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काशी में सटोरियों की पिच तैयार STF, क्राइम ब्रांच के साथ ही खुफिया विभाग भी सक्रिय; रडार पर सट्टेबाज

अंकुर कुमार पांडेय

ब्युरो चीफ सत्यार्थ न्युज वाराणसी।

वाराणसी।आईपीएल-18 सीजन को लेकर पुलिस और खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गई है। बैंक में नए अकाउंट्स से लेकर उसमें ट्रांजेक्शन पर निगरानी रखी जा रही है। 

Ipl Pitch for bookies is ready in Kashi STF crime branch intelligence department active bookies on radar

आईपीएल-18 सीजन का शनिवार को आगाज होने के साथ ही सटोरियों की पिच भी तैयार हो गई। सटोरियों ने मोबाइल पर आईडी, पासवर्ड और पॉइंट देकर सट्टेबाजी का खेल शुरू कराया है। मुंबई, नई दिल्ली, जयपुर और कोलकाता में बैठे सटोरियों ने शहर में अपने-अपने एजेंट बैठा दिए हैं। कमिश्नरेट पुलिस, एसटीएफ, एलआईयू अन्य खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। जेल गए कुख्यात सटोरियों को रडार पर लिया गया है। महानगरों के बुकी के साथ ही शहर के सट्टेबाजों को चिह्नित किया जा रहा है। काशी समेत पूर्वांचल में आईपीएल सट्टे का बड़ा अवैध कारोबार है। महानगर में बैठे बुकी के एजेंटों ने काशी समेत आसपास जिलों में अपना जाल फैला दिया है। युवाओं को सट्टे के इस धंधे में शामिल कराया है। शहर के शिवपुर क्षेत्र के एक अपार्टमेंट के फ्लैट में सट्टेबाजी का खेल शुरू हुआ है। शहर के अन्य क्षेत्रों के होटल, गेस्ट हाउस में भी सट्टेबाजी की सुगबुगाहट तेज हो गई है। इसके साथ ही शहर के विभिन्न क्षेत्रों में मैच बुकी ने अपने एजेंटों को काम पर लगा दिया है। उधर, आईपीएल में सट्टेबाजी की गंध आते ही पुलिस और खुफिया एजेंसियां सक्रिय हैं। गली, मोहल्ले और अपार्टमेंट समेत कॉलोनियों में अपने-अपने मुखबिर छोड़ रखे हैं। पूर्व में गिरफ्तार सट्टेबाजों की गतिविधियों की निगरानी बढ़ा दी गई है। सट्टेबाजी को लेकर सतर्क कमिश्नरेट पुलिस ने बैंक खातों की भी निगरानी बढ़ा दी है। आईपीएल के दौरान खुलने वाले नए खातों और उसमें ट्रांजेक्शन की छानबीन की जाएगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्राइवेट बैंकों के खातों की विशेष जांच होगी, क्योंकि यह आसानी से खुल जाते हैं आईपीएल में इस बार सनराइजर्स हैदराबाद का सबसे अधिक रेट है। दूसरे नंबर पर मुंबई इंडियंस और तीसरे नंबर पर चेन्नई सुपरकिंग्स है। सट्टेबाजी के आरोप में पूर्व में जेल गए आरोपियों की निगरानी बढ़ा दी गई है। संबंधित थानों को उनकी सूची सौंपी गई है। एसओजी, सर्विलांस सेल समेत एलआईयू को भी सक्रिय किया गया है। भौतिक और तकनीकी रूप से सट्टेबाजों की गतिविधियों पर निगाह है। इस कृत्य में शामिल किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, उनकी जगह जेल होगी।

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