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आईसीजी ने समुद्री प्रदूषण से निपटने और जैव विविधता की रक्षा के लिए प्रमुख पर्यावरणीय संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

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भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) ने 19 सितंबर, 2024 को नई दिल्ली स्थित आईसीजी मुख्यालय में समुद्री संरक्षण के प्रयासों को मजबूत करने के लिए ‘द हैबिटेट्स ट्रस्ट’ और ‘एचसीएल फाउंडेशन’ के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस रणनीतिक साझेदारी का उद्देश्य महत्वपूर्ण संरक्षण पहलों को लागू करना है और इस सहयोग के अंग के रूप में, प्रमुख प्रयास निम्नलिखित होंगे:

अनुपयोगी जाल हटाना : मछली पकड़ने के लिए छोड़े गए जालों की समस्या का समाधान करना, जो समुद्री इकोसिस्टम को काफी नुकसान पहुंचाते हैं।

कचरेयुक्त जाल से घिरे एकत्रीकरण क्षेत्रों का मानचित्रण और वर्गीकरण : स्वच्छता प्रयासों को प्रभावी ढंग से प्राथमिकता देने के लिए कचरेयुक्त जाल से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों के बारे में जानकारी बढ़ाना।

पारिस्थितिकी दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में सर्वेक्षण : जैव विविधता की निगरानी और संरक्षण, संवेदनशील समुद्री आवासों पर ध्यान केंद्रित करना।

सामुदायिक भागीदारी : समुद्री इकोसिस्टम के संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए तटीय समुदायों को संरक्षण गतिविधियों में शामिल करना।

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इस समझौता ज्ञापन पर उप महानिदेशक (संचालन एवं तटीय सुरक्षा) महानिरीक्षक (आईजी) अनुपम राय, एचसीएल फाउंडेशन की निदेशक डॉ. निधि पुंधीर और द हैबिटेट्स ट्रस्ट के प्रमुख श्री ऋषिकेश चव्हाण ने हस्ताक्षर किए। आईजी अनुपम राय ने इस पहल के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि यह साझेदारी तटीय इकोसिस्टम के स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है और यह जैव विविधता और तटीय समुदायों की आजीविका दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।

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