सवांददाता नरसीराम शर्मा बीकानेर श्रीडूंगरगढ़
अखिल भारतीय विधार्थी परिषद् मोमासर कॉलेज इकाई के महाराजा सूरजमल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर व श्रद्धांजलि देकर शौर्य दिवस के रूप में मनाया। इकाई अध्यक्ष कृष्णा प्रजापत ने बताया महाराजा सूरजमल केवल जाट समाज के महानायक नहीं, बल्कि सभी वर्गों के हितैषी और आदर्श थे। नेतराम गोदारा ने बताया कि उन्होंने गरीब कमजोर और जुल्म के खिलाफ लड़ाइयां लड़ते-लड़ते शहीदी प्राप्त की। उन्होंने 80 युद्ध लड़े, लेकिन वह कभी पराजित नहीं हुए। उनकी बहादुरी की मिसाल इतिहास के किताबों में दर्ज है । ऐसा गौरवपूर्ण इतिहास दुनिया में शायद ही किसी और राजा का रहा होगा। वह एक योद्धा के साथ-साथ दूरदर्शी और वैज्ञानिक भी थे। उनकी गौरवपूर्ण कारनामों के बारे में इतिहास के पन्नों में दर्ज है। इतिहास में उन्हें एशिया का प्लूटो भी कहा जाता है। राजस्थान के लोहगढ़ किले का निर्माण उन्होंने इस तरीके से किया कि आज तक भी कोई उसे भेद नहीं पाया। अंग्रेजों और मुगलों ने वहां पर 13 बार आक्रमण किया, लेकिन लोहागढ़ किले की दीवारों ने अंग्रेजों के तोप के गोलों और हथियारों को निरस्त कर दिया और उन्हें हर बार मुंह की खानी पड़ी। इस अवसर पर माया शर्मा, पलक भाटी,दानाराम मेघवाल जयश्री सुथार, सुमन शर्मा, अंकिता सुथार, सरोज शर्मा, धन्नी, अंजू, ममता, पूजा, पुष्पेन्द्र यादव हरिओम प्रजापत, श्रवण प्रजापत, नेतराम गोदारा जितेन्द्र कमलिया, सुशील, कमल मौजूद थे।

















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