Advertisement

सोनभद्र -ग्राम पंचायत की संपत्ति को प्रधान समझ रहे अपनी निजी संपत्ति

ग्राम पंचायत की संपत्ति को प्रधान समझ रहे अपनी निजी संपत्ति

 

 

अब तक लाखों रुपए कर चुके हैं खर्च अपने परिवार पर

 

 

सोनभद्र /सत्यनारायण मौर्य/संतेश्वर सिंह

Mo 9580757830

 

नगवां विकासखंड के ग्राम पंचायत नंदना में ग्राम प्रधान द्वारा सरकारी धन का दुरुपयोग किया जाने का अजीबोगरीब मामला सामने आया है ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर जो बातें बताई हैं वह काफी चौंकाने वाली हैं ग्रामीणों का कहना है कि जिला प्रशासन ईमानदारी से जांच कर दे तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा

बताया गया कि नगवां विकासखंड के ग्राम पंचायत नंदना में सरकारी धन की लूट प्रधान द्वारा इस कदर की जा रही है कि जैसे सब कुछ शासन के स्तर पर उनके लिए ही भेजा जा रहा हो ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम प्रधान द्वारा अपने सगे परिवार के लोगों के घर तक लाखों रुपए खर्च कर रास्ते का निर्माण कराया जा रहा है बताया जा रहा है कि अपने दो सगे चचाओं के घर के लिए लाखों रुपए खर्च कर आरसीसी रोड बनाई जा रही है सूत्रों की माने तो इस कार्य का भुगतान भी काफी हद तक हो गया है इसी तरह ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान द्वारा हैंडपंप रिबोर के नाम पर अपने ही खेत में चार जगह बोर कर करके समरसेबल लगाकर खेत की सिंचाई की जा रही है पूर्व में इसका विरोध भी किया गया था लेकिन पता नहीं क्यों ब्लॉक स्तर पर कोई कार्रवाई या जांच नहीं की गई लोगों का कहना है कि ग्राम पंचायत के धन के इस लूट मेंउन्हें कुछ प्रभावशाली लोगों का संरक्षण भी प्राप्त है जिसके चलते ग्राम प्रधान पूरी तरह निरंकुश होकर सरकारी धन की बंदरबांट कर रहे हैं

इसी तरह मनरेगा के कार्य में भी व्यापक रूप से अनियमितता का मामला प्रकाश में आया है मनरेगा घोटाले की जांच सीबीआई द्वारा भी पूर्ण करके कुछ पंचायत से जुड़े लोगों पर मुकदमा भी चलाया जा रहा है लेकिन इसका कोई भी असर नगवां विकासखंड के कतिपक ग्राम पंचायत में देखने को नहीं मिल रहा है इस ग्राम पंचायत में समतलीकरण के नाम पर लाखों रुपए फर्जी तरीके से बंदरबांट कर लिया गया है जिन मजदूरों को कार्य करने हेतु मस्टरोल में दर्शाया गया है वह कार्य ही नहीं किए हैं और ग्राम प्रधान के कई चहेतों के खाते में मनरेगा का धन भेज दिया गया और समतली कारण के नाम पर जिन खेतों का कार्य होना था उनमें कहीं-कहीं नाम मात्र के कार्य कराए गए हैं

सूत्रों का कहना है कि विकास खण्ड नगवां ब्लॉक में एपीयो के द्वारा बिरादरी वाद करते हुए मनरेगा में 60/40 के आधार पर पेमेंट करना उसको ताक पर रख कर ब्लांक के अगल बगल के गांवों पेमेंट किया जा रहा है जो शासना देस खिलाफ है जहां भी मनरेगा में सबसे अधिक का भुक्तान किया गया है उन ग्राम प्रधान के कार्यों की जांच कर ली जाए तो पिछले 4 वर्षों के कार्यकाल में उनके द्वारा लाखों रुपए का दुरुपयोग का मामला सामने आ सकता है इस संबंध में जब खंड विकास अधिकारी नगवां से संपर्क का प्रयास किया गया तो उनका नंबर नॉट रिचिबल बता रहा था। भ्रष्टाचार का मेन कारण कइ वर्षों से एक ही जगह पर जमें जेई लोगों के कारण हो रहा है।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!