सत्यार्थ न्यूज श्रीडूंगरगढ़- सवांददाता ब्युरो चीफ
दुसारणा गांव के श्रीकृष्णा गौशाला में गौ ओर धर्म को केंद्र में रख कर चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन शनिवार को कथा वाचक पंडित प्रकाश तिवाड़ी ने कहा की वर्तमान समय में धर्म का स्वरूप अनेक प्रकार के पाखंड दिखावे और अंधविश्वास के आवरण में छिपता जा रहा है। समाज में ऐसे कई आचरण और परंपराएं देखने को मिलती हैं,जो देखने में धर्म जैसे प्रतीत होते हैं,किंतु वास्तव में उनका धर्म से कोई संबंध नहीं होता। ऐसे आचरणों को धर्माभास कहा जाता है,अर्थात ऐसा कुछ जो धर्म का केवल आभास कराता है,लेकिन वह धर्म नहीं है,धर्म का पालन विवेक के साथ करें किसी भी धार्मिक आचरण को आँख मूंदकर स्वीकार करने से पहले उसकी तर्कसंगतता और शास्त्रीय प्रमाणिकता पर विचार अवश्य करें। गौ सेवा से धर्म के हर स्वरूप की पुष्टि हो जाती हैं। आज कथा पांडाल में सभी श्रदालुओं को शीतल शरबत का प्रसाद सेवा के लाभार्थी भामाशाह पेमाराम गोदारा दूसारणा पिपासारिया के द्वारा की गई।
गोसेवार्थ नगद राशि के रूप किया गो सेवा में सहयोग।
₹5100 भागीरथ दास स्वामी ₹5100 श्याम दास स्वामी 1100 रुपए भरता राम 1100 रुपए रामेश्वर लाल बुड़िया गोपालसर ₹3100 मालाराम सुथार दूसारणा पिपासरीया1100 करनाराम सुथार कोटासर ₹1100 मोहन सिंह भोजास ₹1100 पीथाराम सारण कोटासर ₹200 भोमाराम डेलू लिखीमिसर ₹500 प्रभु राम कूकना लिखमिसर 1100 सुरजाराम गोदारा कल्याणसर ने गो सेवा में सहयोग दिया।
गौशाला कमेटी एवं समस्त ग्राम वासियों की तरफ से दूर दराज के गांव से आने वाले सभी कथा प्रेमियों के लिए 4बसों की सेवा लगाई गई है एवं गांव में करीब 10 गाड़ियां लगाई गई है ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़े । गर्मी के मौसम के चलते पूरे कथा पंडाल में बड़े टेंट कुलर लगाए गए हैं ठंडा पानी की सुचारू व्यवस्था है आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए गौशाला कमेटी पूरी व्यवस्था कर रखी है।























Leave a Reply