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बीकानेर-थायराइड की परेशानी में इन बीन्स का सेवन हो सकता है फायदेमंद, जानिए कैसे

सवांददाता मीडिया प्रभारी मनोज मूंधड़ा बीकानेर श्रीडूंगरगढ

थाइराइड की समस्या होने पर हमें खाने की बहुत ज्यादा दिक्कत होने लगती है। हम इसी बात को लेकर परेशान रहते हैं कि हमें क्या खाना चाहिए। इसी को लेकर हम आपको कुछ बीन्स बताने जा रहे है। बीन्‍स में एक महत्वपूर्ण अमीनो एसिड होता है, जिसे एल-टायरोसिन कहा जाता है। एल-टायरोसिन की सहायता से शरीर थायराइड हार्मोन का निर्माण करता है। बाजार में विभिन्न प्रकार के बीन्‍स उपलब्ध हैं, जो हमारी सेहत के लिए लाभकारी माने जाते हैं। इन बीन्‍स का सेवन करने से थायराइड (thyroid) के कार्य में सुधार होता है और इसे नियंत्रित करने में सहायता मिलती है। बीन्‍स में फोलेट, यानी विटामिन-बी9 और बी12 भी मौजूद होते हैं। अधिकांश बीन्‍स में एल-टायरोसिन पाया जाता है। जब थायराइड (thyroid) हार्मोन टी4 को टी3 में परिवर्तित करता है, तो उसे विटामिन-बी की आवश्यकता होती है। विटामिन-बी हमें बीन्‍स के सेवन से प्राप्त होता है। अधिकांश खाद्य पदार्थों में विटामिन-बी आसानी से नहीं मिलता, लेकिन बीन्‍स के माध्यम से हमारे शरीर को यह विटामिन सरलता से मिल जाता है।

थायराइड में खाएं जाने वाले बीन्स :

चना खाएं-चना प्रोटीन और फाइबर का एक समृद्ध स्रोत है। एक कप चने में लगभग 14 ग्राम प्रोटीन और 12 ग्राम फाइबर पाया जाता है। यह वीगन और शाकाहारी लोगों के लिए प्रोटीन का एक उत्कृष्ट विकल्प है। चने का सेवन करने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप इसे पीसकर हम्मस बना लें, जिसे आप दोपहर या शाम के नाश्ते के रूप में ले सकते हैं।

राजमा का करें सेवन-राजमा का सेवन थायराइड के कार्य को सुधारने में सहायक हो सकता है। यह अधिकांश घरों में एक सामान्य व्यंजन है। राजमा में प्रोटीन और फाइबर की प्रचुरता होती है। इसके अलावा, राजमा में फोलेट भी मौजूद होता है, जो थायराइड (thyroid) को नियंत्रित करने में मदद करता है। राजमा का फाइबर गट स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है,जिससे थायराइड के कार्य में सुधार संभव है।

रेड बीन्स फायदेमंद-रेड बीन्‍स में कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं, जिनमें पोटैशियम, आयरन और फॉस्‍फोरस शामिल हैं। ये पोषक तत्व सूजन को कम करने में सहायक होते हैं। इसके अलावा, थायराइड ग्रंथि में रक्त प्रवाह को सुधारने के लिए भी रेड बीन्‍स को लाभकारी माना जाता है।

काले सेम भी फायदेमंद-काले सेम जिन्हें ब्‍लैक बीन्‍स भी कहा जाता है,मुख्य रूप से अमेरिका जैसे देशों में खाए जाते हैं। लेकिन अब ये भारत सहित पूरे विश्व में उपलब्ध हैं। काले सेम में फाइबर और प्रोटीन की भरपूर मात्रा होती है, साथ ही इसमें एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व मैग्नीशियम भी मौजूद है। हमारे शरीर में 300 से अधिक एंजाइमों के सही कार्य के लिए मैग्नीशियम आवश्यक है। जब थायराइड टी4 हार्मोन को सक्रिय टी3 हार्मोन में परिवर्तित करता है,तब भी इसे मैग्नीशियम की आवश्यकता होती है।

यह लेख सामान्य जानकारी के​ लिए है किसी भी नूस्खे को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य ले।

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