। इस राशि वाले जातकों को आज खाली वक्त में आध्यात्मिक पुस्तकों का अध्ययन करना चाहिए। ऐसा करके आपकी कई परेशानियां दूर हो सकती हैं। आपके जीवनसाथी की बेरुख़ी दिन भर आपको उदास रख सकती है। आज आप सब चिंताओं को भुलाकर अपनी रचनात्मकता को बाहर निकाल सकते हैं।

कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो)

आज आपके पास ख़ुद के लिए पर्याप्त समय होगा, तो मौक़े का फ़ायदा उठाएँ और अच्छी सेहत के लिए पैदल सैर पर जाएँ। इस राशि केे कुछ लोगों को आज संतान पक्ष से आर्थिक लाभ होने की उम्मीद है। आज आपको अपनी संतान पर गर्व महसूस होगा। दोस्त और रिश्तेदार साथ में ज़्यादा वक़्त बिताने की मांग करेंगे लेकिन यह सभी दरवाज़े बन्द करके राजसी आनन्द लेने का समय है। अपने प्रिय की ईमानदारी पर शक न करें। जीवनसंगी के साथ वक्त बिताने के लिए आज आप ऑफिस से जल्दी निकल सकते हैं लेकिन रास्ते में अत्यधिक जाम की वजह से आप ऐसा करने में समर्थ नहीं हो पाएंगे। आपका जीवनसाथी आपकी बहुत तारीफ़ करेगा और आपको बहुत स्नेह देगा । किसी सहकर्मी की अचानक तबीयत खराब होने पर आज आप उनका भरपूर सहयोग दे सकते हैं।

तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते)

आपका विनम्र स्वभाव सराहा जाएगा। कई लोग आपकी ख़ासी तारीफ़ कर सकते हैं। बोलते समय और वित्तीय लेन-देन करते समय सावधानी बरतने की ज़रूरत है। किसी दूर के रिश्तेदार के यहाँ से अचानक आया कोई संदेश पूरे परिवार के लिए रोमांचक रहेगा। आप साथ में कहीं घूमने-फिरने जाकर अपने प्रेम-जीवन में नयी ऊर्जा का संचार कर सकते हैं। आप जिस प्रतियोगिता में भी क़दम रखेंगे, आपका प्रतिस्पर्धी स्वभाव आपको जीत दिलाने में सहयोग देगा। अपने जीवनसाथी के साथ आप प्यार से भरे पुराने दिन एक बार फिर जी पाएंगे। सफर करते दौरान आज किसी विपरीत लिंगी शख्स से आपकी आंखें चार हो सकती हैं।

वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू)

आज आपको अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता है। कोई बड़ी योजनाओं और विचारों के ज़रिए आपका ध्यान आकर्षित कर सकता है। किसी भी तरह का निवेश करने से पहले उस व्यक्ति के बारे में भली-भांति जाँच-पड़ताल कर लें। आपके नज़दीकी लोग निजी जीवन में परेशानियाँ खड़ी कर सकते हैं। अपने रोमांटिक ख़यालों को हर किसी को बताने से बचें। आपके घर का कोई करीबी शख्स आज आपके साथ वक्त बिताने की बात कहेगा लेकिन आपके पास उनके लिए वक्त नहीं होगा जिसकी वजह से उनको तो बुरा लगेगा ही आपको भी बुरा लगेगा। आपका जीवनसाथी आपसे नाराज़ हो सकता है, क्योंकि आप उनसे कोई बात साझा करना भूल गए थे। आपका संंगी आज आपके लिए घर पर कोई सरप्राइज डिश बना सकता है जिससे आपके दिन की थकान मिट जाएगी।

धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे)

आज आप खेल-कूद में हिस्सा ले सकते हैं, जो आपको तन्दुरुस्त बनाए रखेगा। आपका धन आपके काम तभी आता है जब आप फिजूलखर्ची करने से खुद को रोकते हैं आज ये बात आपको अच्छी तरह से समझ में आ सकती है। घर में किसी भी तरह का बदलाव करने से पहले अपने बड़ों की राय लें, नहीं तो वे आपसे नाख़ुश और नाराज़ हो सकते हैं। खाली समय का पूरा आनंद उठाने के लिए आपको लोगों से दूर होकर अपने पसंदीदा काम करने चाहिए। ऐसा करके आपमें सकारात्मक बदलाव भी आएंगे। क्या आपको लगता है कि शादी महज़ समझौतों का नाम है? अगर हाँ, तो आप आज हक़ीक़त महसूस करेंगे और जानेंगे कि यह आपके जीवन की सबसे अच्छी घटना थी। आपके दोस्त आपके काम नहीं आते यह शिकायत आज आपको हो सकती है।

मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी)

आज आपके लिए ख़ास दिन है, क्योंकि अच्छा स्वास्थ्य आपको कुछ असाधारण काम करने की क्षमता देगा। आज आपको समझ आ सकता है कि धन को बिना सोच विचारे खर्च करना आपको कितना नुक्सान पहुंचा सकता है. दोस्त शाम के लिए कोई बढ़िया योजना बनाकर आपका दिन ख़ुशनुमा कर देंगे। आज आपके दिल की धड़कनें अपने प्रिय के साथ ताल-से-ताल मिलाती मालूम होंगी। जो चीजें आपके लिए आवश्यक नहीं हैं उन पर आज अपना अधिकतर समय आप जाया कर सकते हैं। आपका वैवाहिक जीवन इससे अधिक रंगों से भरा कभी नहीं रहा है। अच्छे मित्र आपका कभी साथ नहीं छोड़ते यह बात आज आपको समझ में आ सकती है।

कुंभ- (गू गे गो सा सी सू से सो द)

आज आप ख़याली पुलाव पकाने में वक़्त ज़ाया न करें। सार्थक कामों में लगाने के लिए अपनी ऊर्जा बचाकर रखें। घर की छोटी-छोटी चीजों पर आज आपका बहुत धन खराब हो सकता है जिसकी वजह से आप मानसिक तनाव में आ सकते हैं। आपके माता-पिता की सेहत पर ज़्यादा ध्यान दिए जाने की ज़रूरत है। शाम को प्रिय के साथ रोमांटिक मुलाक़ात और साथ में कहीं लज़ीज़ खाना खाने के लिहाज़ से बढ़िया दिन है। आज कुछ नया और सृजनात्मक करने के लिए अच्छा दिन है। यह शादीशुदा ज़िन्दगी के सबसे ख़ास दिनों में से एक है। आपको प्रेम की गहराई का अनुभव करेंगे। आपको महसूस हो सकता है कि आपके घर वाले आपको नहीं समझते और इसलिए आप उनसे आज दूरी बना सकते हैं।

मीन- (दी दू थ झ ञ दे दो च ची)

आज बहुत ज़्यादा चिंता करना आपकी मानसिक शांति को बर्बाद कर सकता है। इससे बचें, क्योंकि ज़रा-सी चिंता और मानसिक तनाव भी शरीर पर बुरा असर डालते हैं। दिन चढ़ने पर वित्तीय तौर पर सुधार आएगा। पारिवारिक तनावों को अपनी एकाग्रता भंग न करने दें। बुरा दौर ज़्यादा सिखाता है। उदासी के भंवर में ख़ुद को खोकर वक़्त बर्बाद करने से बेहतर है कि ज़िंदगी के सबक़ को जानने और सीखने की कोशिश की जाए। मुहब्बत की टीस आज रात आपको सोने नहीं देगी। इस राशि वाले जातकों को आज खाली वक्त में आध्यात्मिक पुस्तकों का अध्ययन करना चाहिए। ऐसा करके आपकी कई परेशानियां दूर हो सकती हैं। शादी सिर्फ़ एक छत के नीचे रहने का नाम नहीं है; एक-दूसरे के साथ कुछ समय बिताना भी ज़रूरी है। छात्र जिस विषय में कमजोर हैं उस विषय के बारे में आज अपने गुरु से बात कर सकते हैं। गुरु की सलाह आपको उस विषय की जटिलताओं को समझने में सहायक होगी।

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अस्वीकरण(Disclaimer)दैनिक पंचांग,धर्म, ज्योतिष,वास्तु आदि विषयों पर यहाँ प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं,जो पूर्ण रूप से दायित्व मुक्त है,अतः संबंधित कोई भी प्रयोग अपने स्वविवेक के साथ करें या किसी संबद्ध विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लेवें।
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