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भवन निर्माणकर्ताओं को आ रही है भारी दिक्कत

भवन निर्माणकर्ताओं को आ रही है भारी दिक्कत

रेत बेचने वालों की हो रही चांदी, पांच हजार से अधिक दामों पर मिल रही एक ट्राली रेत

संवाददाता गोविन्द दुबे उदयपुरा

* बरेली /महंगाई को लेकर आमजन वैसे ही परेशान है, उस पर वर्तमान में रेत के बढ़े हुए दामों को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है। रेत खदान विधिवत चालू नहीं होने के कारण रेत के कारोबार करने वाले मुंहमांगे दामों पर रेत बेचकर चांदी काट रहे हैं। आम उपभोक्ता को पांच हजार से ऊपर सात हजार रुपए तक में एक ट्राली रेत खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।मकान निर्माण हो या कोई शासकीय भवन बन रहा हो सीसी सड़क बन रही हो, रेत नहीं मिलने से निर्माणकर्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग तो रेत के बढ़े हुए दामों के कारण अपना मकान भी नहीं बना पा रहे हैं, क्योंकि रेत के दाम पहले की अपेक्षा तीन गुना बढ़ गए हैं। आमजन भी रेत के बढ़े हुए दामों को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि अभी तक इतनी महंगी रेत मिलते हुए नहीं देखा है। दो-तीन माह पूर्व जहां एक ट्राली रेत 2500 से 3000 हजार रुपए में आराम से मिल जाती थी, ऐसा क्या कारण है कि अब दुगने से ज्यादा में भी जुगाड़ करने के बाद रेत मिल पा रही है। वैसे देखा जा रहा है कि अलीगंज का ठेका भी अभी विधिवत रूपसे नहीं चल रहा है। ऐसा स्थानीय लोगों का कहना है। ऐसा ही कुछ सतरावन, मोतलसिर के साथ ही अन्य उदयपुरा विधानसभा के सभी जनप्रतिनिधि प्रशासनिक अधिकारी, खनिज विभाग अधिकारी की एक बैठक जल्द ही बुलाई जाएगी, जिसमें रेत ठेकेदार के प्रतिनिधि होंगे, क्योंकि रेत के असली मालिक जानता जनार्दन है। जनता जनार्दन को उचित मूल्य पर रेत उपलब्ध हो जाए ये भी प्रशासन की जवाबदारी है, क्योंकि लोगों का कहना है। मंत्री द्वारा कार्यवाही करने पर रेत महंगी हो गई है। इसलिए मंत्री की जवाबदारी है, रेत उचित मूल्य पर जनता को मिले, ये भी हमारी जबाबदारी है।-नरेन्द्र शिवाजी पटेल, राज्यमंत्री म.प्र. शासन
(नगर में आयोजित कवि सम्मेलन में राज्यमंत्री पटेल ने यह बात कही)

रेत के बढ़े हुए दामों को लेकर शासन को एक नीति निर्धारण कर आम उपभोक्ताओं को कम से कम दाम
जगहों की स्थिति भी कुछ इसी प्रकार की बनी हुई है। रेत कारोबारी कौन सी जुगाड़ से रेत लाकर बेच रहे

इनका कहना है…

पर सुलभ तरीके से रेत मिल जाए, उसके लिए शासन को अपनी मंशा उजागर करना चाहिए। मुझे जानकारी मिली है कि रेत की ट्राली पांच हजार से लेकर सात हजार रुपए तक में मिल रही है, यह बहुत ही दुखद है। आमजन वैसे भी मंहगाई की मार से परेशान है, प्रशासन को जल्द ही कम दामों में जिन लोगों को रेत की आवश्यकता है, सुगमता पूर्वक उपलब्ध कराएं। जहां रेत घाट है वह भी विधिवत चालू हों। ठेकेदार भी कम रायल्टी के माध्यम से आमजन को कारोबारियों को सुगमता से भरपूर मात्रा में प्रदाय करें, इसकी नीति निर्धारण होना चाहिए। अगर यही स्थिति रही तो आमजनता के साथ कांग्रेस पार्टी रेत के दाम कम करवाने के लिए आंदोलन भी कर सकती है।-देवेन्द्र सिंह पटेल, पूर्व विधायक उदयपुरा विधानसभा आज रेत की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे हैं। इसको लेकर भी संशय बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि रेत के दामों में बढ़ोतरी होगी या कमी।

आमजन परेशान है। प्रशासन को चाहिए कि वह अत्यधिक रॉयल्टी वसूली को कम कर लोगों को राहत प्रदान करे। आम जनता और जिनका भवन निर्माण चल रहा है, उनको भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शासन को तुरंत इस पर ध्यान देना चाहिए।-अमित सिंह पटेल ग्राम भिलाड़िया

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