कुंभराज परियोजना से सिंचित होंगे खेत, बहनों को मिलेगा 1500 का शगुन: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बीनागंज में आभार सभा को किया संबोधित
गुना जिले को मिली 5138 करोड़ की सिंचाई परियोजना, पीकेसी लिंक से चंबल-मालवा के 13 जिलों को होगा फायदा
(मध्य प्रदेश गुना रिपोर्टर अभिषेक शर्मा)

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को गुना जिले के चाचौड़ा विधानसभा क्षेत्र के बीनागंज में आयोजित वृहद आभार सभा में प्रदेशवासियों को कई बड़ी सौगातें दीं। इस दौरान उन्होंने 5138 करोड़ रुपये लागत वाली कुंभराज वृहद सिंचाई परियोजना का लोकार्पण किया, जिससे जिले की 30 हजार हेक्टेयर भूमि को बारहमासी सिंचाई सुविधा मिलने लगी है। साथ ही पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) नदी जोड़ो परियोजना का भी जिक्र करते हुए इसे विकास का जलपथ बताया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश में नदियों का समुचित उपयोग कर प्रत्येक गांव, खेत और व्यक्ति तक जल पहुँचाया जा रहा है। बीनागंज में आयोजित इस सभा में मुख्यमंत्री ने 175.76 करोड़ लागत के 604 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया। इस दौरान उन्होंने मंच से कई भावनात्मक घोषणाएं कीं, जिनमें बीमार बेटी के लीवर ट्रांसप्लांट के लिए 4 लाख और एक अन्य महिला को 1 लाख की स्वास्थ्य सहायता शामिल है। इसके अलावा उन्होंने बीनागंज में गोशाला के विकास के लिए 12 लाख रुपए देने की घोषणा की।
लाड़ली बहनों को भाई दूज से मिलेंगे 1500 रुपए
मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहना योजना की राशि को दीपावली के बाद भाई दूज से 1500 रुपए प्रतिमाह देने की घोषणा की और कहा कि इसे वर्ष 2028 तक 3000 रुपए तक बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बहनों को सशक्त बनाने के लिए सरकार हर संभव सहायता दे रही है। उन्होंने कहा, लाड़ली बहनें फैक्ट्री में काम करेंगी तो उन्हें 14 हजार रुपए तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, वहीं युवाओं को रोजगार के लिए फैक्ट्री में काम करने पर 5000 रुपए मिलेंगे।
सिंचाई का क्षेत्रफल 55 लाख हेक्टेयर तक पहुंचा

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि 2003 तक कांग्रेस की सरकार ने किसानों को सिंचाई के लिए बूंद-बूंद तरसाया, जबकि भाजपा सरकार ने सिंचाई का क्षेत्रफल 7 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 55 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा, किसानों की मेहनत से गुना के गुलाब और धनिया की खुशबू देशभर में फैल रही है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि कुंभराज परियोजना से सिर्फ गुना नहीं, बल्कि राजस्थान के 13 जिलों सहित चंबल और मालवा के कुल 26 जिले लाभान्वित होंगे।
पीकेसी और कुंभराज परियोजना से बदलेगी जिले की तस्वीर
जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने सभा में कहा कि पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक योजना की कुल लागत 72 हजार करोड़ है और इससे करीब 6.14 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। इस परियोजना से 40 लाख की आबादी को सिंचाई और पेयजल का लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि कुंभराज परियोजना मुख्यमंत्री डॉ. यादव की संकल्पबद्धता का परिणाम है। यह कार्य पहले असंभव प्रतीत होता था, जिसे अब संभव कर दिखाया गया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा अगले एक वर्ष में 100 लाख हेक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य है। साथ ही केन-बेतवा लिंक योजना, तापी मेगा रीचार्ज योजना जैसी बड़ी परियोजनाओं की प्रगति की भी जानकारी दी, जिनकी कुल लागत 63 हजार करोड़ से अधिक है।
गरीबों के लिए मकान, इलाज और मुफ्त राशन
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से प्रदेश में गरीबों को मकान, इलाज और मुफ्त राशन की सौगात मिल रही है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के पास खुद का घर नहीं, लेकिन उन्होंने 4 करोड़ से अधिक गरीबों को पक्के मकान दिलवाए हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत राज्य सरकार ने भी 6 हजार रुपए जोडक़र किसानों को 12 हजार सालाना की सहायता देनी शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सोलर पंप के जरिए बिजली बिल से मुक्ति दिलाई जा रही है और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए गोपालकों को प्रति गाय 40 रुपए का अनुदान दिया जा रहा है।
धर्म और विरासत के संरक्षण पर भी सरकार का जोर
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने धार्मिक स्थलों और विरासतों के संरक्षण पर सरकार की प्रतिबद्धता जताते हुए कहा, हम भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े स्थलों को धाम के रूप में विकसित करेंगे। उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अयोध्या में राम मंदिर बन रहा था, तभी कांग्रेसियों ने भगवान राम को अपना बताना शुरू किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर आज़ादी के तुरंत बाद अयोध्या में राम मंदिर बन जाता, तो आज यह क्षेत्र आध्यात्मिक पर्यटन का वैश्विक केंद्र होता, लेकिन कांग्रेस ने लगातार रोड़े अटकाए।
विधायक पैंची ने उठाई नपा बनाने की मांग
मुख्यमंत्री ने गुना की संस्कृति की तारीफ करते हुए कहा कि यहां एक तरफ चंबल-ग्वालियर की ठाएं-ठाएं वाली संस्कृति है, तो दूसरी तरफ मालवा की मिठास है। यह संगम इस क्षेत्र को विशेष बनाता है। कार्यक्रम में चांचौड़ा विधायक प्रियंका पैंची ने चांचौड़ा-बीनागंज नगर परिषद को नगरपालिका का दर्जा देने की मांग रखी। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा, क्षेत्र नगरपालिका बनने के सारे मापदंड पूरे करता है, सरकार इस पर शीघ्र निर्णय ले। राजगढ़ सांसद रोडमल नागर ने कहा कि यह परियोजना अटल बिहारी वाजपेयी के सपनों का मूर्त रूप है, जिसे प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव साकार कर रहे हैं। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिकरवार, नगर पंचायत अध्यक्ष सुनीता प्रदीप नाटानी, विधायक पन्नालाल शाक्य और जिला पंचायत अध्यक्ष अरविंद धाकड़ ने भी मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
मुख्यमंत्री को मिला जनसमर्थन और उपहार
सभा स्थल पर हजारों की संख्या में ग्रामीणजन, किसान और महिलाएं मौजूद थीं। मुख्यमंत्री के स्वागत में मंच पर गोबर से निर्मित भगवान गणेश की प्रतिमा, गुना के गुलाब और विशेष धनिया भेंट की गई। स्व-सहायता समूह की बहनों ने उन्हें तिलक लगाया और राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने मंच से कन्या पूजन एवं दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने विभिन्न विभागों की प्रदर्शनियों का अवलोकन भी किया और स्व सहायता समूहों की उत्पादकता की सराहना की। मुख्यमंत्री के स्वागत में लगे नारों से बीनागंज का वातावरण उत्साह से भर गया।-(मध्य प्रदेश गुना रिपोर्टर अभिषेक शर्मा)


















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