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*देश में जनतंत्र पर बढ़ते हमलों के खिलाफ कम्युनिस्ट कार्यकर्ताओं ने किया कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन*।

 

 

*देश में जनतंत्र पर बढ़ते हमलों के खिलाफ कम्युनिस्ट कार्यकर्ताओं ने किया कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन*।

 

कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन के लिए कलेक्ट्रेट के पीछले दरवाजे पर नहीं बल्कि कलेक्ट्रेट परिसर स्थित गांधी उद्यान में धरना प्रदर्शन स्थल सुनिश्चित किया जाए; वामदल

 

सोनभद्र /सत्यनारायण मौर्य/संतेश्वर सिंह

सोनभद्र। सोमवार को भाकपा, माकपा और भाकपा (माले) के संयुक्त तत्वावधान में अपने राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत देश में जनतंत्र पर बढ़ते हमलों के खिलाफ जिलाधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन कर महामहिम राष्ट्रपति महोदया को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से से भेजा।

 

जहां कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक अधिकारों पर लगातार हमले हो रहे हैं। गैर-कानूनी बुलडोजर राज, फर्जी मुकदमों में आरोपी बनाने, राजनीतिक अधिकारों का प्रयोग न करने देने और जन आंदोलनों व प्रदर्शनों से पहले नेताओं को नजरबंद करने की घटनाएं हो रही हैं। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करते हुए अल्पसंख्यक, दलित-आदिवासी विरोधी बुलडोजर अभियान यथावत चल रहा है। भाजपा से असहमति रखने वाले, सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं व बुद्धिजीवियों का दमन करके फर्जी मुकदमे लगाकर जेल भेजा जा रहा है। अपने हक-अधिकार के लिए संघर्ष करने वाले मजदूरों को जेलों में कैद कर दिया गया है। किसी भी लोकतांत्रिक कार्यक्रम को संचालित करने की अनुमति नहीं है। धरना-प्रदर्शन करने की अनुमति की प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी अनुमति नहीं प्रदान करने की घटनाएं भी बढ़ी हैं। लोकतांत्रिक प्रदर्शन के पूर्व नेताओं व कार्यकर्ताओं को अवैध हाउस अरेस्ट करना आम नियम बना दिया गया है। महिलाओं व दलितों के खिलाफ हिंसा की एक से बढ़कर एक घटनाएं हो रही हैं। अपराधियों को सत्ता का वरदहस्त प्राप्त है। गैर-कानूनी एनकाउंटर को खुली छूट है। जिससे जन-मानस में भय का माहौल है।

वक्ताओं ने कहा कि डबल इंजन वाली सरकार में देश में ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि आपातकाल जैसी स्थिति हो।

इन्हीं सब सवालों को लेकर वामदलों द्वारा धरना प्रदर्शन किया जा रहा है।

और कहा कि आज इस आंदोलन के माध्यम से वामदलों की मांग है कि

जन-आंदोलनों से ठीक पहले नेताओं-कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट करने, नजरबंद करने और गैरकानूनी हिरासत में रखने की कार्रवाइयों पर कड़ाई से रोक लगाने, धरना-प्रदर्शन व ज्ञापन की अनुमति सुनिश्चित करने, विपक्षी दलों के नेताओं व कार्यकर्ताओं के विरुद्ध ईडी, सीबीआई आदि संस्थाओं के दुरुपयोग पर रोक लगाने, मेरठ की दलित छात्रा ललिता गौतम के हत्याकांड में न्याय की मांग करने वाले परिजनों व प्रदर्शनकारियों से बर्बर, मनुवादी, हिंसक व गैर-संवैधानिक व्यवहार करने वाले एसएसपी अविनाश पांडेय को तत्काल निलंबित कर कड़ी सजा देने, गैर-कानूनी और मनमाने बुलडोजर राज पर रोक लगाने, फर्जी एनकाउंटरों पर रोक लगाने, नोएडा सहित अन्य जगहों पर हुए मजदूर आंदोलनों में गिरफ्तार सभी मजदूरों, सामाजिक कार्यकर्ताओं व समर्थक बुद्धिजीवियों को रिहा करने और फर्जी मुकदमे हटाने तथा दलित, महिला, अल्पसंख्यक उत्पीड़न पर रोक लगाने और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग है ।

इस दौरान धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कम्युनिस्ट नेताओं ने सोनभद्र जिला प्रशासन की भर्त्सना करते हुए कहा कि जनपद मे शासन ने कलेक्ट्रेट परिसर में परिसर के पीछले दरवाजे के पास एक धरनास्थल निर्धारित कर दिया है। वहां पूर्व सूचना होने पर भी कोई सक्षम अधिकारी ज्ञापन लेने अथवा प्रदर्शनकारियों से बात करने नहीं आता। धरनास्थल पर कोई शेड नहीं है। ऐसे में गर्मी और बारिश के मौसम में लगभग 4-5 महीने वहां प्रदर्शन करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। इसके अलावा वहां शौचालय और पीने के पानी की भी समुचित व्यवस्था नहीं है।

उन्होंने धरना-प्रदर्शन के लिए धरनास्थल कलेक्ट्रेट परिसर स्थित गांधी उद्यान में सुनिश्चित कराने की आवाज उठाई।

प्रदर्शन में भाकपा जिला सचिव कामरेड आर के शर्मा, माकपा जिला सचिव कामरेड नन्द लाल आर्य , भाकपा (माले) जिला सचिव कामरेड सुरेश कोल, बसावन गुप्ता, चन्दन प्रसाद, मोहम्मद कलीम, प्रेम नाथ, नागेन्द्र प्रसाद, महेंद्र सिंह, राजबली, हनुमान प्रसाद, नन्द लाल यादव, ईश्वर दयाल, श्याम नारायण सिंह, गीता देवी, परमेश्वरी देवी आदि नेताओं के साथ दर्जनों की संख्या कम्युनिस्ट कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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