नई दिल्ली:-देश की राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ने लोगों की टेंशन बढ़ा दी है. लगातार दूसरे दिन भी एक्यूआई में वृद्धि हो रही है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, शुक्रवार को भी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता खराब रही. कई क्षेत्रों में AQI 300 के आंकड़े को पार कर गया था. आज सुबह इंडिया गेट के आसपास AQI 249 दर्ज किया गया. विशेषज्ञों ने भी इस पर चिंता जताई है. लेकिन, सवाल यह है कि दिल्ली में गर्मियों में हवा की गुणवत्ता क्यों गिर रही है?
बताया जा रहा है कि मई में कुछ दिनों से दिल्ली में धूल भरी आंधी और मौसमी परिस्थितियों की कमी के कारण हवा की गुणवत्ता में गिरावट आई है.दिल्ली फिलहाल को भीषण गर्मी की चपेट में है. मगर, दिल्लीवालों में एक दूसरे चीज से हड़कंप मचा है. देश की राजधानी में पारा के साथ वायु प्रदूषण से लोगों की हालत खराब है. बीते दिन खराब हवा की गुणवत्ता के कारण दिल्ली का AQI कुछ समय के लिए 500 के आंकड़े को पार कर गया था, जो खतरनाक स्तर को दर्शाता है.

क्यों गिर रहा AQI
मौसम विज्ञानियों ने वायु प्रदूषण के कई कारण बताए हैं. उनके अनुसार, पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों से उठा धूल भरा तूफान दिल्ली तक पहुंच रहा है. इसके अलावा, गर्मी में कम हवा की गति और नमी की कमी के कारण दिल्ली में प्रदूषक तत्व हवा में जमा हो रहे हैं. दिल्ली में सड़क की धूल, निर्माण कार्य और वाहनों का उत्सर्जन भी AQI को बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं.
प्रदूषण बोर्ड ने मास्क पहनने और धूल भरे वातावरण में जाने से बचने की सलाह दी है. सरकार ने नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव बढ़ाने की योजना बनाई है, लेकिन स्थायी समाधान की कमी चिंता का विषय बनी हुई है.
कहां कैसा रहा AQI
के अनुसार, सुबह 7:05 बजे तक शहर के कई हिस्सों में AQI के स्तर में वृद्धि दर्ज की गई. अशोक विहार 322, मुंडका 406, नरेला 305, पटपड़गंज 315, रोहिणी 331 और वजीरपुर 410 के साथ टॉप पर रहा.
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने इस अचानक पर्यावरणीय बदलाव के लिए 14 मई को रात 10:00 बजे से 11:30 बजे के बीच आईजीआई हवाई अड्डे के पास पालम क्षेत्र में चलने वाली तेज और धूल भरी हवाओं को जिम्मेदार ठहराया. इन हवाओं के कारण दृश्यता 4500 मीटर से घटकर 1200 मीटर रह गई थी. हवा की गति 30-40 किमी/घंटा तक पहुंच गई, जिससे पूरे क्षेत्र में तेजी से धूल फैल गई.

धूल भरी आंधी मुख्य कारण
एनवायरोकैटालिस्ट्स के संस्थापक और प्रमुख विश्लेषक सुनील दहिया ने कहा, “गर्मियों के महीनों में धूल भरी आंधी, शुष्क परिस्थितियों और सड़कों, निर्माण स्थलों और कचरा डंपिंग क्षेत्रों से धूल उड़ाने वाली तेज़ हवाओं के कारण भारत-गंगा के मैदानी इलाकों (आईजीपी) के शहरों में पीएम10 का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ जाता है. गर्मी के महीनों में जब हवाएं पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम से चलती हैं तो स्थिति और भी खराब हो जाती है.”
लैंडफिल में आग बनी आफत
उन्होंने बताया, “इसके अलावा, पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर में हाल ही में काफी वृद्धि दिल्ली देखी गई है. यह लैंडफिल में कचरे को जलाने, फसल अवशेषों को जलाने या यहां तक कि जंगल की आग से भी हो सकता है, जिससे शहर में प्रदूषण का बोझ बढ़ रहा है.”
AQI का स्तर अच्छा (0-50) से लेकर गंभीर (401-500) तक होता है, जो स्वस्थ व्यक्तियों और पहले से मौजूद बीमारियों वाले लोगों दोनों के लिए गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है. 201-300 के बीच का स्तर ‘खराब’ श्रेणी में आता है, जो लंबे समय तक संपर्क में रहने पर असुविधा और श्वसन संबंधी समस्याएं पैदा करता है.

उत्तर भारत में आंधी और गर्मी का कहर
उत्तर भारत में मौसम का मिश्रित प्रभाव देखने को मिलेगा। बिहार, पंजाब, उत्तर प्रदेश, और पश्चिमी राजस्थान में लू (heatwave) की स्थिति बनी रहेगी, जो लोगों के लिए परेशानी का सबब बन सकती है।
झारखंड और ओडिशा में गर्मी और उमस के कारण मौसम असहज रहेगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में गर्म रातें (warm nights) रहने की संभावना है। इसके साथ ही, बिहार में 17 और 18 मई को 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, और पश्चिम उत्तर प्रदेश में धूल भरी आंधी की चेतावनी दी गई है, जो यातायात और स्वास्थ्य पर असर डाल सकती है।
मौसम का असर और भविष्य
यह मौसम परिवर्तन न केवल लोगों के दैनिक जीवन को प्रभावित करेगा, बल्कि कृषि, पर्यटन, और बुनियादी ढांचे पर भी असर डालेगा। भारी बारिश (heavy rainfall) जहां कुछ क्षेत्रों में सूखे की स्थिति को कम कर सकती है, वहीं तेज हवाएं और तूफान (thunderstorm) नुकसान का कारण बन सकते हैं।
दिल्ली-एनसीआर में धूल भरी आंधी स्वास्थ्य समस्याएं, खासकर सांस संबंधी दिक्कतें बढ़ा सकती है। मौसम पूर्वानुमान (weather forecast) के आधार पर लोगों को अपनी योजनाएं बनाने और सावधानी बरतने की जरूरत है। यह अलर्ट न केवल मौसम की जानकारी देता है, बल्कि सुरक्षा और तैयारी की दिशा में एक कदम है।

दिल्ली में आंधी और तेज बारिश से मौसम बदला
दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में आंधी के साथ तेज बारिश से मौसम बदल गया है। इससे दिल्ली एनसीआर के लोगों को गर्मी और पलूशन दोनों से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान दिल्ली के साथ ही एनसीआर के विभिन्न इलाकों में आंधी के साथ हल्की बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान तेज हवाओं की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा देखी जा सकती है। शाम या रात के समय आंधी के दौरान हवा की स्पीड अस्थायी रूप से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
मौसम विभाग की मानें तो 16 से लेकर 22 मई के दौरान दिल्ली में 3 दिन आंधी के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि 16 मई को दिल्ली एनसीआर में आंधी और हल्की बारिश की संभावना 17 मई को भी बरकरार रह सकती है।
IMD ने 17 मई को भी दिल्ली और एनसीआर के विभिन्न हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और आंधी के साथ हल्की बारिश का अनुमान जताया है। हालांकि इसको लेकर किसी प्रकार (येलो, ऑरेंज या रेड) का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
17 मई को मौसम खराब रहने के दौरान हवा की स्पीड 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक देखी जा सकत है लेकिन सुबह के समय आंधी के दौरान अस्थायी रूप से हवा की स्पीड 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान है। इसके बाद 21 मई तक बारिश की संभावना नहीं है।
हालांकि 18 और 19 मई को दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और 15 से 25 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने का अनुमान है। कभी-कभी हवा की स्पीड 35 किलोमीटर प्रति घंटे की गति तक पहुंच सकती है। 17 मई को दिल्ली में अधिकतम तापमान 41 से 43 डिग्री जबकि न्यूनतम 27 से 29 डिग्री रिकॉर्ड किया जा सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, 22 मई को मौसम फिर करवट लेगा। 22 मई को दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। अचानक तेज आंधी के साथ बहुत हल्की बारिश देखी जा सकती है। इस दौरान हवा की स्पीड 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक देखी जा सकती है। आंधी के दौरान कभी-कभी हवा की स्पीड अस्थायी रूप से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इस दिन दिल्ली में अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री जबकि न्यूनतम 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रिकॉर्ड किया जा सकता है।















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