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कानपुर – आज करौली शंकर महादेव ने स्वयं हजारों भक्तों संग किया ऐतिहासिक “तपस पद यात्रा”

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कानपुर ब्रेकिंग न्यूज
नितीश श्रीवास्तव
सत्यार्थ न्यूज रिपोर्टर

आज करौली शंकर महादेव ने स्वयं हजारों भक्तों संग किया ऐतिहासिक “तपस पद यात्रा”

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कानपुर – पिपरगंवा ग्राम करौली स्थित “लव कुश आश्रम” के करौली धाम के शंकर महादेव के नाम से विश्व विख्यात “गुरुजी” (संतोष सिंह भदोरिया) पिछले 3 वर्षों से अपने दैनिक आध्यात्मिक कार्यों व सनातन धर्म की दिशा में वैदिक रीति रिवाज से देश-विदेश के जन कल्याणकारी कार्यक्रमों के तहत देश-विदेश में अक्सर खास चर्चा का विषय बने रहते हैं ।पिछले वर्ष भी असाध्य रोगियों को वैदिक रीति नीति से मात्र एक ही दिन में चंगा करने को लेकर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय टी-वी चैनलों में करौली सरकार के शंकर महादेव “गुरुजी” काफी सुर्खियों में रह चुके हैं ।बावजूद उसके करौली सरकार के शंकर महादेव “गुरु जी” को अपने अध्यात्मिक- वैदिक ज्ञान पर पूरा भरोसा है कि उन्हें कोई भी चैलेंज नहीं कर सकता और आज “तपस यात्रा” अपने रास्ते को तैयार करते हुए पूरे भारत को नशा मुक्त, रोग मुक्त, शोक मुक्त भारत का संदेश देने का लक्ष्य तय किया है

जिसके तहत उन्होंने कठिन व जटिल तपस्या यात्रा व दंडवत यात्रा करने का कम पिछले कई महीने से जारी कर रखा है । इसी संकल्प के तहत अब स्वयं करौली शंकर महादेव अपनी तपस्थली के आसन से उठकर स्वयं “लव कुश आश्रम” करौली सरकार धाम से पैदल चलकर कानपुर के सरसैया घाट तक शोक मुक्त- रोग मुक्त – नशा मुक्त भारत के संकल्प को लेकर पदयात्रा करने का बीड़ा उठाया है ।

 

गुरु जी के प्रति सदैव समर्पित रहती है शंकर सेना करौली सरकार के शंकर महादेव “गुरु जी” के समर्थन में पूरे देश में “शंकर सेना” निरंतर “गुरु जी” के निर्धारित लक्ष्य को लेकर दिन रात शंकर सेना के सदस्य समर्पित रहते हैं ।इसी क्रम के तहत शंकर सेना उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष सुबोध चोपड़ा ने बताया कि आरोप-प्रत्यारोप से हमारे गुरु जी के ऊपर कोई फर्क नहीं पड़ता ।आज तो कलयुग है, सतयुग और द्वापर तक में तमाम श्रिषी मुनियों पर भी आरोप-प्रत्यारोप रूप लगे । उदाहरण के तौर पर डाकू अंगुलीमाल जो कि बाद में ऋषि वाल्मीकि के रूप में रामायण की रचना की ।

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