सवांददाता मीडिया प्रभारी मनोज मूंधड़ा बीकानेर श्रीडूंगरगढ़
गांव कोटासर भोमियाजी मंदिर प्रांगण में आज श्रीमद्भागवत कथा प्रारंभ हुई। सुबह शिव मंदिर में भागवत पूजन कर गाजे बाजे के साथ कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में अनेक महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा पहनकर भाग लिया। शिव मंदिर से कलश यात्रा रवाना होकर गांव की मुख्य मार्गों एवं गलियों से होते हुए कथा स्थल भोमिया जी मंदिर पहुंची पहले दिन कथा वाचक व्यास पंडित प्रकाश जी तिवारी ने कथा का महत्व समझाते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा परमात्मा का अक्षर स्वरूप है। यह परमहंसों की संहिता है और भागवत कथा हृदय को जागृत कर मुक्ति का मार्ग दिखाती है। उन्होंने मार्गशीर्ष के माह में इसके श्रवण का विशेष महत्व बताया। उन्होंने कहा कि भागवत कथा भगवान के प्रति अनुराग उत्पन्न करती है। यह ग्रंथ वेद, उपनिषद का सार रूपी फल है। यह कथा रूपी अमृत देवताओं को भी दुर्लभ है। कथा श्रवण के लिए यहां अनेक श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कथा का समय सुबह 11:30 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक कथा वाचन होगा। इस दौरान कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं ने व्यवस्था संभाली।






















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