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राशन प्राप्‍त करने वाले सभी उपभोक्‍ताओं के लिए ई-केवायसी कराना अनिवार्य

राशन प्राप्‍त करने वाले सभी उपभोक्‍ताओं के लिए ई-केवायसी कराना अनिवार्य

ई-केवायसी एवं वितरण कम करने वाली जनपद गुना की 21 एवं जनपद पंचायत बमोरी की 15 उचित मूल्‍य दुकानों को किये नोटिस जारी

गुना जिले से संवाददाता बलवीर योगी


गुना : बुधवार, मार्च 19, 2025
सार्वजनिक वितरण सुदृढीकरण एवं जन्नोनमुखी बनाने के लिये कलेक्‍टर श्री किशोर कुमार कन्‍याल के निर्देशन में चलाये जा रहे अभियान के तहत जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत 9 लाख 55 हजार से अधिक गरीब हितग्राही हर महीने सरकारी राशन प्राप्‍त करते हैं। शासन द्वारा अब कालाबाजारी रोकने तथा फर्जी लाभार्थियों की छटनी के लिए ई-केवायसी अनिवार्य कर दी है। जिले भर में 2 लाख 80 हजार से अधिक हितग्राहियों ने अभी तक ई-केवायसी सत्‍यापन नहीं कराया है। सभी हितग्राहियों को 31 मार्च 2025 तक ई-केवायसी होना आवश्‍यक है, नहीं तो राशन मिलना बंद होने की संभावना है। ई-केवायसी के लिए शासकीय उचित मूल्य दुकान विक्रेताओं द्वारा दुकान पर तथा घर-घर जाकर ई-केवायसी किये जा रहे हैं। प्रत्‍येक परिवार के सभी सदस्‍यों के आधार कार्ड से सत्‍यापन के बाद ही सिस्‍टम में फिंगरप्रिंट अपडेट हो रहे हैं। इसके तहत अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व अनुविभाग गुना द्वारा जनपद पंचायत गुना एवं बमौरी के समस्‍त शासकीय उचित मूल्‍य दुकानों के विक्रेताओं की समीक्षा बैठक ली गई।
समीक्षा में जनपद पंचायत गुना एवं बमौरी के दुकानदारों द्वारा ई-केवायसी एवं वितरण कम करने के कारण जनपद पंचायत गुना के 21 एवं बमौरी के 15 शासकीय उचित मूल्‍य दुकानादारों को कारण बताओ नोटिस जारी किये गये। सभी दुकानदारों को एक सप्‍ताह में शतप्रतिशत ई-केवायसी किये जाने के निर्देश दिए गए हैं। जिन दुकानदारों द्वारा उपभोक्‍ताओं के ई-केवायसी नहीं किये जांएगें और यदि उपभोक्‍ताओं द्वारा शिकायत प्राप्‍त होती है, ऐसे दुकानदारों के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी।
सभी उपभोक्‍ताओं से अनुरोध है कि वह निकट की उचित मूल्‍य दुकान पर जाकर परिवार के समस्‍त सदस्‍यों की ई-केवायसी करायें ताकि राशन सुलभता से प्राप्‍त हो सके। जिले के सभी सहायक/कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी को भी दुकानों के सतत निरीक्षण व ई-केवायसी में प्रगति लाने के लिये तथा प्रतिदिन रिपोर्ट प्रस्‍तुत करने के लिये निर्देशित किया गया। ई-केवायसी अभियान की सतत समीक्षा की जा रही है।

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