सत्यार्थ न्यूज/ मनीष माली
प्रतिबंध के बाद भी अन्य राज्यों में भेजा जा रहा भूसा, परिवहन से बढ़ रहे भूसे के दाम।
कलेक्टर के प्रबंध के बाद भी हो रहा भूसे का अवैध परिवहन
सुसनेर 12 मार्च इन दोनों क्षेत्र में भूसा परिवहन करने वाले दलाल सक्रिय है, बड़े स्तर पर भूसा जिले से बाहर बेचा जा रहा है। जिस जिले की गौशालाओं में गोवंश की दुर्दशा होना निश्चित है कलेक्टर के आदेश जारी कर भूसे को जिले से बाहर ले जाने पर पूर्णत प्रतिबंध लगा दिया है लेकिन इसका कड़ाई से पालन नहीं हो पा रहा।
प्रतिदिन देखने में आ रहा है कि कलेक्टर के आदेश की जोरो से धज्जियां उड़ाई जा रही हैं जिले का गोवंश सड़कों पर घूमने को मजबूर है। गौशालाओं में साल भर के लिए भूसे की खरीदी नहीं हो पा रही है, क्योंकि जिले में भूसे के दलाल सक्रिय है, दलालों के कारण भूसे की कीमत आसमान छू रही है समय रहते हैं यदि इन पर रोक नहीं लगाई गई तो, आने वाले समय में जिले की गौशालाओं में रहने वाले गोवंश को भूखा रहने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। कुछ दिनों पूर्व ही कलेक्टर कैलाश वानखेड़े ने एक आदेश जारी करते हुए जिले के बाहर की सीमा में भूसे का परिवहन करने पर रोक लगाई गई थी ताकि आगर मालवा जिले में पर्याप्त मात्रा में पशुओं के लिए भूसा उपलब्ध हो सके। किंतु उसके बाद भी सुसनेर थाना क्षेत्र में इसका परिवहन करने वाले लोगों पर कोई कार्यवाही शुरू नहीं की गई है, जिसके चलते प्रतिदिन हर रोज राजस्थान के पिडावा क्षेत्र में अवैध रूप से भूसे का परिवहन किया जा रहा है। मंगलवार को भी उज्जैन झालावाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग से भूसे से भरे ट्रैक्टर अवैध परिवहन करने के लिए जाते हुए दिखाई दिए। इन पर स्थानीय प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही नहीं किए जाने के कारण इन लोगों के हौसले बुलंद है। यदि ऐसी ही हालत बनी रही तो आने वाले समय में सुसनेर क्षेत्र में पशुओं के लिए आहार की समस्या खड़ी हो जाएगी। साथ ही सालरिया गो अभ्यारण व अन्य गौशालाओं में भी गायों के लिए भूसे की व्यवस्था करने के लिए प्रशासन को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
सुसनेर से पास है राजस्थान सीमा-
दरअसल सुसनेर से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर ही राजस्थान की सीमा लग जाती है और इसी का फायदा उठाते हुए कुछ लोग भूसे का अवैध परिवहन करने में सफल हो रहे हैं। सुसनेर के डग मार्ग की ओर जाने वाले मार्ग एवं पिड़ावा रोड पर पटपडा के बाद ही राजस्थान की सीमा प्रारंभ हो जाती है। इन मुख्य मार्गों के अलावा ग्रामीण अंचल के रास्तों से भी भूसे का परिवहन किया जा रहा है क्योंकि इन मार्गों पर पुलिस का पहरा नहीं रहता इसलिए बड़ी तादाद से यह परिवहन जारी है।
कलेक्टर ने जारी किया था आदेश-
कलेक्टर के द्वारा आदेश जारी करते हुए बताया गया था कि आगामी दिनों में आर्थिक लाभ प्राप्त करने हेतु व्यक्तियों , कृषकों और व्यापारियों द्वारा पशु चारे का जिले के बाहर निर्यात् की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए मध्य प्रदेश चार निर्यात नियंत्रण आदेश 2000 के निहत्त प्रावधानों के तहत पशु चारे का उपयोग ईट भट्ठे एवं फैक्ट्री में जलाने तथा जिले के सीमा से बाहर परिवहन करने पर रोक लगाई गई है। यह आदेश आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगा। किंतु उसके बाद भी सुसनेर क्षेत्र में धड़ल्ले से भूसे का अवैध परिवहन जारी है।

















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