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आजाद तिलक जयंती पर वृक्षारोपण माल्यार्पण कविगोष्ठी

आजाद तिलक जयंती पर वृक्षारोपण माल्यार्पण कविगोष्ठी
(दुद्धी सोनभद्र रिपोर्ट नितेश कुमार)।    सोनभद्र, शहीद स्थल प्रवंधन ट्रस्ट करारी सोनभद्र के तत्वावधान में आजाद तिलक जयंती के उपलक्ष्य में शहीद स्मारक पर बुधवार को दिन में सदर विधायक भूपेश चौबे वरिष्ठ साहित्य कार अजय शेखर वरिष्ठ कथाकार रामनाथ शिवेन्द्र हाजी फरीद अहमद शहर कांग्रेस अध्यक्ष ओज कवि प्रभात सिंह चंदेल प्रधान संगीता तिवारी द्वारा वृक्षारोपण व शहीदों की प्रतिमा पर माल्यार्पण तिरंगा झंडा रोहण राष्ट्र गान के आयोजन पश्चात विचार गोष्ठी आयोजित की गई। अध्यक्षता करते हुये वरिष्ठ साहित्य कार चिंतक अजय शेखर ने तिलक को तत्वदर्शी साधक व आजादी में अहं भूमिका व्यक्तित्व कृतित्व का विशद निरूपण किया साथ ही आजाद के बलिदान को नतमस्तक हो नमन किया। विशिष्ट अतिथि कथाकार रामनाथ शिवेन्द्र ने स्वतंत्रता हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा, तिलक व जीते जी मुझे दुश्मन मुझे छू नहीं सकता, आजाद के वक्तव्य को रेखांकित किया। मुख्य अतिथि विधायक भूपेश चौबे ने अपने वक्तव्य में वीर शहीदों के त्याग बलिदान की चर्चा किये। ओज कवि प्रभात सिंह चंदेल ने,, आजाद तिलक के बेटे हम बलिदान हमारी थाती है, वीरों की परिपाटी है सुनाकर मन मोह लिया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष हाजी फरीद अहमद ने वृक्षारोपण प्राण वायु पर्यावरण पर विशद वर्णन से
लोगों में उत्साह भरा स्वागत निदेशक प्रदुम्न त्रिपाठी एडवोकेट ने किया आभार जताते हुये सभी अतिथियों कवियों को अंग वस्त्र लेखनी पुस्तिका देकर अभिनंदन किया। प्रधान संगीता तिवारी ने व्यक्त किया। शाम को बार एसोसिएशन सभागार कचहरी में कविगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता राष्ट्र पति सम्मान से सम्मानित पूर्व किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य ओमप्रकाश त्रिपाठी ने किया सफल संचालन अशोक तिवारी ने किया जहाँ बार अध्यक्ष अरुण कुमार मिश्र एडवोकेट महामंत्री अखिलेश पांडेय एड, नरेंद्र कुमार पाठक एड, के गरिमामयी उपस्थिति में आयोजन में वाणी वंदना ईश्वर विरागी ने किया और पावस को समर्पित रचना सुनाकर चार चांद लगाये। कौशल्या कुमारी चौहान ने, उठो देश के नौजवानों पिघला दो चट्टान को, धर्मेश चौहान ने जान से बढ़कर प्यारा मुझको अपना भारत देश,आयोजक प्रदुम्न त्रिपाठी ने आग में नित बैठकर अनुराग राष्ट्र राग का,, जाग करते रहे साधक भारती के भाग का सुनाकर शमां बांध दिया। ।      विकास वर्मा दयानंद दयालू जयराम सोनी दिव्या राय अजय चतुर्वेदी कक्का शायर अब्दुल हई दिवाकर दिवेदी मेघ मदन चौबे अमित सिंह दिलीप सिंह दीपक राकेश शरण मिश्र नोटरी अधिवक्ता, राधेश्याम पाल गोपाल कुशवाहा अरुण तिवारी सुनील चौचक ने एक से बढ़कर एक हास्य व्यंग्य गजल गीत छंद मुक्तक सवैया विभिन्न रसों में सुनाकर माहौल को ऊंचाई दिये सराहे गए। अंत में अध्यक्षता करते हुये ओमप्रकाश त्रिपाठी ने आजाद तिलक को समर्पित भावांजलि देकर आयोजन को विराम दिये। इस अवसर पर आत्म प्रकाश त्रिपाठी जयशंकर त्रिपाठी बृज किशोर देव ठाकुर कुशवाहा पुरुषोत्तम प्रधान फारुक अली हाश्मी देवानंद पांडेय राकेश दूबे एड, सोमारू आदि रहे। आयोजन देर शाम तक चलता रहा।

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